एम्स गोरखपुर में कैथ लैब का 70 प्रतिशत काम पूरा, जल्द मिलेंगी हृदय उपचार की आधुनिक सुविधाएं
एम्स गोरखपुर में कैथ लैब का 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और जल्द ही जरूरी मशीनें आने वाली ...और पढ़ें

HighLights
एम्स गोरखपुर कैथ लैब का 70 प्रतिशत काम पूरा।
आवश्यक चिकित्सा उपकरण और मशीनें जल्द ही पहुंचेंगी।
हृदय रोगियों को मिलेगी उन्नत जांच और उपचार सुविधा।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। एम्स गोरखपुर में कैथ लैब शुरू करने की तैयारी तेज हो गई है। स्थापना से जुड़े करीब 70 प्रतिशत काम पूरे हो चुके हैं। जरूरी चिकित्सा उपकरणों और मशीनों की आपूर्ति की प्रक्रिया जारी है और इनके जल्द पहुंचने की उम्मीद है। उपकरण आने के बाद शेष तैयारियां पूरी कर लैब को चालू करने की दिशा में काम होगा।
बुधवार को संस्थान की कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता को उपचार के लिए निजी अस्पताल जाना पड़ा। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पहले एम्स की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। उपचार के बाद अपेक्षित सुधार नहीं होने पर डॉक्टरों ने उन्हें निजी अस्पताल रेफर कर दिया। एम्स में सात साल बाद भी कैथ लैब नहीं बन पाई है। लैब होने पर उनका उपचार एम्स में ही संभव हो सकता था। इस घटना के बाद संस्थान प्रशासन ने कैथ लैब की स्थापना से जुड़ी कार्रवाई तेज कर दी है।
मीडिया प्रभारी डॉ. अरुप महंती ने बताया कि कैथ लैब से एम्स में हृदय रोगों के उपचार की क्षमता बढ़ेगी। इसके शुरू होने पर गोरखपुर, पूर्वांचल और उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों के रोगियों को राहत मिलेगी। उन्नत जांच और उपचार के लिए उन्हें दूर के चिकित्सा संस्थानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। यहां एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी जैसी प्रक्रियाओं की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।