विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

गोरखपुर राप्ती नदी के बढ़े जलस्तर का दो दिनों से आ रहा अलर्ट, क्या है इसका मतलब

Published: Wed, 30 Sep 2026 09:03 AM (IST)

गोरखपुर में बर्डघाट पर राप्ती नदी का जलस्तर सामान्य से ऊपर होने का सरकारी अलर्ट मोबाइल पर आ रहा है। ...और पढ़ें

मोबाइल पर आ रहा अलर्ट। जागरण

मोबाइल पर आ रहा अलर्ट। जागरण

HighLights

  1. बर्डघाट पर राप्ती नदी का जलस्तर सामान्य से ऊपर बह रहा है।

  2. भारत सरकार की पूर्व चेतावनी व्यवस्था से मोबाइल पर अलर्ट जारी।

  3. यह अलर्ट लोगों को समय रहते सतर्क करने का संकेत है।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। मोबाइल फोन पर पिछले दो दिनों से पहुंच रहा एक संदेश लोगों का ध्यान खींच रहा है-बर्डघाट पर राप्ती नदी सामान्य से ऊपर बाढ़ की स्थिति में बह रही है। संदेश देखकर घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन इसे नजरअंदाज करना भी ठीक नहीं। यह भारत सरकार की पूर्व चेतावनी व्यवस्था से भेजा गया सरकारी अलर्ट है। इसका उद्देश्य खतरे की स्थिति सामने आने से पहले लोगों को सतर्क करना है।

मोबाइल पर आने वाले संदेश के हेडर JG-NDMAEW-G में NDMA राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और EW पूर्व चेतावनी व्यवस्था से जुड़ा है। अंतिम G सरकारी श्रेणी के सत्यापित एसएमएस रूट की पहचान है। यानी यह इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित कोई सामान्य संदेश नहीं, बल्कि लोगों तक चेतावनी पहुंचाने की सरकारी व्यवस्था का हिस्सा है।

अलर्ट का मतलब बाढ़ की घोषणा नहीं

मोबाइल पर चेतावनी आने का यह अर्थ नहीं कि पूरे गोरखपुर में बाढ़ आ गई है। इसका मतलब है कि जिस निगरानी बिंदु के लिए सूचना जारी हुई है, वहां नदी की स्थिति सामान्य से ऊपर है और लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। बर्डघाट पर राप्ती का बढ़ा जलस्तर नदी के आसपास रहने वाले लोगों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।

पूर्व चेतावनी का उद्देश्य ही यही है कि खतरा गंभीर होने से पहले लोग अपनी गतिविधियों में सावधानी बरतें। इसलिए इसे डर का संदेश नहीं, समय रहते सतर्क होने का संकेत समझना चाहिए।

नदी के किनारे जरा सी लापरवाही भारी

बारिश के मौसम में नदी का खतरा केवल जलस्तर बढ़ने तक सीमित नहीं रहता। तेज बहाव, अचानक बढ़ता पानी और कमजोर किनारे हादसे का कारण बन सकते हैं। ऊपर से देखकर पानी की गहराई और बहाव का सही अंदाजा लगाना मुश्किल होता है।

ऐसे में जलस्तर देखने के लिए नदी या घाट तक जाना, सेल्फी लेना या वीडियो बनाना जोखिम भरा हो सकता है। बच्चों को नदी और तेज बहाव वाले पानी से दूर रखना जरूरी है। पानी में उतरकर गहराई जांचने या तेज बहाव में वाहन निकालने की कोशिश भी नहीं करनी चाहिए।

rapti_

अफवाह नहीं, आधिकारिक सूचना पर भरोसा

अलर्ट मिलने के बाद सबसे जरूरी है कि लोग स्थानीय प्रशासन की सूचनाओं पर नजर रखें। किसी संदेश को बढ़ा-चढ़ाकर इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित करने से बचें। स्थिति के बारे में जानकारी के लिए आधिकारिक सूचनाओं को ही आधार बनाएं।

राप्ती का अलर्ट डरने के लिए नहीं, सावधान होने के लिए है। खतरा सामने आने के बाद कदम उठाने से बेहतर है कि चेतावनी मिलते ही नदी से दूरी बना ली जाए।


अलर्ट को ऐसे समझें

क्या आया है?
बर्डघाट पर राप्ती सामान्य से ऊपर बाढ़ की स्थिति में बहने की सूचना।

किसका संदेश है?
भारत सरकार की पूर्व चेतावनी व्यवस्था से भेजा गया सरकारी अलर्ट।

क्या पूरे शहर में बाढ़ है?
नहीं। एक निगरानी बिंदु पर नदी की स्थिति सामान्य से ऊपर होना पूरे शहर में बाढ़ की स्थिति के बराबर नहीं है।

क्या करें?
नदी से दूरी रखें, बच्चों को पानी के पास न जाने दें और प्रशासन की सूचना पर नजर रखें।

क्या न करें?
जलस्तर देखने के लिए नदी किनारे न जाएं, सेल्फी न लें और तेज बहाव में वाहन निकालने का जोखिम न उठाएं।

याद रखें : अलर्ट का मतलब डरना नहीं, समय रहते सतर्क होना है।

यह भी पढ़ें- गोरखपुर में प्रेमिका के पति की हत्या में हिस्ट्रीशीटर समेत चार को उम्रकैद, कोर्ट ने सुनाई सजा

यह भी पढ़ें- गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर एफओबी निर्माण में देरी, छठ पर्व पर यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं