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गाजीपुर के ठाकुर की पोशाक और अंदाज के मुरीद हो गए थे नाना पाटेकर, 'आंच' फिल्म की शूटिंग की अनमोल यादेंं

Published: Thu, 08 Oct 2026 10:24 AM (IST)

फ़िल्म अभिनेता नाना पाटेकर की 'आंच' फ़िल्म की शूटिंग 2001 में गाजीपुर के करमपुर गांव में हुई थी, जिसकी यादें आज भी वहां के लोगों के दिलों में ताजा हैं।

गाजीपुर के ठाकुर की पोशाक और अंदाज के मुरीद हो गए थे नाना।

गाजीपुर के ठाकुर की पोशाक और अंदाज के मुरीद हो गए थे नाना।

HighLights

  1. 2001 में करमपुर, गाजीपुर में 'आंच' फ़िल्म की शूटिंग हुई।

  2. फ़िल्म ग्रामीण भारत की सामाजिक असमानता और संघर्ष दर्शाती थी।

  3. नाना पाटेकर तेजबहादुर सिंह के अंदाज से काफी प्रभावित हुए।

विंदेश्वरी सिंह, गाजीपुर। Nana Patekar Death News | करमपुर और आसपास के लोग गुरुवार की सुबह फ़िल्म अभिनेता नाना पाटेकर के निधन का खबर सुनकर स्तब्ध रह गए।

ग्रामीण परिवेश पर बनी 'आंच' फ़िल्म की शूटिंग करने नाना पाटेकर करमपुर गांव के आसपास वर्ष 2001 के फरवरी महीने में आए थे। वे यहां कई दिनों शूटिंग करते रहे।

यह फिल्म ग्रामीण भारत की पृष्ठभूमि पर आधारित थी। जहां सत्ता, न्याय, सामाजिक असमानता और व्यवस्था के खिलाफ संघर्ष को दिखाया गया है। फिल्म में नाना पाटेकर और परेश रावल के अभिनय को काफी सराहा गया था। 'आंच' फिल्म साल 2003 में रिलीज हुई थी, जिसका निर्देशन राजेश कुमार सिंह ने किया था।

ग्रामीण परिवेश पर बनी थी 'आंच' फिल्म

इस फिल्म की कहानी उत्तर भारत के ग्रामीण परिवेश और वहां के दो गुटों ठाकुर और यादव की दुश्मनी पर आधारित थी, जिसे जीवंत रूप देने के लिए इसकी शूटिंग गाजीपुर और उसके आस-पास के ग्रामीण इलाकों में की गई थी।

करमपुर स्थित मेघबरन सिंह हॉकी स्टेडियम के संचालक स्व तेजबहादुर सिंह के हवेली और दरवाजे पर बंधे हाथियों, घोड़ों को देखकर नाना पाटेकर कह उठते थे कि तुम तो सच में फिल्मों वाले ठाकुर हो।

नाना पाटेकर को देखने उमड़ती थी भीड़

करमपुर के आसपास जब इस फिल्म की शूटिंग चल रही थी। तब नाना पाटेकर और परेश रावल जैसे बड़े सितारों को देखने के लिए भारी संख्या में स्थानीय लोगों की भीड़ उमड़ती थी।

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उच्च कोटि के कलाकार थे नाना पाटेकर- पूर्व सांसद

फिल्म के कई दृश्यों में स्थानीय संस्कृति और लोकेशन्स की झलक साफ देखने को मिलती है। पूनम झावेरी निर्मित इस फिल्म में निर्देशक का कार्य राजेश सिंह ने किया है। तेजबहादुर सिंह के भाई पूर्व सांसद राधेमोहन सिंह बताते है कि नाना पाटेकर एक उच्च कोटि के कलाकार होने के साथ ही सहृदयी इंसान भी थे।

फिल्म के कैरेक्टर में खो जाते थे Nana Patekar

फिल्मों में क्रोधी भूमिका निभाने वाले नाना पाटेकर बहुत ही शांत और हंसमुख व्यक्ति रहे। शूटिंग के बाद अपने आसपास माहौल को सामान्य बनाये रखते थे। शूटिंग के समय अपनी भूमिका में पूरी तरह डूब जाते थे।

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करमपुर में बाजरे की रोटी और चना का साग खाकर आनंदित हो उठे। तेजबहादुर सिंह से प्रभावित होकर उनके जूते पहनने के स्टाइल और मरदानी धोती को घुटने तक पहनने की विधा के साथ उनके बैठने और बोलने के अंदाज को फिल्म में कॉपी करने के साथ ही अपने निजी जीवन में भी उतार लिया था।

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