मुंगेर पर पहरा बैठा तो तस्करों ने बदला रूट, सोनीपत-बड़वानी से गोरखपुर पहुंच रहे असलहे
पूर्वांचल में असलहा तस्करी का पुराना मुंगेर रूट पुलिस की निगरानी में आने के बाद तस्करों ने रास्ता बदल दिया ...और पढ़ें
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गोरखपुर के रास्ते पूर्वांचल में असलहा खपा रहा बिश्नोई व गोल्डी बराड गैंग। सांकेतिक तस्वीर
HighLights
मुंगेर रूट पर निगरानी बढ़ी, तस्करों ने बदला असलहा तस्करी का रास्ता।
हरियाणा के सोनीपत और मध्य प्रदेश के बड़वानी से पहुंच रहे हैं हथियार।
लारेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग के सदस्य सक्रिय, पांच गिरफ्तार।
सतीश पांडेय, गोरखपुर। पूर्वांचल में असलहा तस्करी का पुराना मुंगेर रूट पुलिस की निगरानी में आया तो तस्करों ने रास्ता बदल दिया। अब हरियाणा के सोनीपत और मध्य प्रदेश के बड़वानी से असलहों की खेप पूर्वांचल तक पहुंचयी जा रही है। एसटीएफ और क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आए लारेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गिरोह से जुड़े आरोपितों की तलाश में पांच दिन से छापेमारी चल रही है।
एसटीएफ यह पता लगाने में जुटी हैं कि दूसरे राज्यों से आने वाले असलहे कितने लोगों तक पहुंचे। कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कर पांच आरोपितों को जेल भेजा गया। चिन्हित हुए 26 आरोपितों की तलाश में छापेमारी चल रही है।
मुंगेर लंबे समय से पूर्वांचल में अवैध असलहों की सप्लाई के लिए चर्चित रहा है। बिहार के मुंगेर से आने वाले हथियारों से जुड़े कई मामले पुलिस की कार्रवाई में सामने आते रहे हैं। इस रूट पर पुलिस की निगरानी और कार्रवाई बढ़ने के बाद तस्करी नेटवर्क ने हथियारों के नए स्रोत तलाशने शुरू किए।
मौजूदा जांच में सोनीपत और बड़वानी के नाम सामने आने के बाद एसटीएफ का फोकस अब इन दोनों स्थानों से जुड़े सप्लायर और स्थानीय संपर्कों पर है। जांच में सामने आया है कि लारेंस बिश्नोई व गोल्डी बराड गिरोह से जुड़े सदस्य हरियाणा के सोनीपत और मध्य प्रदेश के बड़वानी से पिस्टल खरीदकर पूर्वांचल में बेच रहे हैं। हथियारों को गोरखपुर तक लाने वाले कैरियर पांच कैरियर सोमवार को पकड़े गए।
उनसे पूछताछ के बाद गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश चल रही है। गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ में पिछले तीन वर्षों में गोरखपुर और आसपास के जिलों में 100 से 150 पिस्टल खपाने का दावा सामने आ चुका है। एक पिस्टल 15 से 20 हजार रुपये में खरीदकर 30 से 40 हजार रुपये में बेचे गए। ज्यादातर असलहे इंस्टाग्राम और दूसरे इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म से तलाशे गए ग्राहकों को बेचे गए।
चार जिलों तक दिख रही हथियारों की मौजूदगी
गोरखपुर रेंज के चारों जिलों में इस वर्ष शस्त्र अधिनियम के तहत दर्ज मुकदमों और बरामद असलहों के आंकड़े भी इस समस्या की तस्वीर सामने रखते हैं। जनवरी से 15 अगस्त 2026 तक 159 मुकदमों में असलहे पकड़े गए। वर्ष 2025 में ऐसे 157 मामले दर्ज हुए थे, जबकि 2024 में यह संख्या 232 थी।

पांच तस्करों की गिरफ्तारी से खुला बदले रूट का राज
लारेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ से जुड़े बताए जा रहे असलहा तस्करी नेटवर्क की जांच में गिरफ्तार पांच आरोपितों से पूछताछ के बाद हथियारों के बदले रूट की जानकारी सामने आई। एसटीएफ ने सोमवार रात विंध्यवासिनी पार्क के पास से श्रेयांश यादव उर्फ बबलू, अजीत यादव, अभिषेक गौड़ उर्फ भेली, अभिषेक प्रजापति उर्फ अभी और राहुल गुप्ता को गिरफ्तार किया था।
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इनके कब्जे से चार .32 बोर पिस्टल, चार मैगजीन, एक .32 बोर रिवाल्वर और पांच कारतूस बरामद हुए थे।पूछताछ में सामने आया कि असलहों की सप्लाई के लिए पहले चर्चित रहे मुंगेर रूट के बजाय अब हरियाणा के सोनीपत और मध्य प्रदेश के बड़वानी से हथियार मंगाए जा रहे थे। पूछताछ में नेटवर्क से जुड़े 26 अन्य लोगों के नाम सामने आए।
