गोरखपुर में 'मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक योजना' पस्त, 61 के लक्ष्य के मुकाबले मिले सिर्फ 4 पशुपालक
गोरखपुर में मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना अपने लक्ष्य से काफी पीछे है। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक केवल ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
HighLights
गोरखपुर में पशुपालक प्रोत्साहन योजना लक्ष्य से काफी पीछे।
छह माह में केवल सात गोवंशीय पशुओं का चयन हुआ।
उच्च दूध उत्पादकता वाले स्वदेशी पशुओं को प्रोत्साहन राशि।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना लक्ष्य से दूर है। छह महीने में चार पशुपालकों के सात गोवंशीय पशुओं का ही चयन योजना में हो सका है। इसमें से पांच गोवंशीय पशुओं को 15-15 हजार तो दो गोवंशीय पशुओं को 10-10 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि मिलेगी।
वर्ष 2023-24 में मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना शुरू हुई। इसमें स्वदेसी नस्ल की गोवंशीय पशु के उच्च उत्पादकता के लिए पशुपालक को एक बार प्रोत्साहन राशि दी जाती है। आठ से 12 लीटर प्रतिदिन दूध उत्पादन करने वाले गोवंशीय पशु के लिए 10 हजार रुपये तो 12 लीटर से अधिक दूध देने वाले गोवंशीय पशु के लिए 15 हजार रुपये निर्धारित हैं।
वित्तीय वर्ष 2023-24 में 200 का लक्ष्य था। इसमें 186 गोवंशीय पशुओं का चयन कर प्रोत्साहन राशि दी गई थी। वर्ष 2024-25 में निर्धारित लक्ष्य 61 के सापेक्ष 76 गोवंशीय पशुओं का चयन किया गया था। 2025-26 में निर्धारित लक्ष्य 61 के सापेक्ष मात्र सात गोवंशीय पशुओं का चयन हो पाया था।
चालू वित्तीय वर्ष में भी लक्ष्य 61 गोवंशीय पशुओं को प्रोत्साहन राशि देने का है। अभी तक चार लोगों के सात गोवंशीय पशु का चयन हुआ है। इसमें पिपराइच के अराजी चौरी के अखंड प्रताप सिंह के दो, खजनी ब्लाक के डोड़ो निवासी रामनयन के एक व महिलवार की सुधा गुप्ता के दो गोवंशीय पशु का चयन 15-15 हजार रुपये के प्रोत्साहन राशि के लिए हुआ है।
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वहीं, कौड़ीराम ब्लाक के सोकहना की नीलम त्रिपाठी के दो गोवंशीय पशुओं का चयन 10-10 हजार रुपये प्रोत्साहन के लिए हुआ है। पशुपालन विभाग को वित्तीय वर्ष के बचे हुए 54 गोवंशीय पशुओं का चयन करना है।
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