गोरखपुर में गुरु गोरक्षनाथ घाट के मुख्य द्वार का निर्माण फिर होगा शुरू, दीपावली से पहले पूरा करने का लक्ष्य
गोरखपुर के महायोगी गुरु गोरक्षनाथ घाट पर मुख्य द्वार का निर्माण कार्य बाढ़ के कारण एक महीने से रुका था, ...और पढ़ें

बाढ़ के कारण काम हो गया था ठप, अब पानी उतर गया है। जागरण
HighLights
बाढ़ के कारण रुका मुख्य द्वार निर्माण फिर शुरू होगा।
दीपावली से पहले कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित।
गजीबो पर निर्णय विशेषज्ञों की रिपोर्ट के बाद होगा।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। राप्ती तट पर स्थित महायोगी गुरु गाेरक्षनाथ घाट के मुख्य द्वार का निर्माण फिर शुरू होगा। बाढ़ के कारण तकरीबन एक महीने से काम ठप हो गया है। अब सिंचाई विभाग ने निर्माण कर तेजी से पूरा कराएगा। दीपावली के पहले काम पूरा कराने पर जोर है।
दीपावली पर महायोगी गुरु गोरक्षनाथ घाट पर दीपोत्सव और छठ पर्व पर महिलाएं बड़ी संख्या में पूजा करने पहुंचती हैं। हालांकि, गजीबो पर अभी निर्णय नहीं लिया जा सका है। सिंचाई विभाग को आइआइटी बीएचयू और मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों की रिपोर्ट का इंतजार है।
बीते छह सितंबर को महायोगी गुरु गोरक्षनाथ घाट पर एक गजीबो गिर गया था। इसके नीचे दबकर अधिवक्ता आलोक अस्थाना और संजय सिंह की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद पत्थर से बने गजीबो की जांच की मांग शुरू हो गई थी।
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सिंचाई विभाग ने प्राथमिक जांच के बाद महायोगी गुरु गोरक्षनाथ घाट के साथ ही रामघाट के गजीबो के चारों तरफ बैरिकेडिंग करा दी थी। लोगों को गजीबो के नीचे या आसपास न जाने की सलाह भी दी गई है। साथ ही मुख्य द्वार के आगे कंक्रीट के नए द्वार का निर्माण भी शुरू करा दिया गया था।
अभियंताओं का कहना है कि पाइलिंग का काम पूरा करा दिया गया है। अब पानी उतरने के बाद बचा निर्माण कार्य तेजी से पूरा कराया जाएगा।
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