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सलीम वास्तिक पर हमले के पीछे मास्टरमाइंड की तलाश में जुटीं एजेंसियां, मौलवी की जांच हुई तेज; तलाश रहे फंडिंग के तार

Published: Sat, 07 Mar 2026 11:00 PM (IST)

यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर हुए जानलेवा हमले के पीछे की बड़ी साजिश की जांच एजेंसियां कर रही हैं। हमलावर जीशान ...और पढ़ें

यूट्यूबर सलीम अहमद उर्फ सलीम वास्तिक पर हुआ जानलेवा हमला बड़ी साजिश की ओर इशारा कर रहा है।

यूट्यूबर सलीम अहमद उर्फ सलीम वास्तिक पर हुआ जानलेवा हमला बड़ी साजिश की ओर इशारा कर रहा है। 

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आशुतोष गुप्ता, साहिबाबाद। मजहबी कट्टरता व कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाने वाले यूट्यूबर सलीम अहमद उर्फ सलीम वास्तिक पर हुआ जानलेवा हमला बड़ी साजिश की ओर इशारा कर रहा है। सूत्रों का कहना है कि हमला करने वाले जीशान व गुलफाम केवल दोनों सिर्फ मोहरे थे लेकिन सलीम पर हमले का आदेश कहीं और से हुआ था। मामला सुर्खियाें में आने और बड़ी साजिश के अंदेशे पर अब कई और एजेंसियां जांच में जुट गई हैं।

कथित मौलवी की जांच की जा रही

इसके बाद हमले के पीछे जुड़े मास्टरमाइंड की तलाश तेज हो गई है। एजेंसियां इंटरनेट मीडिया के माध्यम से मुख्य आरोपित तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं। सूत्र बता रहे हैं कि हमलावर जीशान व गुलफाम भले ही पुलिस मुठभेड़ में ढेर हो गए हैं लेकिन पिक्चर अभी बाकी है। हमले के पीछे पाकिस्तानी कनेक्शन, टेलीग्राम पर मिले कट्टरपंथी ग्रुप व दिल्ली के एक कथित मौलवी की जांच की जा रही है।

संगठनों के निशाने पर अधिक आ गए

अब तक की जांच में इस बात की पुष्टि हो गई है कि सलीम पर हमले के पीछे मजहबी कट्टरता थी। सलीम पर हमले के बाद जांच में पाकिस्तानी कनेक्शन सामने आया था। हमले से पहले पाकिस्तानी यूट्यूबर ने अपने चैनल पर सलीम का पता सार्वजनिक करते हुए हमले की धमकी दी थी। उसने इस हमले की जिम्मेदारी भी ली थी। पहलगाम में हुए हमले के बाद सलीम वहां गए थे और आतंकियों का विरोध करते हुए कश्मीरी कट्टरपंथियों के बहिष्कार की मांग उठाई थी। तब से वह संगठनों के निशाने पर अधिक आ गए थे।

खुफिया एजेंसियों ने भी जांच शुरू की

हमलावर जीशान के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद उसका संबंध एक कट्टरपंथी संगठन से जुड़ा मिला था। वह मुस्लिम आर्मी मेहदी माडरेटर नाम के एक टेलीग्राम ग्रुप से जुड़ा हुआ था। इस ग्रुप पर भी सलीम पर हमले की अपडेट दी जा रही थी। इसके साथ ही पुलिस को जीशान का एक इंस्टाग्राम अकाउंट भी मिला था जो उसके कट्टरपंथी विचारों की वीडियो से भरा हुआ था। इन सभी बिंदुओं पर अब पुलिस के साथ-साथ अन्य सुरक्षा व खुफिया एजेंसियों ने भी जांच शुरू कर दी है। इंटरनेट मीडिया अकाउंटों की जांच से इनके बारे में पता लगाया जा रहा है।

डर का माहौल पैदा करने की ख्वाहिश

जांच में आया है कि जीशान व सलीम ने सलीम को तड़पाने के लिए उस पर ब्लेड से बेरहमी से हमला किया। घटना के समय दोनों के पास पिस्टल भी थी। वह उसकी गोली मारकर आसानी से हत्या कर सकते थे लेकिन उनका मकसद सलीम को तड़पाना था और सिर तन से जुदा करने के लिए उन्होंने ऐसा किया, लेकिन वह मकसद में कामयाब नहीं हो सके। इसके पीछे उनका उद्देश्य मजहबी कट्टरता का विरोध करने वालों में दहशत का माहौल पैदा करना था।

पैन नंबर न होने से नहीं मिले बैंक खाते

जीशान व गुलफाम को फंडिंग का अंदेशा जताया जा रहा है। बैंक खातों की जानकारी मिलने के बाद इसकी पुष्टि हो सकेगी। लेकिन पुलिस को दोनों का पैन नंबर नहीं मिल पाया है। इस कारण बैंक खातों की जानकारी नहीं हो सकी है। वहीं सूत्र बता रहे हैं कि आनलाइन ट्रांजक्शन की डिटेल तो बैंक खातों से मिल जाएगी लेकिन यदि फंडिंग कैश में हुई है तो इस बारे में पता लगाना बेहद मुश्किल है, क्योंकि कैश देने वाले सामने आएंगे नहीं और लेने वाले एंकाउंटर में मारे जा चुके हैं। ऐसे में पुलिस के सामने इस बारे में पता लगाना बहुत बड़ी चुनौती है।

''मामले की कई बिंदुओं पर जांच की जा रही है। हमले केे पीछे कोई और तो नहीं है, इस बारे में भी पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। दोनों के मोबाइल फोन को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।''

-सुरेंद्र नाथ तिवारी, डीसीपी ग्रामीण

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