गोरखपुर में खून की तस्करी का भंडाफोड़, 100 यूनिट ब्लड के साथ दो आरोपी गिरफ्तार
गोरखपुर में पुलिस और औषधि विभाग ने खून की अवैध खरीद-बिक्री करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है।

100 यूनिट ब्लड के साथ पकड़े गए मुरादाबाद के रहने वाले आरोपी
HighLights
गोरखपुर में अवैध खून तस्करी गिरोह का भंडाफोड़।
100 यूनिट रेड ब्लड सेल्स बरामद, दो आरोपी गिरफ्तार।
मुरादाबाद से रक्त लाकर गोरखपुर में बेचते थे।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। खून की अवैध खरीद-बिक्री करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। रामगढ़ताल पुलिस और औषधि विभाग की संयुक्त टीम ने मंगलवार रात को भगत चौराहे के पास एक कार से 100 यूनिट रेड ब्लड सेल्स (पीआरबीसी) बरामद किए।
कार सवार मुरादाबाद के हरतलका बाजार सिविल लाइंस निवासी फहीम अहमद और सिरसवागौड़ के जैतपुर, भाेजपुर में रहने वाले ताज गुड्डू को गिरफ्तार किया। आरोपित मुरादाबाद के एसएस चैरिटेबल ब्लड बैंक से सस्ते दाम पर रक्त लेकर गोरखपुर में ऊंचे दाम पर बेचने के लिए ला रहे थे। बरामद रक्त की खेप गोरखपुर के आरोग्य ब्लड बैंक में सप्लाई की जानी थी।
पुलिस के मुताबिक, जिले में दूसरे राज्यों से वाहनों में छिपाकर रक्त लाने और उसे अलग-अलग ब्लड बैंकों में ऊंचे दाम पर बेचने वाले गिरोह की सूचना मिल रही थी। इस गिरोह के सदस्य राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से रक्त की खेप लाते थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने जांच के निर्देश दिए थे। इसके बाद आजाद चौक चौकी प्रभारी अमित चौबे ने संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटानी शुरू की।
मंगलवार को मुखबिर से सूचना मिली कि मुरादाबाद से अवैध रूप से रक्त की खेप गोरखपुर पहुंचने वाली है। इस पर चौकी प्रभारी ने औषधि निरीक्षक श्रीध्वजेश्वर शुक्ला को जानकारी दी। इसके बाद पुलिस और औषधि विभाग की संयुक्त टीम गठित कर एलआइसी कार्यालय के पास घेराबंदी की गई। इसी दौरान यूके नंबर की सफेद ऑल्टो कार को रोककर टीम ने तलाशी ली तो कार में रक्त के पैकेट छिपाकर रखे मिले।
पुलिस के अनुसार, पिछली सीट पर रखे दफ्ती के डिब्बे से 40 और कार की डिक्की में रखे थर्माकोल के डिब्बे से 60 ब्लड बैग बरामद हुए। इस तरह कुल 100 यूनिट रेड ब्लड सेल्स मिले। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे मुरादाबाद के एसएस चैरिटेबल ब्लड बैंक से कम कीमत पर रक्त लेकर मांग के अनुसार अलग-अलग ब्लड बैंकों तक पहुंचाते थे। वहां इसे अधिक कीमत पर बेचते थे।
औषधि निरीक्षक ने बरामद दोनों डिब्बों से एक-एक यूनिट रक्त नमूने के रूप में लेकर जांच के लिए सुरक्षित किया है। टीम रक्त की गुणवत्ता और उससे जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल कर रही है। शुरुआती जांच में रक्त के रखरखाव में निर्धारित कोल्ड चेन का पालन नहीं किए जाने की बात सामने आई है।
कई पैकेटों पर रक्त संग्रह और एक्सपायरी की तारीख भी अंकित नहीं मिली।सीओ कैंट अरुण कुमार एस ने बताया कि चौकी प्रभारी ने पकड़े गए आरोपितों के विरुद्ध जालसाजी और औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम की धारा 18/27 के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। तस्करी में इस्तेमाल कार को भी सीज कर दिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा किन-किन ब्लड बैंकों तक इस तरह रक्त की आपूर्ति की जा थी।
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