बकरी व भेड़ पालन में अब मिलेगी राहत, बैंक लोन और सब्सिडी प्रक्रिया के सरलीकरण की तैयारी
भारत सरकार के पशुपालन सचिव नरेश पाल गंगवार ने गोरखपुर में बकरी व भेड़ पालकों से मुलाकात की। उन्होंने नई ...और पढ़ें
-1792311004901_m.webp)
AI Image.
HighLights
सचिव ने बकरी व भेड़ पालकों से सुझाव लिए।
नई योजनाओं के सरलीकरण पर जोर दिया गया।
लाभार्थियों को प्रशिक्षण व बेहतर नस्ल पर सलाह।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। भारत सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सचिव नरेश पाल गंगवार ने सिक्टौर स्थित श्री बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड में बकरी व भेड़ पालन के 13 लाभार्थियों संग बैठक की। उनसे सुझाव लेने के बाद विभाग की ओर से आने वाली नई योजनाओं के बारे में जानकारी दी। बताया कि इन योजनाओं को सरल किया जा रहा है। जिससे की लाभार्थियों के सामने आने वाली समस्या समाप्त हो जाए।
बकरी पालक ने आलोक प्रताप सिंह ने हरे चारे, व्यवसायिक बिजली बिल, योजना में बैंक ऋण लेने पर भू उपयोग परिवर्तन की समस्या, धर्मेंद्र प्रताप सिंह के प्रतिनिधि संजय सिंह ने बकरियों का बीमा महंगा होने की बात बताई तो संगीता देवी ने योजना के लाभार्थी को पुन: लाभांवित होने या न होने के बारे में पूछा।
सचिव ने इनके सवालों के जवाब देकर संतुष्ट किया। बताया कि आगामी समय में योजना के लाभार्थियों के लिए सरल नियम बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लाभार्थी केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान (सीआइआरजी) मथुरा से प्रशिक्षण प्राप्त कर लें।
बताया कि बकरियों में टीकाकरण, कृमिनाशक दवापान नियत समय पर कराएं। ठंड से बचाव करें। इसके साथ ही मादा बकरियों के प्रजनन चक्र को हीट सिंकोनाइजेशन तकनीकी द्वारा नियंत्रित कर प्रयास करें कि बच्चे सितंबर या फरवरी में पैदा हों। इससे बच्चों पर ठंड का असर नहीं पड़ेगा। इसके साथ ही इकाइयों में उच्च गुणवत्ता के ब्रीडर रखे जाएं। जिससे अच्छी नस्ल के बच्चे पैदा हों और लाभ अधिक हो।
उन्होंने बताया कि योजना के चयन में आने वाली पेरशानी को देखते हुए तय किया गया है कि योजना की लागत को बैंक से ऋण कराया जाए। सब्सिडी लाभार्थी के बजाय संबंधित बैंक को भेजी जाए। इससे लाभार्थियों पर पड़ने वाला बोझ नहीं पड़ेगा और योजना में शामिल होकर वह राेजगार करने लगेंगे।
यह भी पढ़ें- मौर्य एक्सप्रेस में पानी के लिए हाहाकार, यात्री परेशान, गंदे बेडरोल से भी शिकायत
इस दौरान उनके साथ संयुक्त सचिव मुथूकुमारासमी बी., उपायुक्त दयानन्द अप्पा सावंत, उपायुक्त एनएलएम योजना डा. अनिबरन गुहा, एडी पशुपालन डा. वेदप्रकाश, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. धर्मेंद्र पांडेय, पशु चिकित्साधिकारी डा. मनीष चन्द आदि मौजूद रहे।
यह भी पढ़ें- संतकबीर नगर में मासूम की मौत पर परिजनों का आक्रोश, मुआवजे की मांग को लेकर किया सड़क जाम
