गोरखपुर में 19,887 चालान, अभी भी 4 करोड़ 47 लाख बकाया
गोरखपुर में एक साल में 19,887 ट्रैफिक चालान हुए हैं, जिनमें से 14,633 अभी भी लंबित हैं और 4.47 करोड़ ...और पढ़ें

चालान व बकाए को लेकर सख्त हुआ है सुप्रीम कोर्ट। -सांकेतिक तस्वीर
HighLights
गोरखपुर में 19,887 चालानों में से 14,633 लंबित हैं।
ट्रैफिक चालानों का 4.47 करोड़ रुपये बकाया है।
नियम तोड़ने पर वाहन पंजीकरण और लाइसेंस निलंबित हो रहे हैं।
प्रेम नारायण द्विवेदी, गोरखपुर। सुप्रीम कोर्ट सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को लेकर यूं ही नहीं सख्त हुआ है। परिवहन विभाग और यातायात पुलिस, अनियमितता पर वाहनों का चालान काटती रहती है और चालक धड़ल्ले से फर्राटा भरते रहते हैं। न वाहन स्वामी चालान जमा करते हैं और न संबंधित विभाग वसूली कर पाते हैं। पकड़े जाने पर फिर चालान कट जाता है। चालकों पर चालान की कार्रवाई का कोई खास असर नहीं दिखता। वाहन चलते रहते हैं और चालान कटते रहते हैं।
इसका असर मार्ग दुर्घटनाओं पर पड़ता है। दुर्घटनाएं कम होने की बजाय और बढ़ती ही जा रही हैं। परिवहन विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो गोरखपुर जिले में एक साल में अनियमितता के आरोप में 19,887 चालान हुआ है। जिसमें अभी तक 5254 का ही डिस्पोजल (निस्तारण) हो पाया है। 14633 चालान अभी भी पेंडिंग पड़े हुए हैं।
चालान का करीब 4 करोड़ 47 लाख रुपये बकाया है। लगभग 5 करोड़, 91 लाख रुपये की ही वसूली हो पाई है। देश के विभिन्न राज्यों में ई-चालान का 45 हजार करोड़ रुपये बकाया है। ई-चालान के 25 हजार करोड़ रुपये वसूले गए हैं।
चालान को लेकर वाहन स्वामियों व चालकों की उदासीनता का आलम यह है कि होली के दिन चार फाटक हादसे के आरोपित प्रापर्टी डीलर गोल्डेन साहनी की फार्च्यूनर गाड़ी का सिर्फ एक वर्ष में 26 बार चालान कटा था। परिवहन विभाग ने सख्ती बरतते हुए चालक का ड्राइविंग लाइसेंस और यूपी 32 एलआर 0013 नंबर की फार्च्यूनर गाड़ी का पंजीयन निलंबित कर दिया। 97 वाहन ऐसे हैं, जिनका चालान 50 बार से भी ज्यादा कटा है। गोरखपुर की एक बाइक का 79 बार चालान कट है। देवरिया की एक बस के खिलाफ 90 बार तो दूसरी के खिलाफ 71 बार चालान दर्ज हुआ है।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी अरुण कुमार बताते हैं कि ई-चालान कटने के 90 दिन तक संबंधित वाहन स्वामी की प्रतीक्षा की जाती है। जुर्माना जमा नहीं होने पर चालान की वसूली के लिए प्रकरण को कोर्ट भेज दिया जाता है। 50 बार व उससे अधिक चालान के 40 वाहनों का पंजीयन निलंबित किया जा चुका है। 30 चालान व उससे अधिक वाले वाहनों के खिलाफ नोटिस जारी किया गया है। अब वाहनों का पंजीयन निलंबन के साथ चालकों का ड्राइविंग लाइसेंस भी निलंबित किया जा रहा है।
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ढांचे में बदलाव पर सात निजी बसों का चालान, एक सीज
ऑपरेशन कवच-2 अभियान के तहत उप परिवहन आयुक्त (गोरखपुर परिक्षेत्र) के नेतृत्व में परिवहन विभाग, परिवहन निगम और यातायात पुलिस की टीम ने मंगलवार को भगवानपुर टोल प्लाजा पर बड़ी संख्या में वाहनों को चेक किया। इस दौरान ढांचे में बदलाव करने के आरोप में सात प्राइवेट स्लीपर बसों को चालान काटा गया। एक बस सीज की गई। बस बाडी कोड के मानकों के विपरीत संचालित बसों के विरुद्ध यह विशेष अभियान 30 सितंबर तक चलेगा।
