गोरखपुर को मिला हाईटेक साइबर थाना: 4.88 करोड़ की लागत से बना नया भवन, अब डिजिटल ठगों की खैर नहीं
गोरखपुर में 4.88 करोड़ रुपये की लागत से बने नए साइबर थाने का चरगांवा में उद्घाटन हुआ, जिससे साइबर अपराधों ...और पढ़ें

साइबर थाना का निरीक्षण करते एडीजी व डीआईजी।- पंकज श्रीवास्तव
HighLights
गोरखपुर में नया साइबर थाना भवन शुरू।
4.88 करोड़ की लागत से बना अत्याधुनिक भवन।
साइबर अपराधों की जांच में मिलेगी मदद।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौतियों के बीच गोरखपुर में साइबर थाने को नया भवन मिल गया है। चरगांवा स्थित दो मंजिला भवन में शुक्रवार से कामकाज शुरू हो गया था। एडीजी जोन राम कुमार ने विधिवत उद्घाटन कर परिसर का निरीक्षण किया। चार करोड़ 88 लाख 32 हजार रुपये की लागत से बने इस भवन में साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों की सुनवाई, जांच और विवेचना के लिए पहले की अपेक्षा बेहतर कार्यस्थल उपलब्ध है।
अब तक साइबर थाना पुलिस लाइन के पास स्थित अस्थायी भवन से संचालित हो रहा था। सीमित जगह और संसाधनों के बीच पुलिसकर्मियों को शिकायतों की जांच और विवेचना का काम करना पड़ता था। नए भवन में स्थानांतरण से पुलिसकर्मियों को कामकाज के लिए व्यवस्थित जगह मिलेगी। साथ ही साइबर ठगी के शिकार लोगों की शिकायतों को सुनने और उनसे जुड़े मामलों की कार्रवाई करने में भी सहूलियत होगी।
एडीजी राम कुमार ने उद्घाटन के बाद भवन में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। भवन का लोकार्पण 14 जून 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था। दो मंजिला भवन में वर्षा जल संचयन की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा बिजली की निर्बाध आपूर्ति के लिए जनरेटर, स्थानीय नेटवर्क और सड़क प्रकाश की सुविधा भी उपलब्ध है।
कार्यक्रम में डीआइजी रेंज डा. एस. चन्नप्पा, एसएसपी डा. कौस्तुभ, एसपी उत्तरी राजेश घुनावत, एसपी सिटी निमिष पाटील,एसपी क्राइम अयोध्या प्रसाद सिंह,एएसपी/सीओ कैंट अरुण कुमार एस., सीओ गोरखनाथ रवि सिंह, प्रतिसार निरीक्षक अभिचल पांडेय मौजूद रहे।
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चार निरीक्षक समेत 25 पुलिसकर्मियों की है तैनाती
साइबर थाने में चार निरीक्षक, सात उपनिरीक्षक और 14 आरक्षी तैनात हैं। इनमें महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। थाना क्षेत्र में आनलाइन ठगी, बैंक खातों से धोखाधड़ी और अन्य डिजिटल अपराधों से जुड़ी शिकायतों पर कार्रवाई की जाती है। ऐसे मामलों में पीड़ितों की शिकायत दर्ज करने के साथ डिजिटल साक्ष्यों की जांच और विवेचना अहम होती है। नए भवन में कामकाज शुरू होने से पुलिसकर्मियों को इन प्रक्रियाओं को व्यवस्थित ढंग से पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
