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पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क: ट्रक ड्राइवरों का इस्तेमाल कर भारत में फैलाई जासूसी, गणेश ने की थी भर्ती

Published: Sun, 22 Mar 2026 10:58 PM (GMT+05:30)

पाकिस्तानी आका के इशारे पर भारत में जासूसी गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। इस नेटवर्क ने 50 से अधिक ट्रक ...और पढ़ें

गणेश नामक नेपाली व्यक्ति ने मुंबई में ट्रांसपोर्ट पर काम करते हुए चालकों को भर्ती किया।

गणेश नामक नेपाली व्यक्ति ने मुंबई में ट्रांसपोर्ट पर काम करते हुए चालकों को भर्ती किया।

HighLights

  1. पाकिस्तानी आका के इशारे पर जासूसी गिरोह का भंडाफोड़।

  2. 50 से अधिक ट्रक चालकों को लालच देकर जोड़ा गया।

  3. सैन्य ठिकानों, सार्वजनिक स्थलों की जानकारी एकत्र की।

आशुतोष गुप्ता, साहिबाबाद। पाकिस्तानी आका के इशारे पर भारत में जासूसी गिरोह के नेटवर्क का भंडाफोड़ होने के बाद सनसनीखेज जानकारी समने आ रही हैं। अब जासूसी के लिए दूर-दराज के राज्यों में जाने वाले ट्रक व कंटेनर चालकों का नेटवर्क से कनेक्शन सामने आया है।

सूत्र बता रहे हैं कि जासूसी के लिए पाकिस्तानी आका के कहने पर गिरोह से जुड़े सुहेल व गणेश ने 50 से अधिक ट्रक व कंटेनर चालकों को नेटवर्क में जोड़ा था। ट्रक चालक लगातार भ्रमणशील रहते हैं और लंबी दूरी तय करते हैं, इसके पीछे आरोपितों की मंशा थी कि चालकों से आसानी से दूर-दराज के राज्यों के विभिन्न स्थानों की वीडियो, फोटो व लोकशन मंगाई जा सकती हैं।

इसके चलते यह नेटवर्क खड़ा किया गया और चालकों को इसके लिए लालच भी दिया गया। दिल्ली से मुंबई, हरियाणा, पंजाब, पठानकोट, जम्मू, कश्मीर, श्रीनगर, कर्नाटक व दक्षिण भारत के रूटों पर चलने वाले चालकों को इसके लिए चुना गया।

सूत्र बताते हैं कि नेपाल का रहने वाला और पाकिस्तानी आका का करीबी गणेश सबसे पहले इस ट्रांसपोर्ट के इस नेटवर्क में जुड़ा। नेपाल से दोबारा आने के बाद वह एक मुंबई की ट्रांसपोर्ट पर नौकरी करने लगा। इस दौरान उसने मुंबई पोर्ट पर भी ट्रक चलाया और वहां की रेकी की।

ट्रांसपोर्ट पर नौकरी करते हुए ही वह अन्य ट्रक चालकों के संपर्क में आया और उन्हें रुपयों का लालच देकर जासूसी के इस कार्य से जोड़ा। गणेश ने उन्हें जासूसी के बारे मेें तो नहीं बताया लेकिन उसने रास्ते में पड़ने वाले विभिन्न सैन्य ठिकानों, बड़े सार्वजनिक स्थलों, पर्यटन स्थलों, विभिन्न बड़े संस्थानों की लोकेशन, फोटो व वीडियो उसे भेजने के लिए कहा।

पिछले करीब छह माह में उसने 50 से अधिक ट्रक चालकों को अपने नेटवर्क में जोड़ लिया था, जो उसके लिए कार्य कर रहे थे। एजेंसियों को इस संबंध में जानकारी हाथ लगी हैं। मामले का जल्द पर्दाफाश हो सकता है।

इरम को दिया था युवतियों को ग्रुप से जोड़ने का लक्ष्य

जांच में पता चला है कि इरम पाकिस्तानी आका सरफराज उर्फ जोरा सिंह की प्रेमिका है। सरफराज ने इरम काे टास्क दिया था कि वह कम पढ़ी-लिखी व सुंदर युवतियों के अलग-अलग ग्रुप बनाए और उसे भी ग्रुप में जोड़े। वह युवतियों को नौकरी व पैसे का लालच देकर उससे दोस्ती कराए। इरम ने काफी दिनों तक प्रयास भी किया लेकिन वह इसमें सफल नहीं हो पाई। अंदेशा जताया गया है कि पाकिस्तानी आका का इसके पीछे मतांतरण या लव जिहाद का मकसद हो सकता है।

भोवापुर गिरोह अकेला नहीं, देश भर में ऐसे कई नेटवर्क का अंदेशा

पाकिस्तानी आका द्वारा जासूसी के लिए तैयार कराया गया ये गिरोह अकेला ही नहीं है बल्कि देश भर में ऐसे कई गिरोह के संचालित होने की आशंका है। सूत्र बता रहे हैं कि विदेशों में बैठे हुए पाकिस्तानी ऐसे आका हैं जो इस तरह के नेटवर्क तैयार कर रहे हैं। भोवापुर से सरफराज और हापुड़ से शहजाद भट्ठी का कनेक्शन इसका प्रमाण दे रहा है। पूछताछ के दौरान जब कई संदिग्धों को एजेंसियों ने हिरासत में लिया तो कई सदस्य ऐसे निकले जो जासूसी तो कर रहे थे लेकिन एक दूसरे को आपस में जानते नहीं थे। इसके चलते अन्य नेटवर्क की आशंका जोर पकड़ रही है।

इन स्थानों की कर चुके हैं रेकी

राजस्थान बाड़मेर, सीकर, पंजाब, असम, झारखंड, मुंबई, पुणे, कर्नाटक।

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