लिव-इन में हो या शादीशुदा हो? जनगणना के दौरान पूछा जाएगा ये सवाल, फॉर्म में चार शादियां दर्शाने का विकल्प
जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारियां तेज हो गई हैं, जिसमें वैवाहिक स्थिति और लिव-इन संबंधों सहित 40 सवालों के माध्यम से सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक जानकारी जुटाई जाएगी।

HighLights
जनगणना 2027 में 40 सवालों से सामाजिक जानकारी।
लिव-इन संबंधों को विवाहित माना जाएगा, बिना प्रमाण।
जाति, डिजिटल साक्षरता, बेघरों की भी होगी गणना।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार जनगणना में वैवाहिक स्थिति समेत 40 सवालों के माध्यम से लोगों की सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक स्थिति से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी। 16 नवंबर से स्वगणना और एक दिसंबर से घर-घर जाकर जनगणना का कार्य शुरू होगा। एमएमयूटी में इसके लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पहले चरण के तहत 14 अक्टूबर तक फील्ड ट्रेनर प्रशिक्षित कर लिए जाएंगे, इसके बाद प्रगणकों के प्रशिक्षण का सिलसिला शुरू होगा।
प्रशिक्षण के दौरान वैवाहिक स्थिति से जुड़े सवालों को लेकर भी चर्चा हो रही है। उपलब्ध प्रशिक्षण संबंधी जानकारी में पुरुषों और महिलाओं के चार विवाह तक दर्शाने तथा लिव-इन संबंधों में साथ रहने वाले जोड़ों को दंपती के रूप में दर्ज करने की बात कही गई है।
नई व्यवस्था के अनुसार, यदि कोई जोड़ा लिव इन रिलेशनशिप में रह रहा है और अपने रिश्ते को एक स्थिर संबंध मानता है, तो उन्हें शादीशुदा जोड़े के रूप में दर्ज किया जाएगा। लिव इन में रहने वाले जोड़े प्रगणक को जो जानकारी देंगे उसे ही सही मान लिया जाएगा, इसके लिए कोई कानूनी प्रमाण पत्र या दस्तावेज की मांग नहीं की जाएगी। प्रश्नावली में वर्तमान वैवाहिक स्थिति, विवाह के समय आयु और पति या पत्नी का नाम पूछा जाएगा।
महिलाओं से बच्चों की संख्या और जाति की भी जानकारी
जनगणना में महिलाओं से जुड़े तीन सवाल भी शामिल हैं। वर्तमान में विवाहित महिलाओं से पिछले एक वर्ष में जीवित जन्मे बच्चों की संख्या पूछी जाएगी। वहीं, वर्तमान में विवाहित, विधवा, तलाकशुदा या अलग रह रही महिलाओं से अब तक जीवित जन्मे बच्चों की कुल संख्या और वर्तमान में जीवित बच्चों की संख्या की जानकारी ली जाएगी। इस बार सभी समुदायों की जाति से संबंधित जानकारी भी जुटाई जाएगी।
इसके अलावा, मातृभाषा और अन्य ज्ञात भाषाओं, सामान्य साक्षरता के साथ डिजिटल साक्षरता, शिक्षा, रोजगार, काम की प्रकृति और कार्यस्थल तक आने-जाने से संबंधित सवाल भी पूछे जाएंगे। बैंक खातों की संख्या, उपलब्ध मोबाइल नंबर, आधार और मतदाता पहचानपत्र सहित अन्य दस्तावेजों की जानकारी भी प्रश्नावली का हिस्सा है।
बेघर लोगों की भी होगी गणना
जनगणना के दूसरे चरण में जनसंख्या की गणना होगी। इसमें बेघर लोगों को भी शामिल किया जाएगा। लोगों की नागरिकता के बजाय उनकी घोषित राष्ट्रीयता दर्ज की जाएगी। जन्मस्थान, पिछले निवास स्थान और पलायन के कारणों से जुड़ी जानकारी भी जुटाई जाएगी।
डीएम दीपक मीणा ने बताया कि जनगणना के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू कर दिए गए हैं। कर्मचारियों को सभी सवालों और उनकी प्रक्रिया को अच्छी तरह समझने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जनगणना के आंकड़ों की शुद्धता महत्वपूर्ण है, क्योंकि इन्हीं के आधार पर भविष्य की योजनाएं तैयार की जाती हैं।
