पेप्सिको से लेकर अडानी सीमेंट तक... गोरखपुर के गीडा में निवेश की रफ्तार बढ़ाकर विदा हुईं अनुज मलिक
अनुज मलिक के कार्यकाल में गीडा में औद्योगिक निवेश और विस्तार को गति मिली, जिसमें धुरियापार टाउनशिप का मास्टर प्लान ...और पढ़ें
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आईएएस अधिकारी अनुज मलिक। जागरण
HighLights
अनुज मलिक के नेतृत्व में गीडा में औद्योगिक निवेश बढ़ा।
धुरियापार टाउनशिप का मास्टर प्लान तैयार, विकास को मिली गति।
मिर्जापुर के सीडीओ विशाल कुमार गीडा के नए सीईओ नियुक्त।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। गीडा (गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण) में 17 सितंबर 2023 से सितंबर 2026 तक करीब तीन साल चार दिन के कार्यकाल में आइएएस अधिकारी अनुज मलिक के नेतृत्व में औद्योगिक निवेश और विस्तार को गति मिली। प्रशासनिक फेरबदल में उन्हें संतकबीरनगर का जिलाधिकारी बनाया गया है। उनकी जगह मिर्जापुर के सीडीओ विशाल कुमार को गीडा का सीईओ नियुक्त किया गया है।
मूल रूप से एटा जिले के विशाल कुमार की पहली पोस्टिंग अयोध्या में 3 अक्टूबर 2022 को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के रूप में हुई। इसके बाद 15 दिसंबर 2023 को उन्हें मिर्जापुर जिले का मुख्य विकास अधिकारी बनाया गया। अब उनकी पोस्टिंग गीडा के सीईओ के रूप में हुई है। बुधवार को उनके कार्यभार ग्रहण करने की संभावना है।
पेप्सिको बाटलिंग प्लांट, डिस्टिलरी और डेयरी इकाइयां हुईं स्थापित
अनुज मलिक के कार्यकाल में गीडा में कई बड़े निवेश धरातल पर उतरे। वरुण बेवरेजेज के पेप्सिको बाटलिंग प्लांट, केयान डिस्टिलरी, ज्ञान डेयरी और तत्वा प्लास्टिक जैसी इकाइयों की स्थापना और लोकार्पण इसी अवधि में हुआ। इससे गीडा में औद्योगिक गतिविधियों के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़े। वहीं, उनके नेतृत्व में गीडा के भविष्य के विस्तार के लिए धुरियापार में करीब 5500 एकड़ की औद्योगिक टाउनशिप की योजना को आगे बढ़ाया गया।
टाउनशिप के मास्टर प्लान को मंजूरी मिलने के साथ निवेशकों को भूखंड आवंटन की प्रक्रिया शुरू हुई। इसी क्षेत्र में अडानी समूह की सीमेंट इकाई के लिए भी आधार तैयार हुआ। निवेशकों को जमीन उपलब्ध कराने के लिए उनका गीडा के लैंड बैंक के विस्तार पर जोर रहा।
नए औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क, बिजली और जलनिकासी जैसी आधारभूत सुविधाओं के विकास की योजनाएं भी आगे बढ़ीं। इसी अवधि में प्रदेश के दूसरे फ्लैटेड फैक्ट्री परिसर का उद्घाटन हुआ।
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औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ी आवासीय जरूरतों को देखते हुए सेक्टर-11 में लंबे समय बाद आवासीय भूखंडों और फ्लैटों की नई योजना शुरू हुई। श्रमिकों के लिए किफायती आवास उपलब्ध कराने की दिशा में भी पहल हुई।
अनुज मलिक के कार्यकाल में शुरू हुई कई परियोजनाएं अभी निर्माण और विकास के चरण में हैं। करीब 350 करोड़ रुपये की फिश फीड इकाई और धुरियापार टाउनशिप का पूर्ण विकास आगे गीडा की प्रमुख प्राथमिकताओं में रहेगा।
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