गोरखपुर में कृषक नंदिनी समृद्धि योजना की डेयरी अधूरी, अनुदान अटका
गोरखपुर में कृषक नंदिनी समृद्धि योजना के तहत चयनित छह में से तीन डेयरी का काम अधूरा है, जिससे उन्हें ...और पढ़ें

यह तस्वीर AI द्वारा बनाई गई है।
HighLights
कृषक नंदिनी समृद्धि योजना की तीन डेयरी अधूरी।
अनुदान की दूसरी, तीसरी किस्त नहीं मिल पाई।
लाभार्थियों को कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। कृषक नंदिनी समृद्धि योजना में चयनित डेयरी का काम पूरा नहीं हो सका है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में चयनित छह में से तीन का काम अभी अधूरा है। इनको अनुदान की पहली किस्त तो मिल गई है, लेकिन काम पूर्ण न होने की वजह से दूसरी व तीसरी किस्त नहीं मिल सकी है।
नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत प्रदेश सरकार की ओर से शुरू हुई कृषक नंदिनी समृद्धि योजना में अनुदान पर देसी नस्ल की 25 गाय का पालन करना था। ई-लाटरी के माध्यम से छह लोगों का चयन किया गया था। इकाई की लागत 62.50 लाख रुपये थी। इसमें से 50 प्रतिशत अनुदान था।
इसे तीन किस्तों में दिया जाता है। पहली बार में अनुदान की रकम का आधा तो दूसरी व तीसरी में बराबर-बराबर हिस्से में अनुदान दिया जाता है। चयनित तीन लोगों ने इकाई का कार्य पूर्ण कर लिया तो उनको अनुदान की पूरी रकम तीन किस्तों में मिल गई है। तीन लोगों का काम अभी भी अधूरा है।
इकाई निर्माण होने पर उन्हें अनुदान की आधी रकम मिल गई है। काम अधूरा होने की वजह से इनको दूसरी व तीसरी किस्त नहीं मिल सकी है। वहीं, दूसरी ओर योजना को चार साल में भी पूरा नहीं किया जा सका है। इसके बाद से अब मिनी कृषक नंदिनी समृद्धि योजना संचालित हो रही है।
यह भी पढ़ें- उत्तर प्रदेश में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हादसों में 16 की मौत, 28 घायल; 3 लोग अब भी लापता
इसमें लाभार्थी को देसी नस्ल की 10 गाय का पालन करना होता है। इस इकाई की लागत 23.60 लाख रुपये है। इसमें भी 50 प्रतिशत अनुदान मिलता है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. धर्मेंद्र पांडेय ने बताया कि वर्ष 2023-24 के तीन लाभार्थियों को इकाई का कार्य जल्द पूर्ण कराने के लिए कहा गया है।
