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गोरखपुर में राप्ती-सरयू का रौद्र रूप, घरों में घुसा पानी; 35 गांव बाढ़ की चपेट में

Published: Thu, 01 Oct 2026 11:47 AM (IST)

गोरखपुर में राप्ती और सरयू नदियों में उफान के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है, जिससे 35 से ...और पढ़ें

राप्ती नदी के बढ़ते जलस्तर से बहरामपुर गांव में घुसा बाढ़ का पानी,प्रशासन ने उतारी नाव। जागरण

राप्ती नदी के बढ़ते जलस्तर से बहरामपुर गांव में घुसा बाढ़ का पानी,प्रशासन ने उतारी नाव। जागरण

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। नेपाल और महराजगंज से आ रहे पानी ने राप्ती नदी में उफान ला लिया है। महानगर के तीन गांवों में राप्ती का पानी घुस गया है। यहां प्रयागराज से स्टीमर मंगाकर चलाया जा रहा है। बड़हलगंज के कछार में राप्ती का साथ पाकर सरयू ने विकराल रूप धारण करना शुरू किया है। यहां घरों में पानी घुसने लगा है।

जिले में 35 गांव बाढ़ से प्रभावित हो गए हैं। राप्ती और सरयू नदियों में वेग देख विशेषज्ञ भी हैरान हैं। आपदा विशेषज्ञ गौतम गुप्ता ने कहा कि नदियों के पानी में वेग ज्यादा है। ऐसे में सभी को अलर्ट पर रखा गया है। किसी भी हाल में कोई नदियों के किनारे न जाए।

राप्ती नदी बुधवार शाम चार बजे बर्डघाट में खतरे के निशान से 27 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी। नदी के जलस्तर में लगातार बढ़त को देखते हुए गुरुवार को खिरवनिया, कठउर आदि गांवों में बाढ़ का पानी पहुंचने की संभावना है। इस बीच राप्ती नदी का पानी राजघाट में महायोगी गुरु गोरक्षनाथ घाट को पूरी तरह डुबा चुका है। पानी हार्बर्ट बांध के पास लकड़ी मंडी में पहुंच गया है।

इस कारण घाट पर जाने का रास्ता बंद हो चुका है। यहां सिंचाई विभाग की ओर से कराया जा रहा मुख्य द्वार का निर्माण कार्य भी ठप हो गया है। शव दाह के लिए लोगों को शेड में जाना पड़ रहा है। बहरामपुर उत्तरी, बहरामपुर दक्षिणी और शेरगढ़ गांव में पानी घुसने के बाद स्टीमर लगा दिया गया है। यहां प्रशासन ने राहत सामग्री के साथ ही भोजन का भी वितरण शुरू कर दिया है।

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बड़हलगंज में 30 गांव चपेट में आए
बड़हलगंज विकास खंड के कछार क्षेत्र में राप्ती और सरयू नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ने से स्थिति गंभीर हो गई है। क्षेत्र के सभी प्रमुख मार्गों पर बाढ़ का पानी बह रहा है। 30 से अधिक गांव बाढ़ से घिर गए हैं। 18 गांवों के लोग नाव से आवागमन कर रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारी लगातार क्षेत्र का भ्रमण कर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। राप्ती के पानी से खोहियापट्टी, हिगुंहार, लखनौरी, लखनौरा, मैंभरा, बिहुआ उर्फ अगलगौआ, मच्छरगांवा, जगदीशपुर, मोहनपौहरिया, सुबेदारनगर मांझा, पटना, पौहरिया, तुर्कवलिया, रामनगर, नेतवारपट्टी, कोइलीखाल, मुंडेरा बेनी प्रसाद, बेलवा दाखिली, मरकड़ी और नचना टोला समेत गांव चारों तरफ से घिर गए हैं।

वहीं सरयू के पानी से कोलखास, ज्ञानकोल, मुसाडोही, खैराटी, कोटियानिरंजन, बगहादेवार, गोनहा, दिस्तवलिया, भयपुरा, जैतपुर, बल्थर, सरयाखास, बरडीहा, अजयपुरा, गोरखपुरा, गायघाट, बेलवा तुरंत सिंह, सीधेगौर और डुमरी समेत कई गांव प्रभावित हैं। उपजिलाधिकारी गोला मनीष कुमार ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में कुल तीन दर्जन छोटी-बड़ी नावें लगाई गई हैं। पांच गांवों में भोजन का वितरण कराया जा रहा है। अन्य आवश्यकताओं के लिए मांग भेजी गई है। जल्द ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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घरों में घुसा पानी, सामान बहा
राप्ती से घिरे लखनौरी में जयराम, लालबचन, धनई, नंदू, ज्ञानू समेत कई लोगों के घरों में पानी घुस गया है। लखनौरा में रामआशीष, रामरेखा साहनी, नरमन, माझी साहनी, राममिलन, अंशदार, रमेश साहनी, मुनीब और रूदल के घर भी प्रभावित हैं। बरडीहा में काशी, रमेश, महेंद्र, मंगरू और हरेंद्र के घरों में पानी पहुंचने के बाद परिवार ऊंचे स्थानों पर चले गए हैं। लखनौरी के सुभाष का तख्ता, पानी चलाने का पाइप, बर्तन, खाट और बांस बह गया। लखनौरा के रामआशीष साहनी के बर्तन, दाल, चावल, आटा और अन्य जरूरी सामान पानी में बह गए। कमली का पतरा और पाइप भी बह गया।

तीन गांवों के ग्रामीणों ने मांगा तैयार भोजन
लखनौरी, लखनौरा और हिगुंहार के ग्रामीणों ने प्रशासन से तैयार भोजन उपलब्ध कराने की मांग की है। नरेंद्र विक्रम सिंह, महेंद्र विक्रम, भगवान तिवारी, खरगू निषाद, वीरेंद्र, रामआशीष साहनी, खरपत्तू और राजन शर्मा ने प्रभावित परिवारों के लिए भोजन की व्यवस्था कराने की मांग की।

टेढ़िया बांध पर मंडरा रहा टूटने का खतरा
सरयू नदी पर खड़ेसरी से डेरवा तक बना टेढ़िया बांध दुबौली, कोहड़ाभावर, रामगढ़, खजूरी गोसाई, मुजौना, छपिया उमराव, गोपलामार, डेरवा और झाझाशिव समेत दर्जनों गांवों को बाढ़ से बचाता है। खड़ेसरी में कंकाली माता स्थान, छपिया उमराव, डेरवा और मुजौना में पानी बांध के बराबर पहुंच गया है। डेरवा में बुधवार सुबह पानी ओवरफ्लो की स्थिति बनने पर ग्रामीणों ने बांध पर मिट्टी डालना शुरू कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार बांध जर्जर है और ब्लाक स्तरीय अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। राजन तिवारी, रवींद्र यादव, पंकज तिवारी, राजू यादव और गुड्डू यादव ने बताया कि ग्रामीण भय के कारण रातभर जागकर निगरानी कर रहे हैं।

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बाल-बाल बचीं बसपा नेता अस्मिता चंद
बड़हलगंज में बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों से मिलने पहुंचीं बसपा नेता अस्मिता चंद बाल-बाल बचीं। वह जिस नाव से बाढ़ प्रभावित सरयाखास के पाल टोला से लौटीं व किनारे पहुंचने पर डूब गई। गनीमत रही कि अस्मिता चंद नाव से उतर चुकी थीं। जहां नाव डूबी वहां पानी भी कम था।

बेला-कतरारी मार्ग पर चढ़ा राप्ती का पानी
कौड़ीराम विकासखंड के बेला-कतरारी संपर्क मार्ग पर राप्ती नदी का का पानी चढ़ गया है। कई हिस्सों में पानी फैलने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। यह मार्ग जिला मुख्यालय, स्वास्थ्य केंद्र, बेलीपार बाजार, स्कूल और बैंकों से जुड़ा होने के कारण महत्वपूर्ण है।

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बहरामपुर में लगा स्वास्थ्य शिविर
बाढ़ प्रभावित बहरामपुर गांव में बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिपरौली की टीम ने स्वास्थ्य शिविर लगाकर ग्रामीणों की जांच की और आवश्यक दवाएं वितरित कीं। सीएचसी अधीक्षक डा. शिवानंद मिश्रा के नेतृत्व में स्वास्थ्यकर्मियों ने घर-घर पहुंचकर लोगों का परीक्षण किया। इस दौरान डा. प्रज्ञा राय, स्टाफ नर्स दीपमाला, अरुण कुमार गौतम, हेमंत कुमार, शिव बहादुर यादव मौजूद रहे।

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