गोरखपुर हत्याकांड का खुलासा: पट्टीदारी के युवक ने की थी शुभम की हत्या,अवैध संबंध के संदेह में वारदात
गोरखपुर पुलिस ने व्यापारी के बेटे कार्तिकेय मिश्र उर्फ शुभम की हत्या का पर्दाफाश किया है। पट्टीदारी के एक युवक ...और पढ़ें

मृतक की फाइल फोटो। जागरण
HighLights
शुभम की हत्या का पुलिस ने किया पर्दाफाश।
अवैध संबंध के संदेह में पट्टीदारी का युवक गिरफ्तार।
आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद।
जागरण संवाददाता, गाेरखपुर। व्यापारी के बेटे कार्तिकेय मिश्र उर्फ शुभम की हत्या का बांसगांव थाना पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस के अनुसार पट्टीदारी के ही एक युवक ने अवैध संबंध के संदेह में शुभम की धारदार हथियार से हत्या की थी।
पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है और उसकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल हथियार भी बरामद किया गया है। पुलिस हत्या के पीछे के घटनाक्रम और आरोपित के संदेह से जुड़े तथ्यों की भी पड़ताल कर रही है।
जयंतीपुर गांव का रहने वाला 20 वर्षीय शुभम बीएससी प्रथम वर्ष का छात्र था। बुधवार की रात में घर से करीब 100 मीटर दूर बरामदे में सो रहा था। गुरुवार की भोर में पांच बजे के करीब सिर पर प्रहार करके शुभम की हत्या कर दी गई। सुबह घटना की जानकारी होने पर गांव में सनसनी फैल गई थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
पोस्टमार्टम में सिर पर धारदार हथियार से गंभीर चोट के निशान मिले थे। चचेरे भाई विवेकानंद मिश्र की तहरीर पर अज्ञात के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। हत्या के बाद पुलिस ने घटना से पहले शुभम के संपर्क में रहे लोगों की जानकारी जुटानी शुरू की। करीब 17 लोगों से पूछताछ की गई। इनमें वे लोग भी शामिल थे, जिनसे घटना से 24 घंटे पहले शुभम की फोन पर बातचीत हुई थी।
गांव के कुछ युवकों को हिरासत में लेकर भी पूछताछ की गई और मोबाइल की काल डिटेल, बातचीत तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल की गई। इसी जांच में पट्टीदारी के युवक पर संदेह गहराया और पूछताछ के बाद हत्या की कड़ी सामने आई। पुलिस के अनुसार आरोपित को शुभम के पट्टीदारी की एक महिला से अवैध संबंध होने का संदेह था।
इसी को लेकर उसके मन में रंजिश थी। इसी संदेह में उसने हत्या कर दी। आरोपित की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद कर लिया है। घटना के समय शुभम के पिता स्वदेश मिश्र,मां सुधा मिश्रा उपचार के सिलसिले में लखनऊ में थे। पिता का पीजीआइ में किडनी प्रत्यारोपण हुआ था।
गैंग्सटर से भी चल रही थी पूछताछ
पुलिस ने हत्या की जांच में पुराने विवाद और संपर्कों को भी खंगाला था। परिवार को वर्ष 2021 में 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगने का मामला भी सामने आया था, जिसमें गैंगस्टर टिक्का सिंह के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ था और परिवार को पुलिस सुरक्षा मिली थी। घटना के बाद पुलिस ने टिक्का को हिरासत में लेकर जांच की लेकिन कोई भूमिका नहीं मिली।
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इसके बाद रंगदारी के प्रकरण को अलग रखते हुए पुलिस ने शुभम के व्यक्तिगत संपर्क और घटना से पहले की गतिविधियों पर भी फोकस किया। हत्या के पर्दाफाश के बाद पुलिस अब आरोपित के बयान, बरामद हथियार और अन्य साक्ष्यों का मिलान कर रही है। पुलिस यह भी जांच रही है कि वारदात में आरोपित अकेला था या किसी अन्य व्यक्ति की भी कोई भूमिका रही है।
