वाराणसी एयर शो: गाजीपुर की अंधऊ हवाई पट्टी बनी वायुसेना का अस्थाई स्टेशन, चिनूक और मिग-17 भरेंगे उड़ान
गाजीपुर की अंधऊ हवाई पट्टी वाराणसी एयर शो के लिए वायुसेना का अस्थाई स्टेशन बन गई है, जहां चिनूक और मिग-17 जैसे लड़ाकू विमान संचालित होंगे।

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HighLights
अंधऊ हवाई पट्टी वायुसेना का अस्थाई स्टेशन बनी।
चिनूक, मिग-17 जैसे लड़ाकू विमान यहां से उड़ेंगे।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, मांस की दुकानें बंद रहेंगी।
जागरण संवाददाता, गाजीपुर। वाराणसी में वायुसेना के स्थापना दिवस पर 22, 23 और 25 अक्टूबर को प्रस्तावित एयर शो के मद्देनजर अंधऊ हवाई पट्टी भी सैन्य गतिविधियों का केंद्र बन गई है। यहां वायु सेना का अस्थाई स्टेशन बन गया है। यहां वायुसेना के विमानों और हेलीकॉप्टरों के संचालन के लिए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की जा रही है। 15 से 27 अक्टूबर तक आसपास के गांवों में विशेष सतर्कता बरती जाएगी।
वायुसेना के 75 -100 अधिकारी-कर्मचारी यहां रहेंगे। यहां चिनूक व मिग-17 लड़ाकू सहित आधा दर्जन लड़ाकू विमान यहां आएंगे। चारों तरफ उच्च क्षमता की लाइटें लगाई जा रही है। सीसीटीवी कैमरों से कवर किया जा रहा है।

एयरपोर्ट के आसपास मांस की दुकानें रहेंगी बंद
भारतीय रक्षा संपदा विभाग की जमीन पर बनी अंधऊ हवाई पट्टी का निर्माण वर्ष 1941-42 में किया गया था। 15 अक्टूबर से यहां वायु सेना के अधिकारी पहुंचेंगे। यहां से लड़ाकू विमान उड़ान भरकर गंगा घाटों पर अपनी ताकत दिखाएंगे। पुलिस और प्रशासन ने अंधऊ, ईनरवा, विराईच और चकहुसान गांवों के ग्रामीणों से सहयोग की अपील की है।
एयरपोर्ट के दो से तीन किलोमीटर के दायरे में मांस की दुकानें बंद रहेंगी, ताकि पक्षियों के विमानों से टकराने का खतरा कम किया जा सके। मवेशियों और पालतू जानवरों को खुला नहीं छोड़ने तथा पतंगबाजी से दूर रहने को कहा गया है।
सुरक्षा दीवार फांदने या प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने पर भी रोक रहेगी। पुलिस ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अपर पुलिस अधीक्षक नगर डॉ. राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि अंधऊ हवाई पट्टी की पुख्ता सुरक्षा रहेगी। यहां एयरफोर्स के अधिकारियों व हेलीकाप्टर आएंगे। इसलिए आस-पास जाने की अनुमति नहीं रहेगी।
