बजट में एमएसएमई को बड़ी सौगात, गाजियाबाद के 30 हजार उद्योगों को मिलेगी नई रफ्तार; औद्योगिक इकाइयां होंगी मजबूत
केंद्रीय बजट में एमएसएमई के लिए 10,000 करोड़ रुपये का विकास फंड घोषित किया गया है। इससे गाजियाबाद की 30,000 ...और पढ़ें

केंद्रीय बजट की सौगात से गाजियाबाद की करीब 30 हजार से अधिक औद्योगिक इकाइयों को रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
HighLights
एमएसएमई के लिए 10,000 करोड़ रुपये का विकास फंड।
गाजियाबाद की 30 हजार से अधिक इकाइयों को मिलेगा लाभ।
रोजगार सृजन, तकनीक और निर्यात को मिलेगा बढ़ावा।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश आम बजट में एमएसएमई को विशेष प्राथमिकता दी गई। बजट में एमएसएमई के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का विकास फंड घोषित किया गया है, जिससे उद्यमियों की बांछे खिली हैं। बजट में मिलने वाली इस सौगात से जिले की करीब 30 हजार से अधिक औद्योगिक इकाइयों को रफ्तार मिलने की उम्मीद है। उद्योगों को तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर में मजबूती मिलने से उत्पादन बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
जोखिम पूंजी सुनिश्चित करने हेतु दो हजार करोड़ का टॉप-अप
औद्योगिक नगरी गाजियाबाद में करीब 28 से अधिक औद्योगिक क्षेत्र विकसित हैं। यहां संचालित एमएसएमई इकाइयां लंबे समय से वित्तीय सहयोग, आधुनिक तकनीक और बेहतर बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रही थीं। बजट में घोषित विकास फंड को इसी दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
बजट में सूक्ष्म उद्यमों के लिए जोखिम पूंजी सुनिश्चित करने हेतु दो हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त टाॅप-अप भी दिया गया है। औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आने से गाजियाबाद में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। उद्योगों का विस्तार होने से स्थानीय युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार मिल सकेगा। साथ ही नए निवेशकों का रुझान भी गाजियाबाद की ओर बढ़ेगा।
22 हजार करोड़ से अधिक का निर्यात
जिले के उद्योगों से प्रति वर्ष 22 हजार करोड़ रुपये से अधिक का दुनिया भर में अलग-अलग उत्पादों का निर्यात होता है। इंजीनियरिंग गुड्स के अलावा टैक्सटाइल, धातु उत्पाद और होम फर्निशिंग, दवा और इलेक्ट्रानिक उत्पादों का इसमें बड़ा योगदान है। जिले से इजराइल, सिंगापुर, अफ्रीका, मिडिल ईस्ट, अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, कनाडा, फ्रांस, यूके, तुर्की, बांग्लादेश आदि देशों में निर्यात हो रहा है।
"बजट का मुख्य उद्देश्य रोजगार सृजन के साथ-साथ छोटे और मंझले उद्योगों को सशक्त बनाना है। यह फंड उद्यमियों को इंसेंटिव और सब्सिडी के रूप में उपलब्ध होगा, जिससे वे अपने उद्योगों का विस्तार कर सकेंगे।"
-संजय अग्रवाल, उद्यमी
"यह विकास फंड उन एमएसएमई को इक्विटी या इक्विटी जैसी सहायता प्रदान करेगा, जिनमें विकास की क्षमता तो है लेकिन पूंजी की कमी आड़े आ रही है। पुरानी तकनीक से बाहर निकलकर आधुनिक मशीनरी से उद्योग आगे बढ़ेंगे।"
-राकेश अनेजा, उद्यमी
"इस फंड से पुराने और जर्जर हो चुके औद्योगिक क्लस्टर्स को आधुनिक बुनियादी ढांचे और नई तकनीक के साथ पुनर्जीवित किया जाएगा। इससे एमएसएमई की ऋण तक पहुंच आसान होगी और निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा।"
-दीपक शर्मा, उद्यमी
यह भी पढ़ें- छह साल बाद दिल्ली-शंघाई सीधी उड़ान बहाल, भारत-चीन संपर्क को मिलेगी रफ्तार; 230 यात्रियों के साथ पहली फ्लाइट रवाना
