गोरखपुर में बिश्नोई गैंग के असलहा नेटवर्क की जांच, नेता-दारोगा के बेटे भी रडार पर
एसटीएफ की जांच अब गोरखपुर में लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा से जुड़े असलहा तस्करी नेटवर्क के स्थानीय ...और पढ़ें

गोरखपुर में पांच पहुंच चुके हैं जेल के पीछे। जागरण
HighLights
एसटीएफ जांच का दायरा गोरखपुर में बढ़ा, 31 आरोपी।
नेता और दारोगा के बेटे से जुड़े संपर्कों की पड़ताल।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े असलहा नेटवर्क की जांच।
सतीश पांडेय, गोरखपुर। लारेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा से जुड़े बताए जा रहे असलहा तस्करी नेटवर्क की जांच अब गोरखपुर में नेता और एक दारोगा के बेटे से जुड़े संपर्कों तक पहुंच गई है। एसटीएफ की फर्द में 31 लोगों को आरोपित बनाए जाने के बाद जांच एजेंसियां गिरफ्तार आरोपितों के मोबाइल फोन, इंटरनेट मीडिया अकाउंट और संपर्कों को खंगाल रही हैं। इसी दौरान सामने आए कुछ स्थानीय संपर्कों का सत्यापन कराया जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन लोगों की आरोपितों से बातचीत किस वजह से थी और क्या उनका असलहा नेटवर्क से कोई संबंध था।
इस मामले में गोरखपुर पुलिस ने एक छात्रनेता के भाई को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। उससे पूछताछ के बाद फिलहाल छोड़ दिया गया। नामजद किया गया एक आरोपित सहजनवा क्षेत्र के नेता का करीबी है। एक आरोपित के पिता उत्तर प्रदेश पुलिस में दारोगा हैं। कैंट थाने में मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस दोनों की तलाश में छापेमारी कर रही है। मोबाइल नंबर, इंटरनेट मीडिया गतिविधियों और आरोपितों से संपर्क की भी पड़ताल हो रही है।
एसटीएफ अब यह भी जोड़ रही है कि बाहरी राज्यों से आने वाले असलहों को गोरखपुर और पूर्वांचल में खपाने में स्थानीय स्तर पर कौन-कौन लोग सक्रिय थे। गिरफ्तार आरोपितों के मोबाइल से मिले नंबरों और इंटरनेट मीडिया संपर्कों का मिलान किया जा रहा है। कैंट थाने में दर्ज मुकदमे में एसटीएफ ने 31 लोगों को आरोपित बनाया है जिसमें पांच पकड़े गए हैं। 26 की तलाश में बिहार, मध्य प्रदेश और हरियाणा के अलावा गोरखपुर, कुशीनगर और महराजगंज में 10 से अधिक टीमें दबिश दे रही हैं।
सोमवार की रात में पकड़े गए थे आरोपित
एसटीएफ ने सोमवार रात विंध्यवासिनी पार्क के पास से श्रेयांश यादव उर्फ बबलू, अजीत यादव, अभिषेक गौड़ उर्फ भेली, अभिषेक प्रजापति उर्फ अभी और राहुल गुप्ता को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के बाद 26 अन्य लोगों के नाम सामने आए और एसटीएफ की फर्द में कुल 31 लोगों को आरोपित बनाया गया है। जांच की अहम कड़ी बिहार निवासी शशांक पांडेय को माना जा रहा है।
एसटीएफ उसकी तलाश में उसके पैतृक गांव तक पहुंच चुकी है। पुलिस उसके गोरखपुर में रहने के दौरान बने संपर्कों की भी पड़ताल कर रही है। पूर्व की जांच में शशांक का नाम बिश्नोई गैंग से जुड़े असलहा नेटवर्क से जोड़े जाने की जानकारी सामने आई थी।
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पीएसी जवान व उसके साथी हुए फरार
जांच में बांसगांव क्षेत्र के पीएसी जवान सूरज यादव और उसके साथी प्रमोद यादव का नाम भी सामने आया है। एसटीएफ के अनुसार दोनों ने एक युवक की हत्या की योजना के लिए इसी नेटवर्क से असलहा खरीदा था। पुलिस अब उस हथियार और उससे जुड़े संपर्कों की तलाश कर रही है। कार्रवाई की भनक लगते ही दोनों फरार हो गए।
