गोरखपुर टेडिया बंधे में रिसाव: सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे DM, बाढ़ से निपटने के दिए कड़े निर्देश
गोरखपुर के जिलाधिकारी ने बड़हलगंज के खडेसरी स्थित टेडिया बंधे में रिसाव की सूचना पर मौके पर पहुंचकर गहन निरीक्षण ...और पढ़ें

मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी दीपक कुमार मीणा। जागरण
HighLights
गोरखपुर जिलाधिकारी ने बड़हलगंज के टेडिया बंधे का निरीक्षण किया।
बंधे में रिसाव की सूचना पर तुरंत मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों को रिसाव रोकने और सुरक्षा के निर्देश दिए।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। बड़हलगंज ब्लाक के कछार क्षेत्र में सरयू नदी के टेढ़िया बंधे के ठोकर संख्या एक से जुड़े खड़ेसरी बांध में बुधवार रात रिसाव शुरू हो गया। इससे आसपास के गांवों में दहशत फैल गई। रात में ही सुधार कार्य शुरू करा दिया गया। गुरुवार को डीएम दीपक मीणा मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने तहसीलदार सत्येंद्र मौर्य को बांध की तत्काल मरम्मत कराने के साथ उसे ऊंचा कराने का निर्देश दिया। रिसाव रोक दिया गया है।
खड़ेसरी एहतमाली गांव में ग्रामीणों ने डीएम को बताया कि बांध किसानों की जमीन में बना है, जबकि नक्शे में इसके लिए दूसरी जगह निर्धारित है। हरेंद्र त्रिपाठी, शिवाकांत त्रिपाठी, राजेश सिंह, वीरेंद्र त्रिपाठी, दिवाकर तिवारी, सुरेश यादव, प्रदीप यादव और सुदामा यादव ने मांग की कि यदि बांध इसी स्थान पर रहना है तो किसानों को मुआवजा दिया जाए, अन्यथा इसे निर्धारित स्थान पर बनाया जाए।
डीएम ने तहसीलदार को समस्या के समाधान का निर्देश दिया। वहीं ग्राम प्रशासक लीलावती देवी का कार्य देख रहे उनके पुत्र लालधर यादव उर्फ ललकू यादव ने गांव में हो रहे मिट्टी के अवैध खनन की शिकायत भी डीएम से की। इस पर डीएम ने तहसीलदार को हर हाल में खनन रोकने के निर्देश दिए।
लखनौरी गांव के नागरिकों में राहत सामग्री का वितरण
डेरवा चौराहे पर विधायक राजेश त्रिपाठी ने लखनौरी गांव के लोगों में बाढ़ राहत सामग्री का वितरण किया। इस दौरान एडीएम वित्त व राजस्व जयप्रकाश, उपजिलाधिकारी मनीष कुमार, तहसीलदार सत्येंद्र कुमार मौर्य, भाजपा नेता वेदप्रकाश त्रिपाठी, अष्टभुजा सिंह, लेखपाल ओमप्रकाश सिंह आदि लोग मौजूद रहे।
जैतपुर में नाव पलटने की घटना के बाद बढ़ा आक्रोश
जैतपुर गांव में बुधवार को नाव पलटने के बाद बाढ़ प्रभावित बगहा देवार व मुसाडोही गांव के ग्रामीणों में नाराजगी है।नंदकुमार, गौरी साहनी, चंद्रशेखर, मुन्नीलाल, दिनेश, हरिकिशन, हरिनारायण, श्रीकिशुन, लालजी, गोविंद, नेबुलाल आदि का कहना है कि दोनों गांवों में सौ से अधिक परिवार रहते हैं। लेकिन सिर्फ दो छोटी नाव लगाई गई है। नाव पर क्षमता से अधिक लोग सवार हो जा रहे हैं। इस कारण कभी भी अनहोनी हो सकती है। लोगों ने प्रशासन से बड़ी नाव या स्टीमर लगाने की मांग की है।
हिगुंहार में न तो नाव लगी और न बंट रहा भोजन
राप्ती नदी के बाढ़ से चौतरफा डूबे हिगुंहार गांव में नाव न चलने से ग्रामीणों में आक्रोश है। गांव के राजाराम, रामानंद, फेंकू, सूर्यनाथ, रमेश, गुड्डू आदि का कहना है कि चारों ओर से बाढ़ से घिरे होने के कारण जरूरी सामान का अभाव हो गया है। गांव में न तो नाव लगाई गई और न ही तैयार भोजन का वितरण हो रहा है। इस कारण सभी परेशान हैं।
बाढ़ग्रस्त गांवों में नहीं पहुंच रही स्वास्थ्य विभाग की टीम
बल्थर, बगहा देवार, मुसाडोही, हिगुंहार, कोटियानिरंजन, गोनहा आदि बाढ़ग्रस्त गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीम अब तक नही पहुंच पाई है। बाढ़ क्षेत्र के गुरुचरन यादव, रवींद्र, तारकेश्वर, पृथी आदि ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी सड़क पर बैठकर ही खानापूर्ति कर रहे हैं। बाढ़ग्रस्त गांवो में अब तक स्वास्थ्य सुविधाएं नदारद हैं।
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मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने किया बाढ़ क्षेत्र का दौरा
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. धर्मेंद्र पांडेय ने बाढ़ चौकी पटना, डेरवा आदि का निरीक्षण किया। कोलखास गांव में जाकर पशुपालकों से खुरपका, मुंहपका टीकाकरण के बारे में जानकारी ली। गांव के बाढू व वकील ने बताया कि पशुओं का टीकाकरण हो चुका है। उन्होंने पशु चिकित्साधिकारी डा. विवेक कुमार को बाढ़ग्रस्त गांवों में सभी पशुओं का टीकाकरण कराने के निर्देश दिए। पशुधन प्रसार अधिकारी कामेश्वर सिंह ने बताया कि पशुओं का टीकाकरण अभियान तेजी से चल रहा है।
