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गोरखपुर में CM योगी का 'शक्ति संदेश', 3 दिन के विशेष अनुष्ठान के साथ दिखेगा सामाजिक सौहार्द का अनोखा रंग

Published: Sat, 17 Oct 2026 02:12 PM (IST)

गोरखपुर में शारदीय नवरात्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तीन दिनों तक विशेष अनुष्ठानों में लीन रहेंगे। इसमें महानिशा पूजा, ...और पढ़ें

सीएम योगी आदित्यनाथ। जागरण

सीएम योगी आदित्यनाथ। जागरण

HighLights

  1. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तीन दिन विशेष अनुष्ठानों में लीन।

  2. अष्टमी पर महानिशा पूजा, नवमी पर कन्या पूजन करेंगे।

  3. विजयादशमी शोभायात्रा सामाजिक समरसता का प्रतीक बनेगी।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। गोरक्षपीठ में शारदीय नवरात्र की आराधना अब अपने विशिष्ट आध्यात्मिक पड़ाव पर पहुंचने जा रही है। रविवार से मंगलवार तक तीन दिन गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विशेष अनुष्ठान, पूजन और पारंपरिक आयोजनों में लीन रहेंगे। अष्टमी की संध्या पर महानिशा पूजा और हवन कर लोकमंगल की कामना करेंगे तो महानवमी पर नौ दुर्गा स्वरूपा कन्याओं के पांव पखारकर उनका पूजन करेंगे।

गोरक्षपीठ में शारदीय नवरात्र की प्रतिपदा पर शक्तिपीठ में कलश स्थापना के साथ अनुष्ठान शुरू हुआ था। नियमित पूजन मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ द्वारा किया जा रहा है। अष्टमी से विजयादशमी तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं विशेष अनुष्ठानों में शामिल होंगे। रविवार यानी 18 अक्टूबर को महानिशा पूजा और हवन के माध्यम से लोककल्याण की प्रार्थना करेंगे।

सोमवार यानी 19 अक्टूबर की सुबह 11 बजे कन्या पूजन होगा। इस दौरान योगी नौ कुंवारी कन्याओं के पांव पखारकर उनके माथे पर रोली, चंदन, दही और अक्षत का तिलक लगाएंगे। विधि-विधान से पूजन के बाद उन्हें भोजन कराएंगे और दक्षिणा व उपहार देकर आशीर्वाद लेंगे। परंपरा के अनुसार इस दौरान बटुक पूजन भी होगा।

विजयादशमी शोभायात्रा में दिखेगी पीठ की समरसता की परंपरा
गोरखनाथ मंदिर से विजयादशमी पर निकलने वाली गोरक्षपीठाधीश्वर की शोभायात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि गोरखपुर की सामाजिक समरसता की विशिष्ट पहचान भी है। इसमें विभिन्न वर्गों के लोगों की सहभागिता रहती है। शोभायात्रा के स्वागत में मुस्लिम और बुनकर समाज के लोगों की भागीदारी इस परंपरा को विशेष बनाती है।

उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी के पूर्व चेयरमैन चौधरी कैफुलवरा बताते हैं कि उनका परिवार तीन पीढ़ियों से शोभायात्रा का स्वागत करता आ रहा है। मंदिर के मुख्य द्वार से थोड़ी दूर वे लोग घंटों पहले फूल-माला लेकर गोरक्षपीठाधीश्वर के स्वागत के लिए खड़े रहते हैं। यह परंपरा धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सौहार्द का संदेश भी देती है।

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भगवान श्रीराम का राजतिलक कर परंपरा निभाएंगे योगी
20 अक्टूबर को विजयदशमी की शाम गोरखनाथ मंदिर से गोरक्षपीठाधीश्वर की भव्य विजयादशमी शोभायात्रा निकलेगी। गुरु गोरक्षनाथ का आशीर्वाद लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शोभायात्रा में शामिल होंगे। तुरही, नगाड़े और बैंड-बाजे की धुन के बीच यात्रा मानसरोवर मंदिर पहुंचेगी, जहां वह देवाधिदेव महादेव की पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद शोभायात्रा मानसरोवर रामलीला मैदान पहुंचेगी। वहां चल रही रामलीला में योगी प्रभु श्रीराम का राजतिलक करेंगे। श्रीराम, माता जानकी, लक्ष्मण और हनुमानजी का पूजन कर आरती भी उतारेंगे।

विजयदशमी पर गोरखनाथ मंदिर में पारंपरिक तिलकोत्सव भी होगा, जिसमें गोरक्षपीठाधीश्वर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देंगे। शाम को मंदिर परिसर में परंपरागत भोज आयोजित होगा। इसमें जाति, मजहब और आर्थिक स्थिति के भेद से परे विभिन्न वर्गों के लोग शामिल होते हैं। इस तरह गोरक्षपीठ की विजयादशमी परंपरा में शक्ति आराधना, रामभक्ति और सामाजिक समरसता के विविध रंग एक साथ दिखाई देंगे।

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