बिस्तर पर छिपा काल सुला रहा मौत की नींद, इन 5 सावधानियों से बचाएं जान
गोरखपुर में बरसात के मौसम में सोते समय सांप के डसने की तीन घटनाएं सामने आईं, जिनमें दो की मौत ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
HighLights
गोरखपुर में सोते समय सर्पदंश से दो की मौत।
करैत सांप शरीर की गर्मी के कारण बिस्तर में आते हैं।
सर्पदंश पर तुरंत अस्पताल जाएं, झाड़-फूंक से बचें।
आशुतोष मिश्र, गोरखपुर। रात में गहरी नींद और अचानक सांप के डंसने की घटना। जब तक कुछ समझ में आता है, तब तक देर हो चुकी होती है। गोरखपुर में सोमवार की रात ऐसी तीन घटनाएं सामने आईं। सहजनवा के बाहिलपार में सात वर्षीय हिमांशु की जान चली गई तो गुलरिहा के जंगल सखनी उर्फ मक्खनपुर में उदय निषाद की भी मौत हो गई। सहजनवा के भीमापार में 18 वर्षीय छात्रा सोनाक्षी को भी सोते समय सांप ने डंस लिया। समय पर अस्पताल पहुंचने से उसका उपचार हो सका और हालत ठीक बताई गई।
तीनों घटनाओं में एक समानता है-सांप ने सोते समय डंसा। ऐसे मामलों में करैत की आशंका रहती है, जो कि मक्खनपुर की घटना में पुष्ट भी हुई। यह रात में सक्रिय रहने वाला विषैला सांप है, जो घर में घुसकर बिस्तर तक पहुंच सकता है। इसके पीछे विशेषज्ञ बताते हैं कि इसे इंसानी शरीर की गर्मी पसंद है। इसी के लिए यह सांप बिस्तर में घुस जाता है। जब व्यक्ति करवट बदलता है या उसके शरीर में कोई अन्य हलचल होती है तो यह दंश कर देता है।
अंधेरे में खतरा, डंसने पर दर्द भी कम
करैत दिन में अंधेरी जगहों, लकड़ियों के ढेर, मलबे और घर के आसपास छिपा रह सकता है। रात में भोजन की तलाश में घर में प्रवेश करने पर बिस्तर या जमीन पर सो रहे व्यक्ति के संपर्क में आ सकता है। जमीन पर बिस्तर लगाना, दीवार से सटकर सोना और घर में चूहों की मौजूदगी जोखिम बढ़ा सकती है।
करैत के डंसने का खतरा यह है कि कई बार दर्द और सूजन बहुत कम होती है। व्यक्ति को तत्काल अहसास भी नहीं होता, जबकि विष तंत्रिका तंत्र को प्रभावित कर सकता है। पलकें झुकना, बोलने या निगलने में परेशानी और सांस लेने में कठिनाई जैसे लक्षण उभर सकते हैं। इसलिए रात में सांप के डंसने की आशंका हो तो लक्षणों का इंतजार करना जानलेवा हो सकता है।
इन पांच उपायों से घटेगा खतरा
- मच्छरदानी लगाकर सोएं: मच्छरदानी के किनारों को गद्दे के नीचे दबाकर रखें। संभव हो तो जमीन के बजाय पलंग पर सोएं।
- बिस्तर दीवार से दूर रखें: चादर-कंबल जमीन तक न लटकने दें। सोने से पहले बिस्तर और आसपास की जगह जांच लें।
- घर के रास्ते बंद करें: दरवाजों के नीचे की खाली जगह, दीवारों की दरारें और पाइप के आसपास के छेद बंद कराएं।
- आसपास सफाई रखें: झाड़ियां, कूड़ा, ईंट-लकड़ी के ढेर हटाएं। चूहों की मौजूदगी नियंत्रित करें।
- रात में टार्च जलाएं: अंधेरे में नंगे पैर न चलें। घर के बाहर या शौचालय जाते समय रोशनी का इस्तेमाल करें।
डंस ले तो झाड़-फूंक नहीं, सीधे अस्पताल
सांप के डंसने की आशंका पर मरीज को तत्काल अस्पताल पहुंचाएं। उसे शांत रखें, अनावश्यक हलचल न करने दें और प्रभावित अंग को स्थिर रखें। घाव को काटने, विष चूसने, कसकर रस्सी बांधने या घरेलू नुस्खे आजमाने से बचें। सांप को पकड़ने या मारने में समय न गंवाएं। उसकी पहचान के लिए पास जाने के बजाय सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
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संदेश साफ है
रात में सोते समय भी सर्पदंश का खतरा बना रहता है। हिमांशु और उदय की मौत बताती है कि थोड़ी-सी लापरवाही कितनी भारी पड़ सकती है। बचाव के उपाय अपनाएं और डंसने की आशंका पर बिना देर किए चिकित्सकीय सहायता लें।
