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गोरखपुर के अस्पताल में जन्म, फिर भी प्रमाणपत्र के लिए भटक रहे स्वजन

Published: Wed, 30 Sep 2026 03:47 PM (GMT+05:30)

गोरखपुर में निजी अस्पतालों द्वारा जन्म प्रमाण पत्र के लिए सीआरएस पोर्टल पर जानकारी दर्ज न करने से माता-पिता को ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

HighLights

  1. निजी अस्पतालों की लापरवाही से जन्म प्रमाण पत्र मिलने में हो रही देरी।

  2. जन्म-मृत्यु की सूचना सीआरएस पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य।

  3. गोरखपुर नगर निगम ने 100 निजी अस्पतालों को चेतावनी दी।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। निजी अस्पताल में बच्चे का जन्म होने के बाद माता-पिता को जन्म प्रमाणपत्र के लिए भटकना पड़ रहा है। व्यवस्था ऐसी है कि अस्पताल में ही जन्म की सूचना सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (सीआरएस) पोर्टल पर दर्ज हो जाए और पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रमाणपत्र आसानी से मिल सके।

यह सूचना 21 दिन के अंदर ही करनी होती है। इसके बाद अस्पताल से ही जन्म प्रमाणपत्र जारी कर दिया जाता है। इससे स्वजन को नगर निगम कार्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ती। इसके बावजूद कई निजी अस्पताल जन्म की सूचना समय से पोर्टल पर दर्ज नहीं कर रहे हैं। इसका खामियाजा बच्चे के माता-पिता को भुगतना पड़ रहा है।

इसको देखते हुए नगर निगम ने करीब 100 निजी अस्पतालों को पत्र भेजकर प्रत्येक जन्म और मृत्यु की सूचना सीआरएस पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों को चेतावनी दी गई है कि सूचना दर्ज करने में लापरवाही मिलने पर जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।

अस्पतालों को आइडी-पासवर्ड, फिर भी लापरवाही
नगर निकाय निदेशालय के निर्देश के अनुसार निजी चिकित्सालयों में होने वाले जन्म और मृत्यु की सूचना संबंधित रजिस्ट्रार कार्यालय को उपलब्ध कराना अस्पताल प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसके लिए नगर निगम क्षेत्र के पांचों जोन के निजी अस्पतालों को सीआरएस पोर्टल पर सूचना दर्ज करने के लिए इन्फार्मेंट आइडी और पासवर्ड उपलब्ध कराए गए हैं।

अस्पताल प्रशासन को बच्चे के जन्म से संबंधित आवश्यक जानकारी पोर्टल पर दर्ज करनी होती है। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत जन्म पंजीकरण पूरा होता है और प्रमाणपत्र प्राप्त किया जा सकता है। व्यवस्था का उद्देश्य यही है कि बच्चे के जन्म के बाद माता-पिता को प्रमाणपत्र बनवाने के लिए अलग से नगर निगम कार्यालय न जाना पड़े।

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मृत्यु की सूचना दर्ज करना भी अस्पताल की जिम्मेदारी
अस्पताल में मृत्यु होने पर उसकी सूचना भी सीआरएस पोर्टल पर दर्ज करना अस्पताल प्रशासन की जिम्मेदारी है। मृत्यु प्रमाणपत्र बैंक, बीमा, पेंशन और उत्तराधिकार समेत कई जरूरी कार्यों में आवश्यक होता है। अस्पताल की ओर से सूचना दर्ज नहीं होने पर मृतक के स्वजन को भी प्रमाणपत्र हासिल करने के लिए परेशानी उठानी पड़ती है।

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नगर निगम ने सभी संबंधित निजी अस्पतालों को जन्म और मृत्यु की प्रत्येक घटना की सूचना समय से शत-प्रतिशत सीआरएस पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। अस्पताल स्तर पर पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराने का उद्देश्य लोगों को अनावश्यक भागदौड़ से राहत देना है। नियमों का पालन नहीं करने वाले अस्पतालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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-प्रमोद कुमार, अपर नगर आयुक्त