'मेरे संघर्ष का अपमान हुआ...' गोरखपुर में भाजपा MLC देवेंद्र प्रताप सिंह की चिट्ठी ने बढ़ाई सियासी हलचल
उत्तर प्रदेश में शिक्षक एमएलसी चुनाव से पहले भाजपा एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह की चिट्ठी ने सियासी हलचल बढ़ा दी है।

देवेंद्र प्रताप सिंह का पत्र
HighLights
एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह की चिट्ठी ने बढ़ाई सियासी हलचल।
पत्र में न्याय के संघर्ष को अपमानित करने का आरोप।
गोरखपुर में भाजपा सम्मेलन के विवाद से जुड़ा मामला।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। उत्तर प्रदेश में शिक्षक एमएलसी चुनाव की गहमागहमी के बीच भाजपा के विधान परिषद सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह की एक चिट्ठी ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। हाथ से लिखी इस चिट्ठी में उन्होंने अपने संघर्ष और पीड़ा को बयां करते हुए न्याय के लिए किए गए प्रयासों को अपमानित किए जाने का आरोप लगाया है।
चिट्ठी में किसी प्रत्याशी का नाम विधान परिषद सदस्यनहीं है और न ही किसी को जिताने या हराने की सीधी अपील की गई है, लेकिन 23 अक्टूबर को सशक्त जनादेश की उनकी अपील को चुनावी माहौल में अहम माना जा रहा है।
इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित देवेंद्र प्रताप सिंह का पत्र चर्चा का विषय है। उन्होंने शिक्षकों और प्रतियोगी नौजवानों को अपने परिवार का हिस्सा बताते हुए लिखा है कि अन्याय के खिलाफ संघर्ष करते हुए वह पराकाष्ठा तक जाते हैं। उनके दरवाजे से आज तक कोई निराश और खाली हाथ नहीं लौटा। इसके बावजूद न्याय के लिए उनके संघर्ष को अपमानित किया गया।
चिट्ठी में उन्होंने उन शिक्षक साथियों से सशक्त जनादेश की अपील की है, जिन्हें न्याय पाने की ललक है और उनके संघर्ष में विश्वास है।
मंच पर जगह को लेकर विवाद से जोड़कर देखा जा रहा पत्र
देवेंद्र प्रताप सिंह की चिट्ठी को 12 अक्टूबर को गोरखपुर में हुए भाजपा के शिक्षक सम्मेलन में घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है। उस दिन भाजपा के मंच पर जगह को लेकर क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय से उनकी नोकझोंक हुई थी।
माना जा रहा है कि इस घटनाक्रम से उपजी नाराजगी चिट्ठी के जरिये सामने आई है। हालांकि, देवेंद्र प्रताप सिंह ने पत्र में किसी का नाम नहीं लिया है और न ही विवाद का स्पष्ट उल्लेख किया है।
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