गोरखपुर एम्स में नौकरी को 12 सौ रुपये में कराया पंजीकरण, युवाओं से ठगी बनाया था मास्टरप्लान
गोरखपुर एम्स में नौकरी के फर्जी विज्ञापन से सैकड़ों युवा ठगे गए हैं। इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित इस विज्ञापन के ...और पढ़ें

एम्स परिसर में पहले लगाया गया बोर्ड, अब इसे हटा दिया गया है। जागरण आर्काइव
HighLights
सैकड़ों युवाओं ने फर्जी एम्स नौकरी विज्ञापन पर 1200 रुपये दिए।
एम्स प्रशासन ने विज्ञापन को फर्जी बताया, पर शिकायत नहीं की।
फर्जी विज्ञापन में अनपढ़ों से भी आवेदन मांगे गए थे।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। एम्स में नौकरी दिलाने के लिए प्रसारित फर्जी विज्ञापन के झांसे में सैकड़ों युवा आए हैं। युवाओं ने आवेदन शुरू किया तो पंजीकरण शुल्क के नाम पर 12 सौ रुपये जमा कराए गए। अब दैनिक जागरण में खबर प्रकाशित होने के बाद युवा भी हैरान हैं।
16 मार्च से इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित विज्ञापन के बाद भी एम्स प्रशासन ने अब तक पुलिस में कोई शिकायत नहीं की है। एम्स प्रशासन ने विज्ञापन फर्जी बताते हुए पल्ला झाड़ लिया है। लेकिन लोगों को जागरूक करने की दिशा में कोई पहल भी नहीं की है। इस संबंध में पक्ष लेने के लिए एम्स की कार्यकारी निदेशक डा. विभा दत्ता को वाट्सएप किया गया लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
पिपराइच के रहने वाले मनीष गुप्ता ने बताया कि इंटरनेट मीडिया पर एम्स में भर्ती का विज्ञापन देखा तो मन में उत्साह जगा। विज्ञापन खोला तो एम्स के बारे में पूरी जानकारी के साथ ही पद के आधार पर कार्यों का पूरा ब्योरा था। एम्स की वेबसाइट भी दर्ज थी। इसके बाद आवेदन की प्रक्रिया शुरू की।
आखिरी में पंजीकरण के लिए 12 सौ रुपये जमा करने का आप्शन आया तो जमा कर दिया। अब दैनिक जागरण में खबर पढ़कर परेशान हूं। एम्स प्रशासन को ऐसे लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करानी चाहिए ताकि आगे कोई बेरोजगार न फंसे।
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बेलीपार के श्रीकांत ने भी रुपये जमा किए हैं। श्रीकांत ने बताया कि उन्होंने अपने कई साथियों व रिश्तेदारों को भी आवेदन के लिए विज्ञापन भेजा था। चूंकि पदों की संख्या का जिक्र नहीं था तो हम सभी मान रहे थे कि साक्षात्कार के आधार पर नौकरी मिलनी तय है।
पहले लगा था जागरूकता वाला बोर्ड, बाद में हटा दिया
एम्स परिसर में पहले गेट नंबर तीन व गेट नंबर दो पर सूचना का बोर्ड लगाया गया था। इस पर रुपये लेकर नियुक्ति का आश्वासन देने वालों से सावधान रहने को कहा गया था। साथ ही लिखा था कि यदि कोई रुपये मांग रहा है तो सचेत रहें और इसकी सूचना तत्काल एम्स के अधिकारियों को दें। सूचना सुझाव पेटी या प्रशासनिक कार्यालय में भी दी जा सकती है। अब एम्स परिसर से सूचना वाला बोर्ड हटा दिया गया है।
अनपढ़ों से भी मांगा गया है आवेदन
एम्स गोरखपुर में भर्ती के लिए जारी फर्जी विज्ञापन में अनपढ़ों से भी आवेदन मांगा गया है। वार्ड अटेंडेंट, किचन हेल्पर और सपोर्ट स्टाफ भर्ती 2026 के नाम से जारी विज्ञापन में सीधी भर्ती सिर्फ साक्षात्कार के माध्यम से करने का दावा किया गया है।
दावा है कि नौकरी पक्की होगी और पेंशन व मेडिकल की भी सुविधा मिलेगी। फेसबुक पर हजारों लोगों ने नौकरी के लिए अपना मोबाइल नंबर साझा किया है। पेज खोलने पर फुल टाइम, पार्ट टाइम और सीजनल नौकरी का विकल्प दिया गया है। 18 से 35 वर्ष के युवाओं से आवेदन मांगा गया है। समय-समय पर पदोन्नति का भी दावा किया गया है।
जिन पदों के लिए आवेदन मांगे गए हैं उनमें मल्टी टास्किंग स्टाफ, आफिस अटेंडेंट, वार्ड अटेंडेंट, किचन हेल्पर, लैबोरेटरी अटेंडेंट, हाउसकीपिंग स्टाफ, रिकार्ड क्लर्क, लाइब्रेरी अटेंडेंट, टेक्निकल सपोर्ट असिस्टेंट शामिल हैं। तनख्वाह 18 हजार से 35 हजार रुपये प्रति माह देने का दावा किया गया है।
