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'रात 2:30 तबीयत बिगड़ी, 45 मिनट तक सीपीआर दिया...'; नाना पाटेकर के निधन पर आया डॉक्टर का बयान

Published: Thu, 08 Oct 2026 09:28 AM (IST)Updated: Thu, 08 Oct 2026 10:07 AM (IST)

गोवा में दिल का दौरा पड़ने से दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का निधन हो गया। अस्पताल में 45 मिनट तक सीपीआर देने के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

नाना पाटेकर का देहांत।

नाना पाटेकर का देहांत।

HighLights

  1. दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की आयु में निधन।

  2. गोवा स्थित आवास पर दिल का दौरा पड़ने से हुआ देहांत।

  3. फिल्मफेयर पुरस्कारों की तीनों श्रेणियों में जीते थे अवार्ड।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा के जाने-माने और दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह 75 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। गोवा स्थित उनके घर पर दिल का दौरा पड़ने से उनका यह अचानक निधन हुआ। मिली जानकारी के अनुसार गोवा के डोना पाला स्थित उनके आवास पर वे अचेत अवस्था में पाए गए थे, जिसके बाद उन्हें तुरंत मणिपाल अस्पताल ले जाया गया।

मणिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर साल्कर के अनुसार, डॉक्टरों ने उनकी जान बचाने के लिए लगभग 45 मिनट तक लगातार कार्डियक मसाज (CPR) दिया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और फिर सुबह करीब 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

मृत अवस्था में ही अस्पताल लाए गए थे नाना

डॉक्टर साल्कर के अनुसार, नाना पाटेकर को अस्पताल 'ब्रॉट डेड' यानी मृत अवस्था में लाया गया था और सुबह करीब 5:30 बजे तक उन्हें आधिकारिक रूप से मृत घोषित कर दिया गया। साल्कर ने बताया कि डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लगातार 45 मिनट से एक घंटे तक कार्डियक मसाज (CPR) भी दी गई, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

नाना ने तबियत बिगड़ने पर दोस्त को किया मैसेज

डॉक्टर ने आगे बताया कि रात करीब 2:30 बजे नाना पाटेकर ने अपने एक दोस्त को मैसेज भेजा था कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है। चूंकि रात का वक्त था, इसलिए उनके दोस्त ने वह मैसेज तुरंत नहीं देखा और बाद में उन्हें फोन किया।

Nana Patekar passes away (1)

अस्पताल लाने की जद्दोजहद

नाना के दोस्त रात करीब 4:00 बजे उनके घर पहुंचे। उस समय उन्हें पसीना आ रहा था और वे धीरे-धीरे अचेत हो रहे थे। इसके बाद उन्होंने उनके केयरटेकर को अस्पताल भेजा और अस्पताल की एंबुलेंस बुलाई गई।

ईआर टीम की कोशिशें

बता दें कि जब अस्पताल की इमरजेंसी टीम वहां पहुंची, तब तक वे पूरी तरह से अंसवेदनशील हो चुके थे। टीम ने मौके पर ही कार्डियक मसाज शुरू कर दी और सुबह करीब 4:20 से 4:30 बजे के बीच उन्हें अस्पताल ले आए, जहां डॉक्टरों ने भी पूरी कोशिश की लेकिन वे उन्हें बचा नहीं पाए।

डॉक्टर ने बताया कि इस मामले में मेडिको-लीगल केस (MLC) दर्ज करना पड़ा, जिसके बाद उनका शव पोस्टमॉर्टम के लिए गोवा मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया है। जिस वक्त यह सब हुआ, परिवार वहां मौजूद नहीं था... उनके साथ केवल उनके कुछ दोस्त और केयरटेकर मौजूद थे।

Nana Patekar passes away (2)

नाना का शानदार फिल्मी सफर और उपलब्धियां

गौरतलब है कि 1 जनवरी 1951 को महाराष्ट्र में जन्मे विश्वनाथ पाटेकर (नाना पाटेकर) ने साल 1978 में फिल्म 'गमन' से अपने अभिनय सफर की शुरुआत की थी। अपनी दमदार आवाज, अलग अंदाज और संजीदा अभिनय के लिए वे हमेशा याद किए जाएंगे। 

नाना की प्रमुख फिल्मों की बात करें तो परिंदा, प्रहार, क्रांतिवीर, अग्निसाक्षी, अंकुश, तिरंगा, खाामोशी, अक तक छप्पन, अपहरण, राजनीति और कॉमेडी फिल्म वेलकम, जिसका उदय शेट्टी किरदार आज भी दर्शकों के दिलों में बसा है।

इसके अलावा नाना के नाम एक एतिहासिक रिकॉर्ड भी है। नाना पाटेकर हिंदी सिनेमा के इकलौते ऐसे अभिनेता रहे हैं, जिन्होंने अभिनय की तीनों प्रमुख श्रेणियों, बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर, बेस्ट एक्टर और बेस्ट विलेन में फिल्मफेयर पुरस्कार जीते हैं।