गोरखपुर को सीएम योगी की बड़ी सौगात, आज 8 करोड़ की लागत से बने महिला शरणालय का करेंगे लोकार्पण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर के चरगावां में 8.05 करोड़ की लागत से बने राजकीय महिला शरणालय का लोकार्पण करेंगे, जिसकी ...और पढ़ें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। जागरण
HighLights
मुख्यमंत्री योगी ने गोरखपुर में महिला शरणालय का लोकार्पण किया।
8.05 करोड़ की लागत से बने शरणालय में 100 महिलाओं की क्षमता।
निर्माणाधीन किशोर संप्रेक्षण गृह का भी मुख्यमंत्री ने निरीक्षण किया।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को चरगावां में नवनिर्मित राजकीय महिला शरणालय भवन का लोकार्पण करेंगे। महिला कल्याण विभाग की ओर से संचालित होने वाले इस शरणालय का निर्माण 8.05 करोड़ रुपये की लागत से कराया गया है। भवन में 100 महिलाओं के रहने की क्षमता है।
लोकार्पण से पहले मुख्यमंत्री निर्माणाधीन राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) का निरीक्षण भी करेंगे। चरगावां में कृषि विभाग के बीज गोदाम के समीप बने महिला शरणालय में आवासीय सुविधा के साथ महिलाओं की जरूरत के अनुरूप विभिन्न सहायक सुविधाएं विकसित की गई हैं। भवन में 10 डारमेट्री कक्ष, चार अध्ययन कक्ष, रोगी कक्ष, क्रेच रूम, डाइनिंग हाल, किचन, स्टोर, शौचालय और स्नानघर बनाए गए हैं। प्रशासनिक कार्यों के संचालन के लिए वर्कशाप, वार्डन कक्ष और कार्यालय की व्यवस्था की गई है।
संवासनियों के अध्ययन और ज्ञानवर्धन के लिए पुस्तकालय भी बनाया गया है। राजकीय महिला शरणालय महिला कल्याण विभाग के अधीन संचालित संरक्षणात्मक एवं आवासीय संस्था है। इसका उद्देश्य घरेलू हिंसा, जरूरत, संकटपूर्ण परिस्थितियों, भटकाव अथवा अन्य सामाजिक एवं पारिवारिक कठिनाइयों से प्रभावित महिलाओं को सुरक्षित आश्रय, संरक्षण और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराना है।

नए भवन में आवास के साथ अध्ययन, स्वास्थ्य, भोजन और बच्चों की देखभाल जैसी जरूरतों के लिए भी अलग-अलग व्यवस्थाएं की गई हैं। 100 किशोरों की क्षमता वाला संप्रेक्षण गृह भी तैयार हो रहा: महिला शरणालय के लोकार्पण से पहले मुख्यमंत्री निर्माणाधीन राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) का निरीक्षण करेंगे।
कृषि विभाग के बीज गोदाम के समीप ही 14 करोड़ 87 लाख रुपये की लागत से इसका निर्माण कराया जा रहा है। इसकी क्षमता 100 किशोरों के रहने की होगी। परिसर में किशोर न्याय बोर्ड के लिए अलग ब्लाक भी बनाया जा रहा है। निर्माण फरवरी 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है। राजकीय संप्रेक्षण गृह का उद्देश्य कानून का उल्लंघन करने वाले बच्चों को सुरक्षित, संरक्षित और बाल-अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना है।
यहां उनकी देखभाल के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, मनोसामाजिक सहयोग, कौशल विकास और पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। ऐसे बालकों को यहां रखा जाता है जिन्हें किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया हो और बोर्ड ने विधि के अनुरूप आवश्यक आदेश पारित किया हो।
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मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान निर्माण की प्रगति और प्रस्तावित सुविधाओं की स्थिति भी देखी जाएगी। दोनों परियोजनाएं एक ही क्षेत्र में होने से महिला संरक्षण और किशोरों से जुड़ी सुविधाओं को एक परिसर के आसपास विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।
