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गोरखपुर हत्याकांड: गांव का 'मिलनसार' लड़का और खामोश रात, क्यों रहस्य बन गई कार्तिकेय की हत्या

Published: Fri, 18 Sep 2026 10:05 AM (IST)

गोरखपुर के जयंतीपुर में कार्तिकेय उर्फ शुभम की सोते समय हुई हत्या से गांव में सनसनी फैल गई है, पुलिस ...और पढ़ें

सीसी कैमरे और मोबाइल से खुलेगा राज। जागरण

सीसी कैमरे और मोबाइल से खुलेगा राज। जागरण

HighLights

  1. जयंतीपुर में कार्तिकेय उर्फ शुभम की सोते समय हत्या।

  2. पुलिस ने चार संदिग्धों को हिरासत में लिया, जांच जारी।

  3. 2021 के रंगदारी मामले से भी जोड़कर देखी जा रही हत्या।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। जयंतीपुर के लोगों के लिए कार्तिकेय उर्फ शुभम की हत्या सबसे बड़ा सवाल बन गई है। ग्रामीणों के अनुसार, वह मिलनसार था और गांव में उसकी किसी से दुश्मनी नहीं थी। खेती-बारी का काम संभालने के साथ वह पढ़ाई भी कर रहा था। इसके बावजूद घर से महज 100 मीटर दूर सोते समय उसकी हत्या कर दी गई। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती हत्या की वजह और हमलावरों तक पहुंचने की है। संदेह के आधार पर पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीम ने गैंग्सटर समेत चार को हिरासत में लिया है।

पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। इसके साथ कार्तिकेय के मोबाइल फोन को कब्जे में लेकर उसकी काल डिटेल और संपर्कों की जांच की जा रही है। घटना से पहले वह किन लोगों के संपर्क में था और रात में उसकी गतिविधियां क्या थीं, इसकी भी पड़ताल हो रही है। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से खून के नमूने लिए हैं। चोटों की प्रकृति और मौके से मिले अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस वारदात का तरीका समझने की कोशिश कर रही है। घटनास्थल तक आने-जाने वाले रास्तों पर भी निगरानी की जा रही है।

जांच में वर्ष 2021 का रंगदारी प्रकरण भी सामने आया है। उस समय कार्तिकेय के पिता से 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगे जाने का मामला दर्ज हुआ था। हालांकि वर्तमान हत्या के पीछे वही वजह है, इसका कोई निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है। पुलिस पुराने विवाद के साथ व्यक्तिगत रंजिश, परिचितों की भूमिका और अन्य संभावित कारणों की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्य और पूछताछ से हत्या की वजह स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है।

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एक वर्ष बाद हटा ली गई थी सुरक्षा
पिता स्वदेश मिश्र किडनी ट्रांसप्लांट के बाद उपचार और देखभाल के दौर से गुजर रहे हैं। पत्नी व बड़े बेटे शिवम के साथ वह लखनऊ गए थे। गुरुवार सुबह छोटे बेटे कार्तिकेय की हत्या की खबर मिली तो बेसुध हो गए। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार का कहना है कि वर्तमान में किसी से कोई विवाद नहीं था। हालांकि वर्ष 2021 में 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगे जाने का मामला सामने आया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद परिवार को पुलिस सुरक्षा भी मिली थी। जो एक वर्ष बाद हटा ली गई।

गौशाला में ट्रैक्टर और सामान की रखवाली करता था
रोज रात में घर से करीब 100 मीटर दूर बने बंगले और गौशाला के बरामदे में कार्तिकेय सोता था। परिवार के अनुसार, गौशाला में गाय के साथ ट्रैक्टर और अन्य सामान रखा है जिसकी देखरेख करता था। घटना की जानकारी परिवार को गांव के शुभम यादव व ऋतिक चौधरी ने दी। इसके बाद घर में चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलने पर पुलिस सुबह 6:29 बजे मौके पर पहुंची।

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थोड़ी देर में वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंच गए। घटनास्थल की स्थिति देखकर पुलिस ने आसपास के हिस्से को सुरक्षित कर साक्ष्य जुटाने शुरू किए। पड़ोसियों का कहना है कि कार्तिकेय का व्यवहार अच्छा था। वह गांव में लोगों से मिलजुलकर रहता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि रात में घटनास्थल पर कौन पहुंचा था और वारदात के बाद हमलावर किस रास्ते से निकले।

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