जागरण एजेंडा: गोरखपुर सिक्सलेन फ्लाईओवर की कहानी, पांच लाख आबादी के लिए परेशानी का सबब बने डिवाइडर और अधूरे कट
गोरखपुर के सिक्सलेन फ्लाईओवर पर पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाए गए डिवाइडर से पांच लाख से अधिक आबादी को लंबा चक्कर लगाना ...और पढ़ें

रोड के किनारे बना डिवाइडर। जागरण
HighLights
गोरखपुर फ्लाईओवर पर 5 लाख लोगों को लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है।
पीडब्ल्यूडी ने 2.6 किमी में केवल दो कट बनाए हैं।
गलत लेन आवागमन, जलभराव से दुर्घटना का खतरा।
जितेंद्र पाण्डेय, गोरखपुर। सिक्सलेन फ्लाईओवर के नीचे पीडब्ल्यूडी ने डिवाइडर बनाकर पूरे मार्ग को बंद कर दिया है। 2.6 किलोमीटर के हिस्से में आवागमन के लिए केवल दो स्थानों पर कट बनाए गए हैं। इन कटों से महज दो हजार की आबादी को सुविधा मिल रही है, जबकि रुस्तमपुर ढाला और नहर रोड ढाला से आने-जाने वाली पांच लाख से अधिक आबादी के लिए कोई कट नहीं दिया गया है। इससे लोगों को लंबा चक्कर लगाने के साथ गलत लेन में चलने का जोखिम उठाना पड़ रहा है।
नहर रोड से आने वाले लोग करीब 800 मीटर गलत लेन में चलकर महावीर प्रसाद गली के पास बने कट से मुड़ते हैं। इसके बाद करीब 300 मीटर गलत लेन से होकर दाउदपुर मार्ग पर पहुंचते हैं। इसी तरह रुस्तमपुर ढाला से आने वाले लोगों को भी करीब 500 मीटर आगे जाकर बने कट से दूसरे लेन में जाना पड़ता है।
इन दोनों मार्गों पर आधा दर्जन से अधिक स्कूल और अस्पताल हैं। गलत लेन से आवागमन हादसे का कारण बन सकता है। वहीं, संबंधित विभाग फ्लाईओवर का निर्माण पूरा होने का दावा कर चुका है। बारिश में फ्लाईओवर के नीचे और आसपास जलभराव से आवागमन मुश्किल हो जाता है। पाइप की व्यवस्था न होने से कई स्थानों पर पानी की तेज धार राहगीरों पर गिरती है।

रुस्तमपुर, नहर रोड और फल मंडी क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जाम से राहत देने के लिए बनाए गए सिक्सलेन फ्लाईओवर से आवागमन में काफी सुधार हुआ है, लेकिन पीडब्ल्यूडी की ओर से बनाए गए डिवाइडर ने पैदल राहगीरों की मुश्किल बढ़ा दी है। वाहन सवार 500 से 800 मीटर आगे जाकर दूसरे लेन में पहुंचते हैं, लेकिन पैदल चलने वालों के लिए विकल्प सीमित हैं।
आजाद चौक की ओर से आने वाले लोगों को रुस्तमपुर ढाला पार करने के लिए या तो डिवाइडर फांदना पड़ता है या लंबा चक्कर लगाकर दूसरी लेन में जाना पड़ता है। दोनों स्थितियों में दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों ने बड़ी आबादी की सुविधा के अनुसार कट खोलने की मांग की है।
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बारिश में डिवाइडर में भरा पानी, तोड़कर निकाला
पीडब्ल्यूडी की ओर से बनाए गए डिवाइडर में गुरुवार को बारिश का पानी भर गया। पानी की निकासी नहीं होने पर देर शाम विभाग ने जगह-जगह डिवाइडर तुड़वाकर पानी सिक्सलेन पर बहा दिया। इससे सड़क पर पानी फैल गया और आवागमन कर रहे राहगीरों के कपड़े खराब हुए। यह पानी सिक्सलेन फ्लाईओवर से गिरकर डिवाइडर के अंदर जमा हुआ था। यह स्थिति तब बनी, जब विभाग पहले ही फ्लाईओवर से गिरने वाले पानी की निकासी पाइप के जरिये दूर करने का दावा कर चुका है।
पीडब्ल्यूडी की टीम के साथ शुक्रवार को रुस्तमपुर ढाला समेत अन्य चौराहों का निरीक्षण किया जाएगा। जरूरत के हिसाब से जिस जगह कट की आवश्यकता होगी, पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से वार्ता कर वहां खुलवाया जाएगा। सिक्सलेन पर कट का मानक होता है। लेकिन, शहर के अंदर होने के चलते आमजन की यातायात व्यवस्था के हिसाब से कट होना चाहिए, जिससे किसी को परेशानी न हो।
