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सलीम वास्तिक हमला: मजहबी कट्टरता की भेंट चढ़ा बुनियाद सैफी का वंश, तीसरे दिन दूसरा भाई मुठभेड़ में ढेर

Published: Tue, 03 Mar 2026 11:08 PM (IST)

यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमला करने वाले सगे भाई जीशान और गुलफाम पुलिस मुठभेड़ में मारे गए। जीशान के ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, अमरोहा। यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमला करने वाले सगे भाई जीशान व गुलफाम की मुठभेड़ में मौत होने के बाद सैदनगली कस्बे के लोग भी दहशत में हैं। जीशान के दफन के लगभग 12 घंटे बाद बड़े भाई गुलफाम को भी गाजियाबाद पुलिस ने मौत की नींद सुला दिया।

यानी मजहबी कट्टरता ने बुनियाद सैफी का वंश खत्म कर दिया। अब परिवार में केवल बूढ़े मां-बाप व गुलफाम के पत्नी व दो बच्चे बचे हैं। मंगलवार देर रात कस्बे में इसकी जानकारी मिली तो लोग सहम गए।

यह है पूरा मामला

गाजियाबाद में युट्यूबर सलीम वास्तिक पर उनके कार्यालय में चाकू से जानलेवा हमला किया गया था। घटना सीसीटीवी में कैद हो गई थी। पुलिस हमलावरों की शिनाख्त कर रही थी। दोनों हमलावर की पहचान सगे भाई गुलफाम व जीशान के रूप में हुई।

मूल रूप से कस्बा सैदनगली निवासी बुनियाद अली के बेटे जीशान व गुलफाम 10 साल से नोएडा के खोड़ा काॅलोनी में किराए के मकान पर रहते थे। वहां फर्नीचर का काम करते थे।

मजहबी प्रवृत्ति के जीशान व गुलफाम के परिवार में पिता गुलफाम व मां अफसाना के अलावा पांच बहनें हैं। पांचों बहनों की शादी हो चुकी है। गुलफ़ाम भी शादीशुदा है। उसके परिवार में पत्नी व दो बच्चे हैं। जबकि जीशान अविवाहित था। रविवार रात को पहले पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान जीशान को मार गिराया था, जबकि गुलफ़ाम फरार हो गया था।

गाजियाबाद पुलिस उसे तलाश कर रही थी। दोनों भाइयों पर एक एक लाख रुपये का ईनाम भी था। हालांकि सोमवार देर रात पिता बुनियाद सैफी व अन्य रिश्तदार जीशान का शव गाजियाबाद से घर लेकर आए थे। रात ही उसका दफ़ीना किया गया था।

अभी दफ़ीना को लगभग 12 घंटे ही बीते थे कि उन्हें गुलफ़ाम के मुठभेड़ में मारे जाने की खबर मिल गई। यह खबर कस्बे में भी आग की तरह फैल गई। दोनों भाइयों के घर के आसपास रहने वाले लोग पहले ही दहशत में थे कि अब फिर से उन्होंने इस परिवार से किनारा कर लिया। कस्बे के लोग हालांकि खुलकर तो कुछ नहीं बोल सके, लेकिन हर जगह इसी बात की चर्चा होती रही।

दरअसल, दबी जुबान से सभी यही चर्चा करते रहे कि मजहबी कट्टरता ने बुनियाद सैफी के परिवार का वंश खत्म कर दिया। दोनों भाई मजहबी कट्टरता की आंधी में इस कद्र अंधे हो जाएंगे किसी ने सोचा न था।

जीशान व गुलफ़ाम दोनों ही मजहबी प्रवृत्ति के थे। उनका पहनावा व दिनचर्या मजहबी रंग रूप में रंगी थी। उधर गुलफ़ाम की मौत की सूचना मिलने के बाद देररात तक स्वजन गाजियाबाद रवाना नहीं हुए थे। घर को उन्होंने भीतर से बंद कर लिया था। बुनियाद सैफी व अफसाना के साथ बेटियां व अन्य रिश्तेदार घर में मौजूद थे।

किसी संगठन के सदस्य तो नहीं थे दोनों भाई

जीशान के बाद उसके भाई गुलफ़ाम के भी मुठभेड़ में मारे जाने का बाद एक सवाल लोगों की जुबान पर यह भी था कि कस्बे में सीधे साढ़े दिखने वाले दोनों भाई आखिर किसके इशारे पर यह कदम उठा बैठे। कहीं वह किसी कट्टरपंथी आतंकी संगठन के संपर्क में तो नहीं थे।

हालांकि, गाजियाबाद पुलिस दोनों के मोबाइल के आधार पर उनके इंटरनेट मीडिया अकाउंट के माध्यम से पता लगाने में जुटी है। कस्बे को लोगों आशंका जता रहे हैं कि कहीं वह किसी आतंकी संगठन के सदस्य तो नहीं थे।

जीशान के बाद फरार चल रहे उसके भाई गुलफ़ाम की मुठभेड़ में मौत होने की सूचना मिली है। पुलिस उनके मुहल्ले के हालात पर नजर बनाए हुए है। कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस सतर्क है।

-विकास सहरावत, एसओ सैदनगली।