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जागरण एजेंडा: गोरखपुर में बांस नहीं, लोहे के स्ट्रक्चर, खुले हैं बिजली के तार

Published: Wed, 14 Oct 2026 10:41 AM (IST)

गोरखपुर में दुर्गा पूजा पंडालों की संख्या बढ़ने के बावजूद बिजली सुरक्षा के इंतजामों की अनदेखी की जा रही है। ...और पढ़ें

रूस्तमपुर में एलटी लाइन से सटे बनाया गया दुर्गा पंडाल, आजाद चौक पर एलटी लाइन से सटे बना है दुर्गा पंडाल l जागरण

रूस्तमपुर में एलटी लाइन से सटे बनाया गया दुर्गा पंडाल, आजाद चौक पर एलटी लाइन से सटे बना है दुर्गा पंडाल l जागरण

HighLights

  1. गोरखपुर में 4466 दुर्गा पूजा पंडाल, संख्या बढ़ी।

  2. बांस की जगह लोहे के स्ट्रक्चर, बिजली का खतरा।

  3. खुले बिजली के तार, अस्थाई कनेक्शन नहीं लिए।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। जिले में हर साल दुर्गा पूजा पंडालों की संख्या बढ़ रही है। इस साल संख्या 4466 हो गई है। पिछले साल यह संख्या 4250 के आसपास रही थी। पंडाल तो बढ़ रहे हैं लेकिन बिजली सुरक्षा से जुड़े इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। कहीं लोहे के स्ट्रक्चर पर पंडाल खड़े किए गए हैं तो कहीं बिजली के तार या तो पंडाल से बिल्कुल सटकर गुजर रहे हैं या तार पंडाल के अंदर कर दिए गए हैं।

व्यवस्था यह है कि पंडालों में बिजली के लिए अस्थाई कनेक्शन लेना होगा। इसके लिए बिजली निगम के झटपट पोर्टल पर आवेदन करना होगा। इसके बाद विद्युत सुरक्षा निदेशालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेना होगा।

कमियों को दुरुस्त करने के बाद कनेक्शन जारी कर दिया जाएगा लेकिन अब तक कहीं से कनेक्शन के लिए आवेदन नहीं किया गया है। दैनिक जागरण की पड़ताल में अभी कहीं भी अस्थाई कनेक्शन के लिए आवेदन आने की सूचना नहीं मिली। यह तब है जब ज्यादातर स्थानों पर प्रतिमा की भी स्थापना की जा चुकी है।

बांस के स्ट्रक्चर गायब
पहले पंडालों को बांस के स्ट्रक्चर पर तैयार किया जाता था। इन बांस में करंट उतरने की आशंका बहुत कम होती थी लेकिन अब ज्यादातर पंडालों को लोहे के स्ट्रक्चर पर खड़ा किया जा रहा है। यदि कहीं से भी लोहा बिजली के संपर्क में आएगा तो पूरे पंडाल में करंट उतरने की आशंका बनी रहेगी।

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कटे तारों पर नहीं लगा रहे टेप
ज्यादातर पूजा समितियों से जुड़े आयोजकों ने बिजली से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी उन लोगों को दी है जो आयोजनों में ठेका लेता हैं। इनके पास उपलब्ध तार जगह-जगह कटे होते हैं। इन तार को टेप से सुरक्षित किया जाना चाहिए लेकिन हड़बड़ी में तार खुले ही छोड़ दिए जा रहे हैं। मोहद्दीपुर, राप्तीनगर, बेतियाहाता, दुर्गाबाड़ी, सूरजकुंड, शाहपुर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादातर स्थानों पर मानकों का उल्लंघन किया गया है।

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अभी पंडाल में अस्थाई बिजली कनेक्शन के लिए एक भी आवेदन नहीं आया है। आयोजकों को सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूक रहना होगा। लोहे के स्ट्रक्चर होने के कारण थोड़ी सी लापरवाही से करंट फैल सकता है।

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-पंकज कुमार, अधिशासी अभियंता, नगरीय विद्युत वितरण खंड प्रथम टाउनहाल