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मांझे से मौत के बाद एक्शन मोड में गोरखपुर पुलिस, पतंग उड़ा रहे 20 लोगों को पकड़ा

By Satish PandeyEdited By: Vivek Shukla
Published: Fri, 16 Oct 2026 12:25 PM (IST)

गोरखपुर में प्रतिबंधित मांझे से पतंग उड़ाने वाले 20 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया और शांतिभंग में चालान ...और पढ़ें

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HighLights

  1. गोरखपुर में 20 लोग प्रतिबंधित मांझे संग पतंग उड़ाते पकड़े गए।

  2. पुलिस ने सभी का शांतिभंग की आशंका में चालान किया है।

  3. प्रतिबंधित मांझे से हुई मौत के मामले में अभी गिरफ्तारी नहीं।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। प्रतिबंधित मांझे से हादसों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के बीच तिवारीपुर और राजघाट पुलिस ने गुरुवार शाम प्रतिबंधित मांझे का इस्तेमाल कर पतंग उड़ाने वाले 20 लोगों को हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद शुक्रवार सुबह सभी का शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया गया।

दूसरी ओर, शनिवार, 10 अक्टूबर को हार्बर्ट बांध पर प्रतिबंधित मांझे की चपेट में आने से जान गंवाने वाले रमेश कन्नौजिया की मौत के मामले में अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। रमेश की पत्नी ने अज्ञात के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।

तिवारीपुर और राजघाट पुलिस ने गुरुवार शाम अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए 20 लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार, ये लोग प्लास्टिक और प्रतिबंधित मांझे से पतंग उड़ा रहे थे। पूछताछ के बाद शुक्रवार सुबह सभी का शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया गया।

पुलिस का कहना है कि प्रतिबंधित मांझे के इस्तेमाल और बिक्री पर रोक लगाने के लिए अभियान जारी रहेगा। 10 अक्टूबर को हार्बर्ट बांध पर रमेश कन्नौजिया के गले में प्रतिबंधित मांझा फंस गया था, जिससे उनकी मौत हो गई थी।

इस घटना के बाद उनकी पत्नी ने अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। हादसे के छह दिन बाद भी मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मांझा कहां से आया तथा इसे किसने इस्तेमाल किया था।

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सीओ कोतवाली ओंकार दत्त तिवारी ने बताया कि प्रतिबंधित मांझा बेचने वालों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस का लक्ष्य इसकी बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लगाना है, ताकि इस तरह के हादसों को रोका जा सके।

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