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गोरखपुर में सपा का 2027 चुनाव के लिए पीडीए मंत्र, बूथ मजबूत कर बदलेंगे सत्ता का समीकरण

Published: Fri, 18 Sep 2026 07:37 AM (IST)

समाजवादी पार्टी ने 2027 विधानसभा चुनाव के लिए गोरखपुर में पीडीए कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित कर बूथ स्तर पर संगठन मजबूत ...और पढ़ें

सपा प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल। जागरण

सपा प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल। जागरण

HighLights

  1. सपा ने 2027 विधानसभा चुनाव के लिए बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने पर जोर दिया।

  2. प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने पीडीए सामाजिक समीकरण से चुनाव जीतने का मंत्र दिया।

  3. महिला, युवा, किसान और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर भाजपा को घेरने की रणनीति।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने की कवायद तेज कर दी है। पार्टी ने गुरुवार को खजनी विधानसभा क्षेत्र के महदेवा बाजार में आयोजित पीडीए कार्यकर्ता सम्मेलन में बूथ अध्यक्षों, बूथ प्रभारियों, जोन प्रभारियों, ब्लाक अध्यक्षों, विधानसभा कमेटी और फ्रंटल संगठनों के पदाधिकारियों को एकजुट करने की कोशिश की।

सम्मेलन में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने पीडीए के सामाजिक समीकरण को बूथ की चुनावी ताकत में बदलने का संदेश दिया। करीब तीन घंटे चले सम्मेलन में 2027 के चुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं को गांव-गांव संपर्क और संगठन विस्तार की जिम्मेदारी का अहसास कराया गया।

प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने कहा कि चुनाव में सफलता की पहली सीढ़ी बूथ है। आपसी भेदभाव छोड़कर कार्यकर्ता संवाद करें और हर बूथ को मजबूत बनाएं। उन्होंने कहा कि संविधान ने हर व्यक्ति को वोट का अधिकार दिया है और लोकतंत्र तभी मजबूत होगा, जब सामाजिक असमानता और आर्थिक विषमता दूर होगी। इसी आधार पर उन्होंने पीडीए को सामाजिक न्याय से जोड़ते हुए कार्यकर्ताओं से एकजुट होने का आह्वान किया।

सपा की पुरानी सफल योजनाओं को सामने रखने की रणनीति
प्रदेश अध्यक्ष पाल के संबोधन में भाजपा सरकार को घेरने के साथ सपा की पुरानी योजनाओं को सामने रखने की रणनीति भी दिखाई दी। उन्होंने बेरोजगारी, पेपर लीक, किसानों और महिलाओं से जुड़े मुद्दों तथा भ्रष्टाचार के आरोपों को उठाया। भाजपा के रोजगार और आर्थिक मदद से जुड़े वादों पर सवाल खड़े करते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं और आम जनता के सामने रोजगार और न्याय बड़े सवाल हैं। शिक्षा के मुद्दे पर उन्होंने सरकारी स्कूलों को बंद किए जाने का आरोप लगाया और कहा कि देश की उन्नति के लिए शिक्षा जरूरी है।

उन्होंने कहा कि सपा सरकार बनने पर महिलाओं को एकमुश्त 40 हजार रुपये देने का भरोसा दिया जाएगा। साथ ही पूर्ववर्ती सपा सरकार में कन्या विद्याधन और इंटर पास विद्यार्थियों को लैपटाप देने जैसी योजनाओं का उल्लेख कर महिला और युवा मतदाताओं तक पार्टी का संदेश पहुंचाया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से इन मुद्दों को गांव-गांव तक ले जाने को कहा।

पीडीए के साथ स्थानीय सामाजिक समीकरण साधने का भी प्रयास
सम्मेलन का एक अहम पहलू पीडीए के साथ स्थानीय सामाजिक समीकरण को साधने का प्रयास भी रहा। पाल ने कहा कि विशेष लाभ के चक्कर में संगठन की ताकत को बिखरने नहीं देना है। सभी वर्गों को जोड़कर बूथ मजबूत करना होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं को ''''सामंतवाद'''' के खिलाफ एकजुट होने और संविधान की रक्षा को चुनावी मुद्दा बनाने का आह्वान किया। इस तरह सम्मेलन में पार्टी ने सामाजिक न्याय के साथ बेरोजगारी, शिक्षा और जनहित के मुद्दों को जोड़कर अपना चुनावी संदेश तैयार करने की कोशिश की।

सपा जिलाध्यक्ष बृजेश गौतम ने कहा कि बूथ स्तर पर संगठन जितना मजबूत होगा, पार्टी की आवाज उतनी ही प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव संपर्क बढ़ाने और पीडीए के सभी वर्गों को संगठन से जोड़ने का आह्वान किया।

सम्मेलन को संतकबीरनगर के सांसद लक्ष्मीकांत निषाद, महिला सभा की राष्ट्रीय सचिव ज्योति यादव, पूर्व प्रत्याशी रूपवती बेलदार, विद्यासागर उर्फ छोटे, नगीना प्रसाद साहनी, धनंजय सैंथवार और रामनाथ यादव ने भी संबोधित किया। सभी ने बूथ स्तर पर पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में अधिक से अधिक मतदान कराने का संकल्प जताया।

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प्रदेश अध्यक्ष ने वक्ताओं को माला पहनाकर और स्मृतिचिह्न देकर सम्मानित किया। जिला अध्यक्ष ने विजय प्रताप शर्मा, विष्णु शर्मा, दिनेश साहनी, सोनी निषाद, शकुंतला निषाद, सैयदा खातून समेत कई लोगों को पार्टी की सदस्यता दिलाई। संचालन रामनाथ यादव और अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष सुनील यादव ने की।

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