विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

गोरखपुर में दंत डॉक्टरों का महाजुटान, बताया-डेंटल इंप्लांट से वापस पाएं वही पुरानी असली मुस्कान

Published: Mon, 21 Sep 2026 08:11 AM (IST)

डेंटल इंप्लांट से खोए हुए दांतों की कार्यक्षमता बहाल की जा सकती है, जिससे चबाने की क्षमता में सुधार होता ...और पढ़ें

कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए IDA यूपी के अध्यक्ष डॉ. सुधाकर सिंह साथ में डॉ सचिन प्रकाश एवं IDA सहजनवा के सचिव डॉ राजकुमार सिंह। फोटो- जागरण

कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए IDA यूपी के अध्यक्ष डॉ. सुधाकर सिंह साथ में डॉ सचिन प्रकाश एवं IDA सहजनवा के सचिव डॉ राजकुमार सिंह। फोटो- जागरण

HighLights

  1. डेंटल इंप्लांट से खोए दांतों की कार्यक्षमता फिर से बहाल होती है।

  2. दांतों की नियमित सफाई और समय पर दंत जांच जरूरी है।

  3. गोरखपुर में डेंटल इंप्लांट पर आधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन किया गया।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। दांत टूटने या निकल जाने के बाद अब डेंटल इंप्लांट से उसे दोबारा स्थापित किया जा सकता है। इसमें कृत्रिम दांत को जबड़े की हड्डी में सर्जरी के जरिए लगाया जाता है। हड्डी से इंप्लांट के जुड़ने के बाद उसके ऊपर एबटमेंट और कैप लगाया जाता है। इससे खोए दांत की कार्यक्षमता और चबाने की क्षमता बहाल करने में मदद मिलती है।

इससे अगल-बगल के दांत भी सुरक्षित हो जाते हैं। यह बातें इंडियन डेंटल एसोसिएशन (आइडीए) सहजनवां के मुख्य संरक्षक डा. राजीव गुलाटी ने कही। वह संस्था के तत्वावधान में रविवार को होटल रेडिएंट रिजार्ट, गुलहरिया में आयोजित कार्यशाला को बतौर अध्यक्ष संबोधित कर रहे थे।

डा. गुलाटी ने कहा कि आधुनिक तकनीकों से दांतों को पुनर्स्थापित करने की प्रक्रिया पहले की तुलना में आसान हुई है। डेंटल इंप्लांट के जरिए खोए दांत की जगह कृत्रिम दांत लगाया जा सकता है। अध्यक्ष डा. मार्कंडेय गुप्ता ने कहा कि दांतों की नियमित सफाई, सही तरीके से ब्रश करना और समय-समय पर दंत चिकित्सक से जांच कराना जरूरी है।

WhatsApp Image 2026-09-20 at 7.56.27 PM

दांत और मसूड़ों की समस्या की शुरुआत में पहचान होने पर उपचार आसान हो जाता है। दांतों की देखभाल को केवल दर्द होने तक सीमित नहीं रखना चाहिए। कार्यशाला में देशभर से आए विशेषज्ञों ने आधुनिक दंत चिकित्सा तकनीकों और उपचार की नई पद्धतियों पर व्याख्यान दिए। डेंटल इंप्लांट समेत विभिन्न तकनीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया।

यह भी पढ़ें- गोरखपुर में डीएलएड परीक्षा आज से, जिले में 6888 प्रशिक्षु होंगे शामिल

छात्रों ने शोधपत्र और पोस्टर प्रस्तुत किए। मुख्य अतिथि सदर सांसद रवि किशन शुक्ला और विशिष्ट अतिथि सहजनवां विधायक प्रदीप शुक्ला, महापौर डा. मंगलेश श्रीवास्तव व सीएमओ डा. राजेश झा थे। इस अवसर पर सचिव डा. राजकुमार सिंह, डा. मनीष सिंह, डा. श्रीराम गुप्ता, डा. रहमान, डा. अमित द्विवेदी, डा. मनु गुप्ता, डा. सुश्रेया, डा. पल्लवी व डा. अर्पिता सिंह उपस्थित रहीं।

यह भी पढ़ें- गोरखपुर में गुरु गोरक्षनाथ और रामघाट के सभी जर्जर गजीबो गिराए जाएंगे, नए निर्माण की तैयारी