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गाजीपुर में कनेक्शन कटने के बाद भेजा 1.11 लाख रुपये बिजली बिल का नोटिस, आयोग ने किया निरस्त

Published: Thu, 01 Oct 2026 08:20 AM (IST)

गाजीपुर उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने स्थायी रूप से विच्छेदित विद्युत कनेक्शन के 1.11 लाख रुपये के बकाया नोटिस को ...और पढ़ें

जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग का फैसला। सांकेतिक तस्वीर

जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग का फैसला। सांकेतिक तस्वीर

HighLights

  1. गाजीपुर उपभोक्ता आयोग ने 1.11 लाख रुपये का बिजली बिल नोटिस रद्द किया।

  2. विद्युत विभाग की सेवा में कमी मानी, नोटिस दो माह में निरस्त होगा।

  3. नए कनेक्शन की जानकारी छिपाने पर उपभोक्ता का हर्जाना दावा अस्वीकृत।

जागरण संवाददाता, गाजीपुर। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने स्थायी रूप से विच्छेदित विद्युत कनेक्शन के बकाये को लेकर वर्ष 2022 में जारी 1.11 लाख रुपये के नोटिस को निरस्त करने का आदेश दिया है। बुधवार को दिए फैसले में आयोग ने विद्युत विभाग की ओर से सेवा में कमी मानी, हालांकि परिवादी द्वारा नए कनेक्शन की जानकारी छिपाने के कारण एक लाख रुपये हर्जाना व मानसिक प्रताड़ना के लिए मांगी गई राशि देने से इन्कार कर दिया। आयोग ने अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड-प्रथम को नोटिस निरस्त करने की कार्रवाई दो माह में पूरी करने का निर्देश दिया है।

उपेंद्र नाथ राय निवासी सुरवत कासिमाबाद ने अपने नाम के विद्युत कनेक्शन को स्थायी रूप से विच्छेदित कराने के लिए 22 दिसंबर 2008 को निर्धारित शुल्क 934 रुपये जमा किया था। इसके बावजूद विभाग की ओर से एक नवंबर 2022 को 1,11,188 रुपये बकाया दर्शाते हुए नोटिस जारी किया गया। नोटिस समाप्त कराने के लिए विभागीय स्तर पर कार्रवाई न होने पर छह जून 2023 को आयोग में परिवाद दाखिल किया गया।

सुनवाई के दौरान विद्युत विभाग की ओर से बताया गया कि परिवादी ने स्थायी विच्छेदन के बाद भी कनेक्शन का उपयोग किया था। हालांकि विभाग की जांच रिपोर्ट में सामने आया कि 2008 में पीडी कराने के बाद उपभोक्ता ने वर्ष 2014 में नया कनेक्शन लिया था। नए कनेक्शन को पुराने संयोजन संख्या से जोड़ दिए जाने के कारण मीटर पुराने कनेक्शन पर दर्ज हो गया और बिलिंग में समस्या उत्पन्न हुई।

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जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष सुजीत कुमार श्रीवास्तव, सामान्य सदस्य रणविजय मिश्र व दीपा रानी ने विभाग की 10 अप्रैल 2026 की रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए पुराने कनेक्शन के नोटिस को निरस्त करने का आदेश दिया। विभाग नए संयोजन की वास्तविक विद्युत खपत के अनुसार बिल की राशि वसूल सकेगा। आयोग ने यह भी कहा कि परिवादी ने नए कनेक्शन की जानकारी प्रारंभिक परिवाद में नहीं दी, इसलिए हर्जाने की मांग स्वीकार नहीं की जा सकती।

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