गाजियाबाद में हवा का हिसाब-किताब होगा और सटीक, वेव सिटी में 3 करोड़ का प्रदूषण मॉनिटर शुरू; 7 इलाकों पर नजर
गाजियाबाद के वेव सिटी में लगभग तीन करोड़ की लागत से एक नया प्रदूषण मापक यंत्र शुरू हो गया है, ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।
HighLights
वेव सिटी में तीन करोड़ की लागत से प्रदूषण मापक यंत्र शुरू।
गाजियाबाद में अब कुल सात प्रदूषण मापक यंत्र कार्यरत हो गए हैं।
स्थानीय लोग अब अपनी हवा की गुणवत्ता की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
जागरण संवाददाता, साहिबाबाद (गाजियाबाद)। लोनी के वेद विहार व गोविंदपुरम के बाद वेव सिटी में भी करीब तीन करोड़ की लागत से प्रदूषण मापक यंत्र शुरू हो गया है। अब यहां के लोगों को भी हवा की स्थिति के बारे में भी पता चल सकेगा।
इसके साथ ही अब प्रदूषण मापक यंत्र सात क्षेत्रों में हो गए हैं। वहीं, रविवार को वेव सिटी का एक्यूआइ 102 और जिले का एक्यूआइ 56 दर्ज किया गया।
जिले में इंदिरापुरम, लोनी, वसुंधरा, संजयनगर, वेद विहार व गोविंदपुरम में प्रदूषण मापक यंत्र लगे हुए थे। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) अभी लोनी, मोदीनगर और खोड़ा में एक-एक प्रदूषण मापक यंत्र लगाने का कार्य कर रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि प्रदूषण मापक यंत्र इंस्टाल करने का कार्य किया जा रहा है। जल्द ही सभी यंत्रों को शुरू कर दिया जाएगा। आने वाले दिनों में कुल 10 प्रदूषण मापक यंत्र हो जाएंगे। इससे उन क्षेत्र के लोगों को भी प्रदूषण का कारण पता चल सकेगा।
प्रत्येक पर तीन करोड़ का बजट हो रहा खर्च
प्रत्येक प्रदूषण मापक यंत्र पर करीब तीन करोड़ का बजट खर्च किया जा रहा है। यानी तीन और प्रदूषण मापक यंत्र पर नौ करोड़ खर्च किए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि ये मापक यंत्र विदेश से मंगाए जाते हैं इसीलिए अधिक खर्चा आता है। इन्हें लगाने का कार्य सीपीसीबी कर रहा है।
संख्या बढ़ने पर एक्यूआइ में आएगी गिरावट
यूपीपीसीबी के एक अधिकारी नाम न लिखने की शर्त पर बताया कि गाजियाबाद देश में सबसे अधिक प्रदूषित इसीलिए रहता है क्योंकि यहां मापक यंत्र चार थे। अब इनकी संख्या कुल सात हो गई है।
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दिल्ली में अधिक संख्या में मापक यंत्र लगे हैं। इसीलिए दिल्ली का औसत एक्यूआइ ज्यादातर दिन गाजियाबाद से कम दर्ज होता है।
क्षेत्रीय एक्यूआई रिपोर्ट
| क्षेत्र | एक्यूआई |
|---|---|
| गोविंदपुरम | 42 |
| इंदिरापुरम | 32 |
| लोनी | 50 |
| संजय नगर | 33 |
| वेद विहार | 79 |
| वेव सिटी | 102 |
| वसुंधरा | बंद |
वर्जन: वेव सिटी में भी प्रदूषण मापक यंत्र लगाया गया है। इस पर करीब तीन करोड़ का बजट खर्च किया गया है। अब यहां के लोगों को भी प्रदूषण के स्तर की जानकारी मिल सकेगी।
— अंकित सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, यूपीपीसीबी
