एशिया का जटायु केंद्र और वानिकी विश्वविद्यालय बदलेंगे कैंपियरगंज की तकदीर, चमकेगा गोरखपुर
कैंपियरगंज में जटायु संरक्षण केंद्र और वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय पर्यावरण संरक्षण व कृषि विकास को नई दिशा देंगे। ये ...और पढ़ें

गोरखपुर में बनेगी यूपी की पहली फॉरेस्ट्री और हॉर्टिकल्चर यूनिवर्सिटी।
संवाद सूत्र, महावनखोर, गोरखपुर। कैंपियरगंज में स्थापित जटायु संरक्षण एवं प्रजनन केंद्र और प्रस्तावित वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय पर्यावरण संरक्षण तथा कृषि विकास के क्षेत्र में नई दिशा देंगे। दोनों परियोजनाएं प्रदेश ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी कैंपियरगंज की पहचान को नई ऊंचाई देंगी।
जिला मुख्यालय से 35 किलोमीटर दूर गोरखपुर-सोनौली राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे कैंपियरगंज वन क्षेत्र के भारीवैसी में विकसित हो रहीं यह परियोजनाएं क्षेत्र के विकास की नई संभावनाओं का आधार बन रही हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर भारीवैसी में एशिया का पहला जटायु संरक्षण एवं प्रजनन केंद्र स्थापित किया गया है। इसके माध्यम से विलुप्तप्राय गिद्धों के संरक्षण, संवर्धन व प्रजनन को बढ़ावा देने की दिशा में काम किया जा रहा है। पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले गिद्धों का संरक्षण जैव विविधता की सुरक्षा के लिहाज से भी अहम है।
यह केंद्र वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसी के समीप 123 एकड़ क्षेत्रफल में प्रदेश का पहला वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय की स्थापना की योजना क्षेत्र के विकास को नया आयाम देने वाली है।
करीब 491 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना में वानिकी, पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, उद्यानिकी और कृषि से संबंधित शिक्षा एवं अनुसंधान को बढ़ावा देने की परिकल्पना की गई है। विश्वविद्यालय के माध्यम से विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के अवसर मिलने के साथ ही किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, पौध उत्पादन, बागवानी और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने की संभावनाएं भी बनेंगी।
इन दोनों परियोजनाओं से कैंपियरगंज की पहचान कृषि और वन संपदा वाले क्षेत्र के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण एवं उच्च शिक्षा के केंद्र के रूप में भी विकसित होगी। विश्वविद्यालय के निर्माण से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने, स्थानीय कारोबार को बढ़ावा मिलने तथा आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है।
जटायु संरक्षण केंद्र और वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय कैंपियरगंज के लिए केवल विकास परियोजनाएं नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, कृषि अनुसंधान, शिक्षा और रोजगार की नई संभावनाओं के द्वार हैं।
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कराई जा रही साफ-सफाई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम को लेकर सड़कों व आसपास की साफ-सफाई कराई जा रही है। कार्यक्रम स्थल को पूरी तरह चमकाया जा रहा है। दो नवंबर को वानिकी एवं औद्योनिकी विश्वविद्यालय के शिलान्यास को लेकर क्षेत्रीय लोगों में काफी उत्साह है। भाजपा नेता व कार्यकर्ता लोगों को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं।
