गोरखपुर में घुसा बाढ़ का पानी, प्रयागराज से आया सात स्टीमर
राप्ती नदी का पानी गोरखपुर के बहरामपुर में घुस गया है, जिससे लोगों को घरों से निकलने में परेशानी हो ...और पढ़ें

राप्ती नदी में आयी बाढ़ के पानी से घिरा गुरु गोरक्षनाथ घाट। पंकज श्रीवास्तव
HighLights
राप्ती नदी का पानी गोरखपुर के बहरामपुर में तेजी से घुसा।
प्रशासन ने प्रयागराज से सात स्टीमर मंगवाकर राहत कार्य शुरू किया।
सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से बड़हलगंज में बाढ़ का खतरा।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। राप्ती नदी का पानी महानगर के बहरामपुर में तेजी से घुसने लगा है। नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण लोगों को घरों से निकलने में दिक्कत हुई तो स्टीमर लगाया गया है। प्रशासन ने प्रयागराज से सात स्टीमर मंगा लिया है। इस बीच राप्ती नदी के जलस्तर में मंगलवार रात 1 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है।
इधर, सरयू नदी का भी जलस्तर बढ़ने लगा है। हालांकि सरयू नदी अभी कतरनिया घाट पर खतरे के निशान से 1.38 मीटर नीचे है लेकिन जलस्तर में बढ़ोतरी से बड़हलगंज के कछार में बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। यहां पहले से ही 12 गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं।
राजघाट पर राप्ती नदी के किनारे बहरामपुर गांव में मंगलवार को ही राप्ती का पानी घुसने लगा था। नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी को देखते हुए नागरिकों ने सुरक्षित स्थानों पर जाना शुरू कर दिया था। रात में पानी और बढ़ा तो प्रशासन की टीम को सक्रिय कर दिया गया है।
बहरामपुर के ग्राम प्रधान सत्यम साहनी, आरआइ हरिप्रकाश श्रीवास्तव, लेखपाल मुकुल मिश्र, संजीव पांडेय, अग्रज प्रताप सिंह गांव में पहुंच गए हैं। उन्होंने राहत व बचाव कार्य तेज करा दिया है।
बड़हलगंज में बाढ़ से घिरे हैं यह गांव
सरयू नदी की बाढ़ से कोलखास, ज्ञानकोल, गोनघट, बगहा देवार, मुसाडोही, कोटियानिरंजन, खैराटी, अजयपुरा, गायघाट, गोनहा, बल्थर, जैतपुर, बरडीहा, भयपुरा, गोरखपुरा, बेलवा तुरंत सिंह तथा राप्ती नदी से लखनौरी, लखनौरा, हिगुंहार, सुबेदारनगर माझा, खोहियापट्टी, मच्छरगांवा, बिहुआ उर्फ अगलगौआ, नेतवारपट्टी, रामनगर, जगदीशपुर, मैभरा गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं।

बड़हलगंज में यहां चल रही नाव
सरयू नदी की बाढ़ से प्रभावित नौ गांवों जैतपुर, बगहा देवार, मुसाडोही, कोटिया निरंजन, गोनाह, ज्ञानकोल, कोलखास, बल्थर, बेलवा तुरंत सिंह और राप्ती नदी के बाढ़ से प्रभावित लखनौरी, लखनौरा, मैभरा व हिंगुहार का संपर्क मार्ग डूब जाने के कारण लोग नाव से आवामगन करने को मजबूर हैं।
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अचानक पानी बढ़ने से सकते में हैं सभी
बड़हलगंज में अचानक चीसरी बार आई बाढ़ से ग्रामीण भौंचक हैं। बेमौसम बाढ़ से वे अचानक धिर गए हैं। अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने ये आई बाढ़ से वे लोग जरबरी सामान भी घर में इकट्ठा नहीं कर सके। ग्रामीण परमेश्वर पासवान, गिरिजेश निषाद, तप्पे यादव, उमेश यादव, सुनील तिवारी, सरवन आदि का कहना है कि अचानक आई बाढ़ से जरूरी सामान का अभाव हो गया है।
अभी तक प्रशासन की कोई मदद नहीं मिली है। तत्काल तैयार भोजन का वितरण किया जाना आवश्यक है। इस संबंध में उपजिलाधिकारी मनीष कुमार का कहना है कि तीन गांव में भोजन का वितरण किया जा रहा है। कुल एक दर्जन नाव लगाई गई है। स्थित पर नजर रखी जा रही है।
