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गोरखपुर में'सिस्टम' खा गया पेंशन, 12 महीने बाद एक हुए राम-लखन

Published: Wed, 23 Sep 2026 04:01 AM (IST)

सरकारी दस्तावेजों में नाम की मामूली त्रुटियों के कारण गोरखपुर में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन मिलने में भारी देरी का ...और पढ़ें

यह तस्वीर एआई के द्वारा बनाई गई है।

यह तस्वीर एआई के द्वारा बनाई गई है।

HighLights

  1. नाम की त्रुटि के कारण रामलखन की पेंशन एक साल रुकी।

  2. आधार और सर्विस बुक में नाम अलग होने से समस्या हुई।

  3. 80 से अधिक सेवानिवृत्त कर्मचारी पेंशन देरी से परेशान।

दुर्गेश त्रिपाठी, गोरखपुर। सरकारी नौकरी में 35 साल बिताने के बाद रामलखन को लगा था कि सेवानिवृत्ति के बाद कम से कम पेंशन का सहारा तो रहेगा। मगर विभागीय कागजों में उनके नाम के बीच आई एक छोटी-सी दूरी ने उनके बुढ़ापे की आमदनी में 12 महीने की दूरी पैदा कर दी। आधारकार्ड में वह रामलखन थे और सर्विस बुक में राम-लखन। नाम एक ही था, मगर सिस्टम के लिए दोनों अलग हो गए।

रामलखन मई 2025 में लोक निर्माण विभाग के निर्माण खंड भवन में क्लीनर पद से सेवानिवृत्त हुए। नई पेंशन योजना के तहत उन्हें एक जून 2025 से पेंशन मिलनी थी। सर्विस बुक और आधार कार्ड में नाम के अंतर की त्रुटि सुधारने में इतना समय लगा कि पेंशन जून 2026 में शुरू हो सकी। गुजरे एक साल की पेंशन अब उन्हें शायद ही मिले। रामलखन की तरह भवन खंड में चौकीदार रहे सुभाष पांडेय भी अप्रैल 2026 में सेवानिवृत्त हुए।

सर्विस बुक में सुभाष की जगह सुवाष दर्ज होने से पेंशन अटक गई। चार महीने चक्कर लगाने के बाद एक अक्षर का अंतर ठीक हो सका। रामलखन की शिकायत पर अधीक्षण अभियंता ने जांच के निर्देश दिए लेकिन विभाग ने कर्मचारी के नाम में त्रुटि बताकर पल्ला झाड़ लिया।

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि सर्विस बुक और आधार समेत अन्य दस्तावेज में अंतर को समय से दूर कराना अधिकारियों की भी जिम्मेदारी है। पेंशन योजना से जुड़े 80 से अधिक सेवानिवृत्त कर्मचारी इसमें परेशान हो चुके हैं। अधिशासी अभियंता मनीष कुमार सिंह की रिपोर्ट है कि नाम में त्रुटि होने के कारण पेंशन में विलंब हुआ। अब कुछ भी देय नहीं है।

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