गोरखपुर में प्रेमिका के पति की हत्या में हिस्ट्रीशीटर समेत चार को उम्रकैद, कोर्ट ने सुनाई सजा
गोरखपुर की अदालत ने प्रेमिका के पति की हत्या के मामले में हिस्ट्रीशीटर डब्ल्यू सिंह समेत चार दोषियों को आजीवन ...और पढ़ें

अपर सत्र न्यायाधीश ने चारों दोषियों पर 1.04 लाख रुपये जुर्माना लगाया। सांकेतिक तस्वीर
HighLights
प्रेमिका के पति की हत्या में चार को उम्रकैद।
हिस्ट्रीशीटर डब्ल्यू सिंह समेत तीन अन्य दोषी करार।
प्रत्येक दोषी पर 1.04 लाख रुपये का जुर्माना भी।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। प्रेमिका के पति की हत्या करने के मामले में हिस्ट्रीशीटर डब्ल्यू सिंह उर्फ कामेश्वर समेत चार दोषियों को अपर सत्र न्यायाधीश नितिन कुमार ठाकुर ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने देवरिया के गौरी बाजार थाना क्षेत्र के पथरहट निवासी डब्ल्यू सिंह उर्फ कामेश्वर, राधेश्याम, अनिल मौर्या और सुनील तेली को दोषी करार देते हुए प्रत्येक पर 1.04 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है।
अभियोजन के अनुसार, डब्ल्यू ने अपने साथियों के साथ मिलकर प्रेमिका सुषमा सिंह के पति विक्की सिंह की हत्या की थी। सुषमा और मुकेश भी मामले में आरोपित हैं, लेकिन विचारण के दौरान फरार हो गए।
घटना 22-23 अप्रैल 2017 की रात करीब एक बजे की है। अभियोजन के अनुसार, कैंट क्षेत्र के विशुनपुरवा निवासी सुषमा सिंह ने फोन कर डब्ल्यू सिंह को घर बुलाया था। इसके बाद डब्ल्यू अपने साथियों के साथ मिलरकर विक्की की हत्या कर दी। उसके शव को मोटरसाइकिल पर रखकर साथी संग ठिकाने ले जा रहा था। विक्की के पिता देवेंद्र प्रताप सिंह ने उसे देख लिया। शोर मचाने पर परिवार के लोग और रिश्तेदार भी बाहर आ गए और आरोपितों का पीछा शुरू कर दिया।
अभियोजन के मुताबिक, परिवार के लोगों को पीछे आते देखकर आरोपित विक्की को मोटरसाइकिल समेत छोड़कर भागने लगे। इसी दौरान देवेंद्र प्रताप सिंह ने डब्ल्यू सिंह और राधेश्याम को पकड़ लिया। पूछताछ में डब्ल्यू ने कथित तौर पर विक्की की पत्नी सुषमा से अपने प्रेम संबंध की बात बताई। अभियोजन का कहना था कि सुषमा के कहने पर ही डब्ल्यू ने साथियों के साथ मिलकर विक्की की हत्या की थी।
मामले में अभियोजन ने यह भी बताया कि विक्की की हत्या के बाद आरोपित शव को ठिकाने लगाने की कोशिश में थे। इसी दौरान परिवार व पुलिस की सक्रियता से डब्ल्यू और राधेश्याम पकड़ में आ गए। मामले में सुषमा सिंह और मुकेश को भी आरोपित बनाया गया है, लेकिन विचारण के दौरान दोनों फरार हो गए। वहीं डब्ल्यू सिंह उर्फ कामेश्वर सिंह, राधेश्याम, अनिल मौर्या और सुनील तेली के विरुद्ध मुकदमे की सुनवाई जारी रही।
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अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता धीरेन्द्र जायसवाल और सतीश यादव ने अदालत में साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने चारों को हत्या का दोषी माना और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। प्रत्येक दोषी पर 1.04 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
