गोरखपुर में 18 माह की मीना का अपहरण केस बंद, नाले में डूबने से हुई थी मौत की पुष्टि
गोरखपुर में 18 माह की बच्ची मीना के अपहरण का मामला बंद हो गया है। पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ...और पढ़ें

मीना की फाइल फोटो। जागरण
HighLights
पुलिस ने 18 माह की मीना के अपहरण का मुकदमा खत्म किया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची की मौत डूबने से होने की पुष्टि।
खेलते हुए बाल लेने नाले में गिरी थी मासूम मीना।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। डीआर केमिकल चौराहे पर 18 माह की मीना के लापता होने के मामले में पुलिस ने अपहरण का मुकदमा खत्म कर दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मीना की मौत डूबने से होने की पुष्टि हुई है। पुलिस की जांच में भी बच्ची के अपहरण का कोई साक्ष्य नहीं मिला। जांच में सामने आया कि खेलते समय बाल नाले में चला गया था और उसे लेने गई मीना नाले में गिर गई। मामले में गोरखनाथ पुलिस ने एफआर लगा दी है।
रामलखन की 18 माह की बेटी मीना शनिवार सुबह करीब आठ बजे अचानक लापता हो गई थी। काफी तलाश के बाद भी बच्ची का पता नहीं चला तो पिता ने अनहोनी की आशंका जताते हुए गोरखनाथ थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने तत्काल चार टीमें लगाकर बच्ची की तलाश शुरू की। आसपास के इलाके के साथ शहर में भी संभावित स्थानों पर तलाश कराई गई और सीसी कैमरों की फुटेज खंगाली गई।
सीसी कैमरों की जांच में बच्ची के झोपड़ी से बाहर जाने की जानकारी नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने घर और उसके आसपास के हिस्से में तलाश तेज की। नगर निगम की टीम की मदद से नाले की भी जांच कराई गई। करीब चार घंटे की तलाश के बाद बच्ची का शव उसकी झोपड़ी के पास नाले में मिला था। जांच में सामने आया कि घटना से पहले बच्ची के चाचा अरुण कुमार ने उसे खेलने के लिए एक बाल दिया था।
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खेलते समय बाल नाले में चला गया। परिवार की आशंका है कि बाल लेने के लिए मीना नाले के पास गई और वहां बने खुले हिस्से से नीचे गिर गई। परिवार के लोगों की उस समय बच्ची पर नजर नहीं पड़ी और पानी में डूबने से उसकी मौत हो गई। प्रभारी निरीक्षक थाना गोरखनाथ विजय प्रताप सिंह ने बताया कि अपहरण की पुष्टि नहीं होने और हादसे में बच्ची की मौत सामने आने के बाद मुकदमा खत्म कर दिया गया है।
