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सबरंग: लहंगे की लहर और डांडिया की ताल पर सज रहा गोरखपुर शहर, हर तरफ मची है धूम

Published: Sat, 17 Oct 2026 12:59 PM (IST)

गोरखपुर में नवरात्रि के दौरान गरबा और डांडिया का उत्साह चरम पर है, जहाँ पारंपरिक गुजराती परिधानों और डांडिया स्टिक ...और पढ़ें

डांडिया के आयोजन में नृत्य करती महिला श्रद्धालु। अभिनव राजन चतुर्वेदी

डांडिया के आयोजन में नृत्य करती महिला श्रद्धालु। अभिनव राजन चतुर्वेदी

HighLights

  1. गोरखपुर में नवरात्रि गरबा-डांडिया का उत्साह चरम पर।

  2. पारंपरिक गुजराती वेशभूषा और डांडिया स्टिक की मांग।

  3. डिजिटल प्रिंट, अजरक परिधान युवाओं की पहली पसंद।

अरुण कुमार मुन्ना, गोरखपुर। ढोल की थाप पड़ते ही कदम थिरकने लगते हैं। घेरदार लहंगों की रंगीन लहरियां, चोली पर चमकता शीशे का काम, कानों में झुमके और हाथों में डांडिया स्टिक नवरात्र की शाम में गरबा और डांडिया का यह रंग आयोजनों में छा रहा है। मां दुर्गा की आराधना के साथ शुरू हुए कार्यक्रमों में महिलाएं, युवतियां और युवा उत्साह से शामिल हो रहे हैं।

कोई पारंपरिक गुजराती वेशभूषा में गरबा की गोलाकार लय साध रहा है, तो कोई साथी के साथ डांडिया की ताल मिला रहा है। इस उत्सव में पहनावा केवल सजने-संवरने का साधन नहीं, बल्कि आयोजन के रंग में घुलने का हिस्सा बन गया है। परिधान, आभूषण और डांडिया स्टिक की मांग भी बाजार में दिखने लगी है।

गरबा की पहचान रंगीन और पारंपरिक पहनावे से है। घेरदार लहंगा, चनिया-चोली, गोटा-पट्टी, शीशे की कढ़ाई और चटख रंग इस वेशभूषा को विशेष बनाते हैं। महिलाएं इनके साथ झुमके, हार, चूड़ियां, मांगटीका और कमरबंद पहनकर उत्सव के अनुरूप शृंगार कर रही हैं। पारंपरिक डिजाइनों के साथ इस बार अजरक और डिजिटल प्रिंट वाले परिधानों तथा इंडो-वेस्टर्न शैली के कपड़ों की भी मांग है।

रेती चौक, हिंदी बाजार, गोलघर, सिविल लाइंस सहित अन्य स्थानों पर ऐसे कपड़ों के लिए लोग स्थानीय बुटीक और कपड़ों को खरीदने पहुंच रहे हैं।

डांडिया की तैयारी कर रही करुणा बताती हैं कि विशेष डिजाइन तलाशने वाले आनलाइन बाजार में भी विकल्प देख रहे हैं। पसंद का रंग, डिजाइन और बजट तय कर खरीदारी की जा रही है। पारंपरिक गुजराती पहनावे की लोकप्रियता से से इस शैली के कपड़ों की तलाश बढ़ी है।

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डांडिया खेलने वालों के लिए स्टिक नृत्य का साधन होने के साथ पहनावे का हिस्सा भी है। रंगीन पोशाक से मेल खाती स्टिक नृत्य को और आकर्षक बनाती है। लकड़ी की सामान्य स्टिक के अलावा प्रिंटेड, गोटा जड़ी, डिजाइनर, नवरात्र विशेष और तिरंगे रंग वाली स्टिक पसंद की जा रही हैं। कुछ लोग चमकीली सजावट वाली स्टिक चुनते हैं, तो कुछ पारंपरिक रंगों को प्राथमिकता देते हैं।

नखास के डांडिया स्टिक बेचने वाले आलोक बताते हैं कि मांग के अनुसार स्टिक लखनऊ और दिल्ली से मंगाई जाती हैं। दुकानों पर एक जोड़ी स्टिक की कीमत 100 रुपये तक है। आनलाइन कंपनियों पर छूट के बाद कुछ विकल्प 59 रुपये प्रति जोड़ी से शुरू होते हैं। लोग अपनी सुविधा के अनुसार दुकानों और आयोजन स्थलों पर लगे स्टालों से भी खरीदारी कर रहे हैं।

डांडिया आयोजनों से जुड़े प्रवीण राज बताते हैं कि आनलाइन खरीदारी ने लोगों के लिए विकल्प बढ़ाए हैं। रंगीन स्टिक, सजावटी सामान और बच्चों के लिए आकर्षक वस्तुएं लोग देखकर पसंद कर रहे हैं। डांडिया के लिए लोग आनलाइन मार्केट से सामान आयोजन स्थल पर मंगा रहे हैं।

जेमिनी पैराडाइज के अध्यक्ष दिलीप मिश्रा बताते हैं कि परिसर में आयोजित डांडिया कार्यक्रम में गुजरात के प्रशिक्षक बृजेश जानी शामिल होंगे। इसकी तैयारी में नियमित रूप से डांडिया खेलने वाले अपने कदमों की लय और पहनावे की तैयारी के साथ उत्सव का आनंद ले रहे हैं।

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युवतियों को डिजिटल प्रिंट, अजरक और हाथी प्रिंट वाले लहंगे पसंद आ रहे हैं। मिरर वर्क वाली चनिया-चोली से लेकर सदरी और दुपट्टे तक, डांडिया नाइट के लिए कई विकल्प मौजूद हैं। युवा गुजराती और राजस्थानी डिजाइन के कुर्तों को प्राथमिकता दे रहे हैं।

विक्रेता रोहित कश्यप बताते हैं कि डिजिटल प्रिंट वाली गरबा ड्रेस की मांग है। आकर्षक रंग और आधुनिक डिजाइन युवाओं को पसंद आ रहे हैं। बाजार में प्लेन कुर्तों के साथ गुजराती और राजस्थानी डिजाइन के विकल्प भी हैं। सदरी और दुपट्टे के साथ पारंपरिक पहनावे को नया अंदाज दिया जा रहा है। इन कुर्तों की कीमत 150 से 1500 रुपये तक है, जिससे अलग-अलग बजट के खरीदार अपनी पसंद से खरीदारी कर सकते हैं।

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गोलघर के कपड़ों के विक्रेता अभिषेक जायसवाल बताते हैं कि डांडिया के लिए नए डिजाइन के कुर्ते उपलब्ध हैं और पिछले कुछ दिनों से दुकानों पर खरीदारों की आवाजाही बढ़ी है। युवा बाजार में मौजूद विभिन्न डिजाइनों में से अपनी पसंद के अनुसार चुनाव कर रहे हैं। डिजिटल प्रिंट की रंगत और गुजराती-राजस्थानी कुर्तों की पारंपरिक छटा के बीच डांडिया का फैशन युवाओं की पसंद के मुताबिक नया रूप ले रहा है।

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