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चमकेगा धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप, 50 करोड़ से बिछेगा 60 मीटर चौड़ी सड़कों का जाल

Published: Fri, 11 Sep 2026 10:14 AM (GMT+05:30)

गीडा ने धुरियापार औद्योगिक टाउनशिप में 50 करोड़ रुपये की छह परियोजनाओं की टेंडर प्रक्रिया शुरू की है, जिससे बेहतर ...और पढ़ें

औद्योगिक क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही आसान होगी, पानी की निकासी होगी बेहतर। सांकेतिक फोटो

औद्योगिक क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही आसान होगी, पानी की निकासी होगी बेहतर। सांकेतिक फोटो

HighLights

  1. गीडा ने 50 करोड़ की छह परियोजनाओं की टेंडर प्रक्रिया शुरू की।

  2. 30 से 60 मीटर चौड़ी सड़कें और बेहतर जल निकासी बनेगी।

  3. औद्योगिक क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही आसान होगी।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप में उद्योग लगाने वाले उद्यमियों को जल्द ही बेहतर सड़क और जल निकासी की सुविधा मिलेगी। गीडा ने टाउनशिप के अलग-अलग सेक्टर में करीब 50 करोड़ रुपये की छह परियोजनाओं की टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। इनके तहत 30 से 60 मीटर चौड़ी सड़कों के साथ नाली और पुलिया बनाए जाएंगे। इससे औद्योगिक क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही आसान होगी और वर्षा के दौरान पानी की निकासी भी बेहतर होगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप गीडा की ओर से धुरियापार में इंडस्ट्रियल टाउनशिप विकसित की जा रही है। यहां उद्योगों के लिए जरूरी सुविधाएं पहले से तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि निवेशकों को इकाई लगाने के बाद बुनियादी सुविधाओं की कमी न हो।

सेक्टर छह-ए में पांच सड़कें बनेंगी
सेक्टर छह-ए में पांच सड़कों का निर्माण प्रस्तावित है। इसमें 60 मीटर चौड़ी सड़क, नाली और कल्वर्ट के लिए करीब 6.29 करोड़ रुपये खर्च होंगे। 45 मीटर चौड़ी सड़क नंबर एक के लिए 10.03 करोड़, सड़क नंबर दो के लिए 13.89 करोड़, सड़क नंबर तीन के लिए 5.17 करोड़ और सड़क नंबर चार के लिए 9.46 करोड़ रुपये की लागत का अनुमान है।

सेक्टर सात में 30 मीटर चौड़ी सड़क के साथ नाली और कल्वर्ट का निर्माण कराया जाएगा। इस परियोजना पर करीब 5.17 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। छहों परियोजनाओं की कुल लागत करीब 50 करोड़ रुपये है।

अडानी समूह और श्रेयस डिस्टिलरी को मिली है भूमि
धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप में निवेशकों की रुचि भी बढ़ रही है। अडानी समूह को सीमेंट फैक्ट्री के लिए और श्रेयस डिस्टिलरी को उनकी मांग के अनुसार भूमि आवंटित की जा चुकी है। कई अन्य बड़े निवेशकों और एमएसएमई उद्यमियों ने भी उत्पादन इकाई, वेयरहाउस और लाजिस्टिक्स पार्क स्थापित करने के लिए जमीन मांगी है।

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लिंक एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे नेटवर्क की नजदीकी से यहां उद्योगों को माल ढुलाई में सुविधा मिलेगी। औद्योगिक इकाइयां शुरू होने के बाद स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। इसके अलावा परिवहन, होटल, खानपान और दूसरी सेवाओं से जुड़े काम भी बढ़ेंगे। गीडा की मुख्य कार्यपालक अधिकारी अनुज मलिक के अनुसार टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन कार्यों को जल्द शुरू कराने का प्रयास है।

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