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गोरखपुर में घी, चायपत्ती, काली मिर्च से चने तक... मिलावट का जाल; ऐसे पहचानें असली और नकली का अंतर

Published: Sat, 17 Oct 2026 12:03 PM (IST)

गोरखपुर में घी, चायपत्ती, काली मिर्च और चने सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों में मिलावट का व्यापक जाल फैला है, जिस ...और पढ़ें

यह तस्वीर AI द्वारा बनाई गई है।

यह तस्वीर AI द्वारा बनाई गई है।

HighLights

  1. गोरखपुर में घी, चायपत्ती, काली मिर्च में मिलावट का जाल।

  2. एफएसडीए ने 70 लाख का मिलावटी सामान जब्त किया।

  3. नवरात्र से दीपावली तक विशेष जांच अभियान जारी।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। घी से लेकर चायपत्ती, काली मिर्च, चना और मिठाइयों तक मिलावट का जाल फैला है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की कार्रवाई में गोरखपुर में अलग-अलग मौकों पर ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर 400 किलोग्राम से अधिक नकली घी, करीब 4.77 क्विंटल मिलावटी काली मिर्च और प्रतिबंधित सिंथेटिक रंग वाला 30 टन भुना चना पकड़ा जा चुका है। चायपत्ती में कृत्रिम रंग मिलाने और मिठाइयों में मिलावट के मामले भी सामने आए हैं।

इन सारी मिलावटखोरी के बीच खाद्य सुरक्षा विभाग भी सक्रिय है। नवरात्र से दीपावली तक चलाए जा रहे अभियान के दौरान कुट्टू के आटे के अलावा पूजा घी, पतंजलि घी और पूजा के तेल का नमूना लिया गया। संदिग्ध गुणवत्ता एवं मानकों के उल्लंघन की आशंका में करीब 50 हजार की सामग्री जब्त की गई है।

वहीं, होली से अब तक 283 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए हैं। मिलावट और मानकों के उल्लंघन से जुड़े मामलों में करीब 70 लाख रुपये मूल्य का सामान जब्त किया गया है, जबकि 8.69 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

ये आंकड़े बताते हैं कि कार्रवाई के बावजूद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से लगातार खिलवाड़ किया जा रहा है। खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान समय में नवरात्र से लेकर दीपावली तक विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है।

चायपत्ती में जूत्ते का पालिश का रंग, काली मिर्च में रंगकर पपीते के बीज
चौरीचौरा में किराये के मकान में ब्रांडेड कंपनियों के नाम वाले नकली रैपर और डिब्बों में घटिया घी पैक करने का मामला पकड़ा गया था। कार्रवाई में 400 किलोग्राम से अधिक घी जब्त किया गया। तिवारीपुर क्षेत्र के मोहनलालपुर स्थित गोदाम में छापेमारी के दौरान करीब 4.77 क्विंटल मिलावटी साबुत काली मिर्च मिली। इसमें पपीते या अन्य फलों के बीजों को काले रंग में रंगकर असली काली मिर्च के साथ मिलाया जा रहा था।

गोरखपुर के रास्ते दूसरे जिलों में भेजे जा रहे करीब 30 टन भुने चने की खेप में प्रतिबंधित सिंथेटिक डाई ओरामीन-ओ मिलने पर उसे सीज किया गया था। इसके अलावा खुले में बिकने वाली चायपत्ती में कृत्रिम रंग मिलाने के मामले भी पकड़े गए। इंदिरा बाल विहार, शास्त्री चौक और सड़क किनारे की दुकानों पर हुई कार्रवाई में ऐसी चायपत्ती मिली, जो पानी में डालने पर तेजी से रंग छोड़ती थी।

मिठाई, खोवा और तेल में मिलावट से लेकर मानक से खिलवाड़
त्योहारों के दौरान चौरीचौरा और हाईवे क्षेत्र में मिलावटी मिठाई तथा नकली मावा पकड़े जाने की कार्रवाई भी हुई है। अलग-अलग मामलों में 600 से 750 किलोग्राम तक मिलावटी मिठाई और नकली मावा पकड़ा गया। लालडिग्गी क्षेत्र में सास और चटनी बनाने वाली इकाइयों में मानकों के विपरीत रंगों के इस्तेमाल पर भी कार्रवाई हुई। होटलों और रेस्टोरेंट में खाद्य तेल को बार-बार गर्म कर इस्तेमाल करने के मामले जांच के दायरे में आए हैं।

इन चीजों में मिलावट से ऐसे रहें सतर्क (सहायक आयुक्त खाद्य डा. सुधीर कुमार सिंह के अनुसार)

घी
मिलावट: इसमें मुख्य रूप से वनस्पति घी, डालडा, आलू या उबले हुए शकरकंद का स्टार्च और पाम आयल मिलाया जाता है।
पहचान: एक चम्मच घी में थोड़ा सा आयोडीन का घोल मिलाएं; यदि घी का रंग बदलकर नीला हो जाता है, तो उसमें स्टार्च की मिलावट है।

चायपत्ती
मिलावट: इसमें इस्तेमाल की जा चुकी सूखी चायपत्ती और कृत्रिम या केमिकल वाले रंगों की मिलावट की जाती है।
पहचान: चायपत्ती को ठंडे पानी में डालें; यदि पानी तुरंत रंग छोड़ने लगे, तो समझें कि उसमें कृत्रिम रंग मिलाया गया है।

काली मिर्च
मिलावट: इसमें मुख्य रूप से पपीते के सूखे बीज और हल्की या खोखली काली मिर्च मिलाई जाती है।
पहचान : काली मिर्च के दानों को पानी से भरे ग्लास में डालें। असली काली मिर्च नीचे बैठ जाएगी, जबकि पपीते के हल्के बीज पानी की सतह पर तैरने लगेंगे।

दूध
मिलावट : दूध में मुनाफा कमाने के लिए पानी, स्टार्च, डिटर्जेंट, यूरिया और सिंथेटिक दूध मिलाया जाता है।
पहचान : दूध की एक बूंद को चिकनी ढलान वाली सतह पर टपकाएं। असली दूध धीरे-धीरे बहते हुए सफेद लकीर छोड़ेगा, जबकि मिलावटी पानी वाला दूध तेजी से बह जाएगा।

पनीर
मिलावट : पनीर का वजन और गाढ़ापन बढ़ाने के लिए इसमें मैदा, स्टार्च और डिटर्जेंट मिलाया जाता है।
पहचान : पनीर के टुकड़े को पानी में उबालकर ठंडा करें और उस पर आयोडीन की कुछ बूंदें डालें। यदि पनीर का रंग नीला या काला पड़ जाए, तो वह मिलावटी है।

मसाला
मिलावट : पिसे मसालों (जैसे लाल मिर्च या हल्दी) में ईंट का चूरा, रेत, लकड़ी का बुरादा और मेटानिल पीला रंग मिलाया जाता है.
पहचान: एक चम्मच मसाले को कांच के पानी वाले ग्लास में घोलें। रेत या ईंट का चूरा भारी होने के कारण ग्लास की तली में बैठ जाएगा।

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विभाग लगातार खाद्य पदार्थों के नमूने लेता है। होली से अब तक पौने तीन से भी ज्यादा नमूने लिए गए। इस दौरान करीब 70 लाख का सामान जब्त किया गया है और साढ़े आठ लाख से भी ज्यादा जुर्माना वसूला गया। त्योहारों में मिठाई, खोवा, पनीर और घी की मांग बढ़ने के कारण जांच तेज की जाती है। नवरात्र से दीपावली तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

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-डा. सुधीर कुमार सिंह, सहायक आयुक्त खाद्य