गोरखपुर में 10 लाख तक के बकाए पर 100 प्रतिशत ब्याज माफ, 16 जनवरी तक मौका
राज्य कर विभाग ने 10 लाख रुपये तक के मूल बकाया पर 100 प्रतिशत ब्याज माफी योजना शुरू की है। ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
HighLights
10 लाख रुपये तक के मूल बकाया पर माफी।
करदाताओं को 100 प्रतिशत ब्याज माफी का लाभ।
आवेदन की अंतिम तिथि 16 जनवरी 2027।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। ब्याज माफी योजना के तहत 10 लाख रुपये तक का मूल बकाया जमा करने पर करदाताओं को 100 प्रतिशत ब्याज माफी का लाभ मिलेगा। योजना का लाभ लेने के लिए 16 जनवरी 2027 तक विभागीय वेबसाइट पर आवेदन किया जा सकता है। योजना के प्रति करदाताओं को जागरूक करने के लिए राज्य कर विभाग ने गुरुवार को कर अधिवक्ता संघों के साथ बैठक की।
शासन एवं राज्य कर मुख्यालय के निर्देश पर आयोजित बैठक में उपायुक्त नृपेंद्र सिंह सेंगर ने योजना के प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि योजना के दायरे में विभिन्न कर कानूनों के अंतर्गत 31 दिसंबर 2025 तक जारी आदेशों से सृजित मांग को शामिल किया गया है। इसमें उत्तर प्रदेश बिक्री कर अधिनियम, 1948, व्यापार कर अधिनियम, 1995, केंद्रीय बिक्री कर अधिनियम, 1956, उत्तर प्रदेश मूल्य संवर्धित कर अधिनियम, 2008 और उत्तर प्रदेश प्रवेश कर अधिनियम, 2007 के तहत सृजित मांग शामिल है।
साथ ही उन्होंने बताया कि इनके अलावा उत्तर प्रदेश आमोद एवं पणकर अधिनियम, 1979, मनोरंजन कर तथा उत्तर प्रदेश केबल टेलीविजन नेटवर्क नियमावली, 1997 के अंतर्गत आने वाले मामले भी योजना से आच्छादित होंगे।
बैठक में अधिवक्ताओं को योजना की पात्रता, बकाया जमा करने और आवेदन की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। विभाग का उद्देश्य योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर पात्र करदाताओं को इसका लाभ दिलाना है।
बैठक की अध्यक्षता अपर आयुक्त, ग्रेड-1, राज्य कर संजय कुमार ने की। विभाग की ओर से संयुक्त आयुक्त आदित्य भारती और नवीन कुमार तथा उपायुक्त आलोक कुमार सचान उपस्थित रहे।
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अधिवक्ता संघों की ओर से एजाज अहमद रिजवी, दिव्येंदु नाथ, राजेश नारायण दुबे, विनय राय, आलोक कुमार श्रीवास्तव, संजय कुमार दुबे, अमित विश्वकर्मा, आशुतोष कुमार दुबे, बृजेश कुमार निषाद, रणंजय सिंह, अनंत रावत, राममनोहर श्रीवास्तव, अरुण कुमार सिंह और सतीश चंद्र बंसल सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।
