गोरखपुर में दशहरा के बाद बिगड़ी वायु गुणवत्ता, दीपावली पर और खराब होने की आशंका
दशहरा के बाद गोरखपुर की वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंच गई है, शनिवार को एक्यूआइ 216 दर्ज किया गया। ...और पढ़ें

अक्टूबर में लगातार प्रभावित हो रहा वायु गुणवत्ता सूचकांक। जागरण
HighLights
दशहरा के बाद गोरखपुर का एक्यूआइ 216 दर्ज।
दीपावली पर वायु गुणवत्ता और बिगड़ने की आशंका।
खराब हवा से सांस लेने में दिक्कत, मास्क पहनें।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। दशहरा के बाद शहर की वायु गुणवत्ता प्रभावित होने लगी है। एमएमयूटी में लगे आनलाइन मानीटरिंग सिस्टम के अनुसार शनिवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआइ) 216 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में है। जनवरी से सितंबर तक एक्यूआइ का औसत 51 से 100 के बीच रहा। 20 से 23 अक्टूबर तक यह 101 से 108 के बीच था, जबकि शनिवार को इसमें अचानक उछाल आया। एमएमयूटी में लगे आनलाइन मानीटरिंग सिस्टम के आंकड़ों में एक्यूआइ 205 से 216 तक दर्ज किया गया।
दीपावली पर वायु गुणवत्ता के और प्रभावित होने की आशंका है। सहायक विज्ञानी (पर्यावरण) सत्येंद्र नाथ यादव ने बताया कि हवा की नियमित निगरानी की जा रही है। जानकारों के अनुसार सफाई, निर्माण कार्य, अलाव और कूड़ा-करकट जलाने के साथ दशहरा पर पटाखों का असर भी प्रदूषण बढ़ाता है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार एक्यूआइ 0-50 अच्छी, 51-100 संतोषजनक, 101-200 मध्यम, 201-300 खराब, 301-400 अत्यंत खराब और 400 से अधिक गंभीर श्रेणी में आता है।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डा. बीके सुमन ने बताया कि खराब हवा से सांस लेने में दिक्कत, घबराहट और बेचैनी हो सकती है। प्रदूषण की आशंका वाले स्थानों पर मास्क पहनें और स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
स्वास्थ्य पर एक्यूआइ का प्रभाव
0 से 50 एक्यूआइ : अच्छा
इस स्तर पर हवा की गुणवत्ता अच्छी रहती है। सामान्य लोगों के स्वास्थ्य पर प्रदूषण का कोई विशेष प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता।
51 से 100 : संतोषजनक
सामान्य लोगों के लिए हवा संतोषजनक रहती है। हालांकि संवेदनशील लोगों को हल्की परेशानी हो सकती है।
101 से 200 : मध्यम
संवेदनशील लोगों को सांस लेने में परेशानी हो सकती है। लंबे समय तक प्रदूषित हवा के संपर्क में रहने से असुविधा बढ़ सकती है।
201 से 300 : खराब
प्रदूषण का स्वास्थ्य पर प्रभाव बढ़ जाता है। संवेदनशील लोगों के साथ सामान्य लोगों को भी स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हो सकती है।
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301 से 400 : अत्यंत खराब
लंबे समय तक ऐसी हवा में रहने से सांस संबंधी परेशानी बढ़ सकती है। पहले से सांस या हृदय संबंधी समस्या वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
400 से अधिक : गंभीर
इस स्तर पर वायु प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। ऐसे में लंबे समय तक खुले में रहने से बचना और आवश्यक सावधानी बरतना जरूरी होता है।
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