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जागरण एजेंडा: गोरखपुर में बेलगाम डंपर बन रहे मौत का कारण, बढ़ रहे सड़क हादसे

Published: Thu, 17 Sep 2026 11:43 AM (IST)

गोरखपुर में तेज रफ्तार और ओवरलोड डंपर राहगीरों के लिए बड़ा खतरा बन गए हैं, जिनके पास अक्सर वैध परमिट, ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

HighLights

  1. गोरखपुर में तेज रफ्तार डंपर बढ़ा रहे हादसों का खतरा।

  2. डंपरों पर वैध परमिट, फिटनेस, नंबर प्लेट की कमी।

  3. जनता ने सख्त जांच, लापरवाह चालकों पर कार्रवाई की मांग की।

जितेन्द्र पाण्डेय,  गोरखपुर। शहर और आसपास के मार्गों पर तेज रफ्तार डंपर राहगीरों के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। कई डंपर बिना वैध परमिट, फिटनेस और बीमा की नियमित जांच के सड़कों पर दौड़ रहे हैं। ओवरलोडिंग के कारण वाहनों को नियंत्रित करना मुश्किल होता है और ब्रेकिंग दूरी भी बढ़ जाती है। इससे हादसे की आशंका बनी रहती है।

लोगों के अनुसार दिन और रात के समय निगरानी कम होने का फायदा उठाकर डंपर चालक यातायात नियमों की अनदेखी करते हैं। कई चालक तेज गति से वाहन चलाते हैं और मोड़ व चौराहों पर भी गति कम किए बिना वाहन निकाल देते हैं। तौल व्यवस्था प्रभावी नहीं होने से मिट्टी और निर्माण सामग्री लदे डंपर क्षमता से अधिक भार लेकर चलते हैं।

कई डंपरों के पीछे नंबर प्लेट नहीं होने की भी शिकायत है। ऐसे में दुर्घटना के बाद वाहन की पहचान करना मुश्किल हो जाता है। लोगों का कहना है कि नंबर प्लेट नहीं होने का फायदा उठाकर चालक हादसे के बाद वाहन लेकर भाग जाते हैं। नियमानुसार व्यावसायिक वाहनों के लिए वैध परमिट, फिटनेस और बीमा के साथ निर्धारित गति सीमा का पालन तथा आगे-पीछे नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार्रवाई के दौरान भी कई मामलों में अज्ञात डंपर और चालक के विरुद्ध ही मुकदमा दर्ज हो पाता है। परिवहन विभाग, पुलिस और प्रशासन की ओर से नियमित और प्रभावी जांच नहीं होने से वाहन मालिकों व चालकों की मनमानी बढ़ रही है। आए दिन डंपरों की चपेट में आकर लोग घायल हो रहे हैं और कई घटनाओं में जान भी जा चुकी है।

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डंपर में फंसी कार को घसीटता रहा चालक
गुरुवार रात करीब 11:15 बजे गीडा स्थित महाराष्ट्रा फीड कंपनी से लौट रहे दो युवक नौसढ़ के छपिया मोड़ के पास हादसे का शिकार हो गए थे। स्विफ्ट डिजायर में पीछे से तेज रफ्तार डंपर ने टक्कर मार दी। कार डंपर में फंस गई, लेकिन चालक वाहन रोकने के बजाय उसे आगे बढ़ाता रहा। कार सड़क पर घिसटती रही और दोनों युवक अंदर फंसे मदद के लिए चिल्लाते रहे। नौसढ़ चौकी के आरक्षी राहुल कुशवाहा व विकास यादव ने डंपर को पुल के पास घेरकर रुकवाया और दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाला।

पुलिस की योजना भी नहीं आ रही काम
डंपर पर लगाम लगाने के लिए पुलिस अधिकारियों ने थानेवार डंपरों की संख्या और कोड भी निर्धारित कर दिया है। पूर्व में हुए हादसों के बाद अभियान चलाकर कुछ डंपरों को सीज भी किया। इसके बाद भी रफ्तार को नहीं कम कर सकी, इससे आए दिन नशे में डंपर चला रहे चालक लोगों को मौत की नींद सुला रहे है।

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गुलरिहा थाने में 19 डंपर पंजीकृत
गुलरिहा थाने में 19 डंपर पंजीकृत हैं। इनके संचालन का निर्धारित समय रात 11 बजे से सुबह चार बजे तक बताया गया है। पुलिस का दावा है कि बरसात के मौसम में डंपरों का संचालन न के बराबर हो रहा है। नाहरपुर में दुर्घटना वाले स्थान के पास डंपर की मरम्मत होती है। विश्वकर्मा पूजा को देखते हुए संबंधित डंपर को धुलवाने के लिए ले जाया जा रहा था। इसी दौरान हादसा हो गया।

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तेज रफ्तार में चलने वाले डंपरों के विरुद्ध अभियान चलाने के लिए थानेदारों को निर्देशित किया गया है। समय-समय पर इनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई भी की जाती है।

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-निमिष पाटील, एसपी सिटी