विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

गोंडा में जंगल-बागों के बीच से हटेंगी बिजली लाइनें, आधी होगी फीडरों की दूरी

Published: Thu, 08 Oct 2026 03:30 PM (IST)

गोंडा में बिजली आपूर्ति को बेहतर बनाने के लिए पावर कारपोरेशन ने बड़े बदलाव की योजना बनाई है। इसके तहत जंगल और बागों से हाईटेंशन लाइनें हटाई जाएंगी।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. जंगल और बागों से हाईटेंशन बिजली लाइनें हटाई जाएंगी।

  2. लंबे बिजली फीडरों की लंबाई घटाकर आधी की जाएगी।

  3. ओवरलोड ट्रांसफार्मरों की क्षमता में वृद्धि की जाएगी।

संवाद सूत्र, गोंडा। आंधी-बारिश के दौरान पेड़ों के गिरने और डालियों के तारों से टकराने से बिजली आपूर्ति बाधित होने की समस्या से जल्द निजात मिलने की संभावना है। पावर कारपोरेशन ने निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए लाइनों के ढांचे में बड़े बदलाव की तैयारी की है। इसके तहत जंगल और बड़े बागों के बीच से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइनों को सुरक्षित स्थानों पर बाहर शिफ्ट किया जाएगा।

इसके साथ ही लंबे बिजली फीडरों को छोटा करने की योजना भी तैयार की गई है। वर्तमान में कई फीडरों से 50 से 60 किलोमीटर दूर तक बिजली आपूर्ति की जाती है। अब इनकी लंबाई घटाकर करीब 25 किलोमीटर करने की तैयारी है।

प्लान में में उपकेंद्रों से लेकर गांवों तक ओवरलोड चल रहे ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। देवीपाटन मंडल के चारों जिलों में 114 उपकेंद्रों से सवा 14 लाख उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति की जाती है।

लंबी बिजली लाइनों में कहीं भी खराबी आने पर पूरे फीडर की आपूर्ति प्रभावित होती है। साथ ही खराबी का स्थान तलाशने और उसे दुरुस्त करने में भी अधिक समय लगता है। फीडरों की लंबाई कम होने से फाल्ट का क्षेत्र सीमित रहेगा। इससे खराबी को चिह्नित करने के साथ ही मरम्मत कार्य भी तेजी से पूरा किया जा सकेगा।

उपभोक्ताओं को लंबे समय तक बिजली कटौती का सामना नहीं करना पड़ेगा। प्लान में उपकेंद्रों से लेकर गांवों तक ओवरलोड चल रहे ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने का भी प्रस्ताव है। अधिक भार वाले ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि से बार-बार ट्रिपिंग और गर्म होकर खराब होने की समस्या कम होगी।

मुख्य अभियंता बिजली देवीपाटन मंडल यदुनाथ यथार्थ ने कहा कि जंगल और बागों से लाइनों को बाहर करने, फीडरों की लंबाई घटाने और ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने से बिजली व्यवस्था अधिक मजबूत होगी। इसको लेकर पावर कारपोरेशन के चेयरमैन ने निर्देश दिए है। जल्द ही सर्वे कराकर कार्ययोजना भेजी जाएगी।

यह भी पढ़ें- देवीपाटन मंडल के 54170 बेघर परिवारों को मिलेगा पीएम आवास, BDO से मांगी गई वेरिफिकेशन रिपोर्ट