गोरखपुर में 4 करोड़ के साइबर फ्रॉड में वांछित एक और आरोपी गिरफ्तार, क्रिप्टोकरेंसी में बदलता था ठगी का पैसा
गोरखपुर में 4 करोड़ रुपये से अधिक के साइबर धोखाधड़ी मामले में एक और आरोपी गोविंद वर्मा को गिरफ्तार किया ...और पढ़ें

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। जागरण
HighLights
गोरखपुर में 4 करोड़ के साइबर फ्रॉड में एक और गिरफ्तारी।
आरोपी गोविंद वर्मा ठगी का पैसा क्रिप्टोकरेंसी में बदलता था।
पुलिस ने 2.51 लाख नकद, लैपटॉप, मोबाइल, एटीएम कार्ड बरामद किए।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। चार करोड़ रुपये से अधिक के साइबर फ्राड मामले में वांछित एक और आरोपित को चिलुआताल पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार किया। गगहा क्षेत्र के असवनपार निवासी गोविंद वर्मा पर साइबर ठगी और निवेश-ट्रेडिंग के नाम पर धोखाधड़ी से मिली रकम को म्यूल बैंक खातों से निकालकर क्रिप्टोकरेंसी में बदलने और विदेशी वालेट तक पहुंचाने में भूमिका निभाने का आरोप है।
पुलिस ने उसके कब्जे से 2.51 लाख रुपये नकद, दो लैपटाप, एक मोबाइल और तीन एटीएम कार्ड बरामद किए। दोपहर बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया जहां से जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, गोविंद गिरोह के सदस्य मकसूद आलम खां के लिए काम करता था। वह लैपटाप और मोबाइल की मदद से ठगी की रकम को यूएसडीटी क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर विदेशी वालेट में भेजता था।
सीओ कैंट अरुण कुमार एस ने बताया कि जांच में गिरोह से जुड़े 34 म्यूल बैंक खातों के माध्यम से 4.09 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें सामने आई थीं। हैं। ये शिकायतें उत्तर प्रदेश समेत 14 राज्यों से जुड़ी हैं। इनमें बिहार, गुजरात, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और उत्तराखंड शामिल हैं।
गिरोह के सदस्य बैंक खाते उपलब्ध कराने के बदले खाताधारकों को 20 प्रतिशत कमीशन का लालच देते थे। इसके लिए उनसे बैंक खाते खुलवाकर पासबुक, एटीएम कार्ड और चेक अपने कब्जे में ले लेते थे। फिर साइबर ठगी और आनलाइन निवेश-ट्रेडिंग के नाम पर धोखाधड़ी से हासिल रकम इन खातों में मंगाई जाती थी।
पांच आरोपित पहले ही भेजे जा चुके हैं जेल
शुक्रवार को साइबर सेल व चिलुआताल थाने की पुलिस ने महराजगंज जिले के नौतनवा निवासी नवनीत पांडेय उर्फ आदेश, चंदौली जिले के खुर्जा निवासी आदर्श सिंह उर्फ थायनोस, राजघाट के बसंतपुर रैन बसेरा निवासी रवि वर्मा, एम्स क्षेत्र के कूड़ाघाट निवासी प्रज्ञा रतन और चिलुआताल के करीमनगर निवासी मकसूद आलम खान को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
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आरोपितों के कब्जे से 13 लाख रुपये नकद बरामद हुए थे। गोविंद की गिरफ्तारी के बाद अब गिरोह के अन्य सदस्यों, खाताधारकों की भूमिका और रकम के वास्तविक स्रोत की जांच की जा रही है। मकसूद आलम खां समेत नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
